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उत्तराखंड में धामी मंत्रिमंडल का विस्तार, इन पांच विधायकों ने ली मंत्रीपद की शपथ, देखें लिस्ट

by Neha Singh 20 March 2026, 11:34 AM IST (Updated 20 March 2026, 4:33 PM IST)
20 March 2026, 11:34 AM IST (Updated 20 March 2026, 4:33 PM IST)
Utarakhand Cabinet Expantion

Uttarakhand Cabinet Expantion: आज उत्तराखंड की धामी सरकार में मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ है. राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने राजभवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई. यहां देखें नए मंत्रियों की लिस्ट.

20 March, 2026

आज उत्तराखंड में पुष्कर सिंह धामी की सरकार ने अपने मंत्रिमंडल का विस्तार किया है. मंत्रिमंडल में खाली पांच सीटों पर नए मंत्रियों ने शपथ ली. राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने राजभवन में नए मंत्रियों को शपथ दिलाई, जिसमें मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद रहे. विधायक खजान दास, भरत सिंह चौधरी, मदन कौशिक, राम सिंह केड़ा और विधायक प्रदीप बत्रा ने आज मंत्रीपद की थपथ ली है. इस तरह से आज धामी कैबिनेट में मंत्रियों की संख्या पूरी 12 हो गई है.

धामी कैबिनेट के पांच नए मंत्री

  • राजपुर रोड, देहरादून से विधायक खजान दास मंत्री बने.
  • हरिद्वार विधानसभा क्षेत्र से विधायक मदन कौशिक ने पद और गोपनीयता की शपथ ली.
  • भीमताल से विधायक राम सिंह केड़ा मंत्री बने.
  • रुद्रप्रयाग से विधायक भरत सिंह चौधरी भी धामी कैबिनेट में शामिल हुए.
  • रुड़की से विधायक प्रदीप बत्रा मंत्री बने.

आज पूरा हुआ कैबिनेट

संवैधानिक नियमों के अनुसार, उत्तराखंड में राज्य कैबिनेट में ज्यादा से ज्यादा 12 सदस्य हो सकते हैं. पहले भी, राज्य में कई बार कैबिनेट विस्तार की अटकलों ने जोर पकड़ा, लेकिन कभी कुछ नहीं हुआ. जब BJP ने 2022 में उत्तराखंड में अपना दूसरा कार्यकाल शुरू किया, तो धामी ने नौ मंत्रियों के साथ पद की शपथ ली. अप्रैल 2023 में समाज कल्याण और परिवहन मंत्री चंदन रामदास की मृत्यु के बाद कैबिनेट की संख्या घटकर आठ हो गई. पिछले साल संसदीय मामलों और वित्त के प्रभारी प्रेम चंद अग्रवाल के इस्तीफे के बाद यह और घटकर सात हो गई. इस तरह पांच मंत्रीपद खाली थे. आज नए मंत्रियों के शपथ के साथ सीएम धामी का कैबिनेट पूरा हो गया है.

चुनाव से पहले कैबिनेट विस्तार

धामी के करीबी सूत्रों ने बताया कि राज्य में अगले विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय बचा है, ऐसे में कैबिनेट का विस्तार करना जरूरी था. सरकार के पिछले चार सालों के कार्यकाल में, 6 से 7 बार कैबिनेट विस्तार पर चर्चा हुई, लेकिन कभी कुछ नहीं हुआ. उत्तराखंड सरकार ने क्षेत्रीय-जातीय समीकरण साधते हुए यह विस्तार किया है.

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News Source: PTI

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