Delhi Crime : दिल्ली में एक आतंकी शहजाद भट्टी के सहयोगी को दिल्ली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया. वह उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला था और सोशल मीडिया पर लगातार आतंकियों को फॉलो कर रहा था.
- दिल्ली से प्रशांत त्रिपाठी की रिपोर्ट
Delhi Crime : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पाकिस्तान के गैंगस्टर से आतंकवादी बने शहजाद भट्टी और उसके साथियों द्वारा चलाए जा रहे एक टेरर सिंडिकेट को कामयाबी से खत्म कर दिया. इस ऑपरेशन में मॉड्यूल के एक खास मेंबर को गिरफ्तार किया गया. गैंगस्टर के मोबाइल फोन में शहज़ाद भट्टी और उसके विदेश में रहने वाले साथियों के साथ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक चैट मिली है. गिरफ्तार किया गया आरोपी हरमनदीप सिंह उर्फ हरमन (18 साल) प्रदीप का बेटा और वह उत्तर प्रदेश के रामपुर का रहने वाला है.
कई वस्तुएं की गई बरामद
- एक काले स्प्रे पेंट की बोतल जिसका इस्तेमाल तलवारा, होशियारपुर, पंजाब में तीन जगहों पर ‘TTH’ ग्रैफिटी लिखने के लिए किया गया था.
- एक मोबाइल फोन जिसमें पाकिस्तान के हैंडलर्स के साथ आपत्तिजनक चैट, साथ ही ग्रैफिटी की फोटो और वीडियो हैं
जानकारी और ऑपरेशन
स्पेशल सेल की ईस्टर्न रेंज ने पाकिस्तान के हैंडलर शहजाद भट्टी पर लगातार और सावधानी से निगरानी कर रही थी. जहां पर पता चला कि भारत में आतंकी गतिविधियों की योजना बनाने के लिए काम कर रहे थे.. निगरानी के दौरान पाया गया कि हरमनदीप सिंह उर्फ हरमन अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए शहजाद भट्टी और उसके विदेश में रहने वाले साथियों के साथ लगातार संपर्क में था. साथ ही हरमन ने दावा किया था कि उसके साथी दिल्ली के कश्मीरी गेट पर हुई गोलीबारी की घटना में शामिल था. इसके अलावा शहजाद भट्टी के पाकिस्तान में रहने वाले साथी ने भी सोशल मीडिया पर उस घटना की योजना बनाने की ज़िम्मेदारी ली थी. शहज़ाद भट्टी और उसके साथियों के कहने पर हरमन ने पंजाब के होशियारपुर के तलवारा में तीन जगहों पर ‘TTH’ ग्रैफ़िटी बनाई और उनके साथ उसकी फोटो और वीडियो शेयर किए. उसने दूसरों को भी उत्तर प्रदेश के रामपुर में ऐसी ही ग्रैफ़िटी करने के लिए उकसाया.
युवाओं को करते थे टारगेट
शहज़ाद भट्टी और उसके सहयोगियों समेत पाकिस्तानी हैंडलर, सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म के जरिए भारत में युवाओं को टारगेट करते थे. साथ ही उन्हें गैंग में शामिल करते थे और उनके सोशल मीडिया प्रोफ़ाइल को एनालाइज़ करके नए लोगों को चुनते थे. हैंडलर पूरे ऑपरेशन को दूर से कंट्रोल करते थे, जिसमें जासूसी, फ़ाइनेंशियल ट्रांज़ैक्शन, लॉजिस्टिक्स और टारगेट चुनना शामिल था. पुलिस की पूछताछ में पता चला कि यह एक स्ट्रक्चर्ड, विदेश से कंट्रोल होने वाला टेरर मॉड्यूल था जो भारत में पब्लिक जगहों पर ग्रेनेड हमलों समेत प्लान किए गए हमलों को अंजाम देने के लिए पैसे के लालच, दूर से दिए गए निर्देशों और डिस्पोजेबल ऑपरेटिव का इस्तेमाल करता था.
