Iran War : ईरान और इजरायल का युद्ध काफी गहराता है. इसी बीच इजरायल द्वारा ईरान के गैस फील्ड पर हमला करने के बाद ग्लोबल लेवल पर ऊर्जा की कीमतों में भारी बढ़ोतरी देखी गई है.
Iran War : ईरान और इजरायल-अमेरिकी युद्ध की वजह से मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है. दोनों ही पक्षों एक-दूसरे पर ताबड़तोड़ बैलिस्टिक मिसाइल से हमले कर रहे हैं. इसी बीच ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने इजरायल को खुली चेतावनी दी है कि अगर उनके ऊर्जा ठिकानों पर हमला किया गया तो इसका मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा. साथ ही वह ‘जीरो रिस्ट्रेंट’ यानी शून्य संयम की नीति को भी अपनाएगा.
अपनी शक्ति का छोटा हिस्सा इस्तेमाल किया
सैय्यद अब्बास अराघची ने कहा कि हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर पर इजरायल के हमले के जवाब में हमने अपनी शक्ति का सिर्फ़ एक छोटा सा हिस्सा ही इस्तेमाल किया. संयम बरतने का एकमात्र कारण तनाव कम करने की अपील का सम्मान करना था. उन्होंने आगे कहा कि अगर हमारे इंफ्रास्ट्रक्चर पर दोबारा हमला हुआ, तो हम जरा भी संयम नहीं बरतेंगे. साथ ही इस युद्ध को खत्म करने के लिए हमारे नागरिक ठिकानों को हुए नुकसान का समाधान होना जरूरी है.
कतर की गैस सप्लाई में आएगी 17 फीसदी की कमी
मामला यह है कि ईरानी विदेश मंत्री का यह बयान ऐसे वक्त में आया है जब कतर के रास लाफान गैस संयंत्र पर ईरान हमले ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है. इस हमले के बाद कतर की गैस सप्लाई में 17 फीसदी की कमी आई है. अब इसका सीधा असर यूरोप, एशिया और अन्य देशों पर पड़ेगा और इन द्वीपों के देशों में आपूर्ति होने ठप होने का भी खतरा मंडराने लगा है. बता दें कि इजरायल ने ईरान के साउथ पार्स में हमला कर दिया था जो दुनिया के सबसे बड़े गैस फील्ड में से एक था. इस हमले के बाद ईरान बौखला गया और उसने मिडिल ईस्ट के दूसरे देशों में एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमला करना शुरू कर दिया. ईरानी हमलों की वजह से पहले ही ग्लोबल मार्केटिंग में एनर्जी की कीमतें आसमान छू रही हैं और अब यह समस्या चरम पर पहुंचने वाली हैं.
अमेरिकी नागरिकों पर लगेगा टैरिफ
इस पर विदेश मंत्री आराघची ने कहा कि इस ‘चुनी हुई जंग’ को शुरू हुए अभी सिर्फ़ तीन हफ़्ते ही हुए हैं, जो ईरानियों और अमेरिकियों, दोनों पर थोपी गई है. उन्होंने आगे कहा कि यह 200 अरब डॉलर तो बस ‘हिमशैल का सिरा’ (शुरुआत) भर है. आम अमेरिकी नागरिक, बेंजामिन नेतन्याहू और कांग्रेस में बैठे उनके चमचों का शुक्रिया अदा कर सकते हैं, जिनकी वजह से अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर खरबों डॉलर का ‘इज़रायल फ़र्स्ट टैक्स’ लगने वाला है.
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News Source: PTI
