Mount Kilimanjaro: दिल्ली मूल की 42 वर्षीय पर्वतारोही ज्योति शर्मा ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे शिखर माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर सबसे कम समय में अकेले चढ़ाई कर रिकॉर्ड स्थापित किया है.
Mount Kilimanjaro: भारत के पर्वतारोहण जगत के लिए 26 जनवरी, 2026 का दिन स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज हो गया है. गाजियाबाद की निवासी और दिल्ली मूल की 42 वर्षीय पर्वतारोही ज्योति शर्मा ने अफ्रीका के सबसे ऊंचे शिखर माउंट किलिमंजारो (5,895 मीटर) पर सबसे कम समय में अकेले चढ़ाई कर एक नया ऐतिहासिक रिकॉर्ड स्थापित किया है. 77वें गणतंत्र दिवस के गौरवशाली अवसर पर सुबह 8:18 बजे ज्योति ने किलिमंजारो के ‘उहुरू शिखर’ पर तिरंगा फहराया. उन्होंने यह दुर्गम चढ़ाई मात्र 2 दिन, 19 घंटे और 44 मिनट में पूरी की. उनकी इस असाधारण उपलब्धि को तंजानिया के ‘किलींजारो नेशनल पार्क अथॉरिटी’ द्वारा आधिकारिक प्रमाणपत्र प्रदान किया गया है. प्राधिकरण ने जीपीएस ट्रैकिंग डेटा और समय के सटीक विवरण के साथ एक बारकोड-युक्त सर्टिफिकेट भी जारी किया है. इस पूरी यात्रा की निगरानी नेपाल की एक अग्रणी पर्वतारोहण कंपनी द्वारा की गई.
गृहनगर में जश्न का माहौल
ज्योति की यह उपलब्धि न केवल उनकी शारीरिक और मानसिक दृढ़ता का प्रमाण है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारतीय महिला शक्ति का लोहा भी मनवाती है. इस सफलता से पूरे देश और उनके गृहनगर में जश्न का माहौल है. उन्होंने मारंगू मार्ग से माउंट किलिमंजारो की चोटी पर पहुंचकर अपनी यात्रा की शुरुआत की. उनके अभियान में कई दुरुह मार्ग शामिल थे: मारंगू गेट से मंदारा हट तक वर्षावन से होते हुए, मंदारा से होरोम्बो हट तक दलदली क्षेत्र से होते हुए, होरोम्बो से किबो हट तक अल्पाइन रेगिस्तान से होते हुए और अंत में आर्कटिक क्षेत्र से होते हुए किलो हट से उहुरू शिखर तक का चुनौतीपूर्ण मार्ग. ज्योति शर्मा ने चोटी पर पहुंचने के बाद कहा कि भारत के 77वें गणतंत्र दिवस पर माउंट किलिमंजारो की चोटी पर खड़ा होना मेरे लिए बेहद भावुक क्षण था. यह चढ़ाई किसी रिकॉर्ड बनाने के बारे में नहीं थी, बल्कि यह साबित करने के बारे में थी कि अनुशासन, तैयारी और विश्वास आपको उम्र, डर और संदेह से परे ले जा सकते हैं.
सपनों की नहीं होती कोई उम्र
कहा कि मैं यह उपलब्धि अपने देश और उन सभी को समर्पित करती हूं जो सोचते हैं कि शुरुआत करने में बहुत देर हो चुकी है. एलआरएस सर्विसेज प्राइवेट लिमिटेड की मार्केटिंग ब्रांड एंबेसडर ज्योति कई वर्षों से पर्वतारोहण में सक्रिय रूप से शामिल हैं. उनकी यात्रा में 2023 में संदकफू पर चढ़ाई, 2024 में एवरेस्ट बेस कैंप पहुंचना और 2025 में ब्रिटेन की सबसे ऊंची चोटी बेन नेविस पर विजय प्राप्त करना शामिल है. इन अनुभवों ने उनकी सहनशक्ति और दृढ़ संकल्प को मजबूत किया है. उनके वरिष्ठ गाइड रमधानी मोहम्मदी अबेदी ने उनके दृढ़ संकल्प की प्रशंसा करते हुए कहा कि ज्योति, आप एक अविश्वसनीय रूप से मजबूत महिला हैं, एक सच्ची सुपरवुमन जो कभी हार नहीं मानती. कहा कि यह तो बस शुरुआत है और एक दिन आप लाखों लोगों को प्रेरित करेंगी. ज्योति ने कहा कि मेरे मन में बस यही था कि मैं अपने देश और अपने परिवार को गर्व का क्षण दूं और खुद से किया वादा निभाऊं कि सपनों की कोई उम्र नहीं होती.
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News Source: Press Trust of India (PTI)