कम रिस्क वाले दिए जाते थे काम
लॉजिस्टिक सपोर्ट देना (कैश ट्रांसफर, रहने की जगह का इंतज़ाम करना).
सेंसिटिव जगहों की रेकी करना और वीडियो शेयर करना.
लोगों का ध्यान खींचने और नेटवर्क बढ़ाने के लिए सेंसिटिव जगहों पर ग्रैफ़िटी लिखना.
एक या दो कम रिस्क वाले काम पूरे होने के बाद हैंडलर ग्रेनेड अटैक या फायरिंग के काम देते हैं.
आरोपी का प्रोफ़ाइल
हरमनदीप सिंह उर्फ हरमन का जन्म और पालन-पोषण शादी उत्तर प्रदेश के जिला रामपुर में हुआ था. उसके पिता को शराब और ड्रग्स की लत थी, जिसकी वजह से उसकी मां अपने माता-पिता के साथ मटखेड़ा रामपुर में रहने लगी. हरमन ने अपनी शुरुआती पढ़ाई अपने गांव में की, लेकिन कोई दिलचस्पी न होने की वजह से छोड़ दी. स्कूल छोड़ने के बाद उसने कई जगहों पर काम किया.
लेकिन बाद में उसने एक मोबाइल फ़ोन खरीदा और सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर एक्टिव हो गया. आरोपी ने एक सोशल मीडिया अकाउंट बनाया और फ़ॉलोअर्स और पहचान पाने के मकसद से रील पोस्ट और शेयर करना शुरू कर दिया.
क्रिमिनल गैंग से जान-पहचान 2023 में अपने पिता से मारपीट के बाद, हरमन घर से भाग गया और ट्रेन से अमृतसर चला गया. वहां वह एक ऐसे आदमी के कॉन्टैक्ट में आया जिसने खुद को एक क्रिमिनल गैंग से जुड़ा बताया और अपनी सोशल मीडिया ID शेयर की. गैंगस्टरों की लाइफस्टाइल और फाइनेंशियल फायदों को दिखाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट से प्रभावित होकर, हरमन ने ऐसे ग्रुप में शामिल होने में दिलचस्पी दिखाई. उसने इंस्टाग्राम पर गैंग के कई मेंबर्स को फॉलो करना शुरू कर दिया और उनसे बातचीत करने लगा.
शहजाद भट्टी गैंग से जुड़ाव
हरमन ने पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी को इंस्टाग्राम पर फॉलो करना शुरू कर दिया और उसकी लाइफस्टाइल से प्रभावित हुआ. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए, हरमन धीरज धीरू के कॉन्टैक्ट में आया. इससे पहले, धीरज धीरू ने अपने साथियों के साथ मिलकर 25 नवंबर 2025 को हरियाणा के सिरसा में महिला पुलिस स्टेशन पर हैंड ग्रेनेड हमला किया था और बाद में इस मामले में उसे गिरफ्तार कर लिया गया था.
हरमन ने शहजाद भट्टी से जान-पहचान कराने के बदले में धीरज धीरू को फाइनेंशियल मदद भी दी थी. धीरे-धीरे, हरमन ने शहज़ाद भट्टी के पाकिस्तान में मौजूद दूसरे साथियों से कॉन्टैक्ट बनाया. इसके बाद शहज़ाद भट्टी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के ज़रिए हरमन को भारत में मौजूद एक आदमी, अनस से मिलवाया. शहज़ाद भट्टी ने हरमन को बताया कि ड्रोन के जरिए भारत में हथियार और गोला-बारूद की स्मगलिंग की जा रही है और जरूरत पड़ने पर सप्लाई की जाएगी. उसने बड़े पैसे के इनाम और दूसरी जगह बसने में मदद का भी वादा किया.
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