Congress Protest: पुलिस ने विरोध को देखते हुए पटवारी को घर में नजरबंद कर दिया. पुलिस ने भोपाल से लेकर रायसेन के रास्तों तक ऐसी नाकाबंदी की कि पटवारी अपने घर से बाहर कदम तक नहीं रख पाए.
Congress Protest: मध्यप्रदेश की सियासत में सोमवार को कृषि मेले को लेकर जमकर हाई वोल्टेज ड्रामा देखने को मिला. एक तरफ रायसेन में केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और नितिन गडकरी की मौजूदगी में भव्य समापन कार्यक्रम हो रहा है तो दूसरी तरफ कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी को कार्यक्रम स्थल पर जाने से रोक दिया गया. पुलिस ने विरोध को देखते हुए पटवारी को घर में नजरबंद कर दिया. पुलिस ने भोपाल से लेकर रायसेन के रास्तों तक ऐसी नाकाबंदी की कि पटवारी अपने घर से बाहर कदम तक नहीं रख पाए. रायसेन के तीन दिवसीय कृषि मेले का सोमवार को आखिरी दिन है.
चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल तैनात
पीसीसी चीफ जीतू पटवारी ने ऐलान किया था कि वे इस मेले में जाकर किसानों की बदहाली का मुद्दा उठाएंगे, लेकिन सुबह होते ही नजारा बदल गया. भोपाल में पटवारी के निवास से लेकर रायसेन हाईवे तक पुलिस ने अभेद्य किला बना दिया. चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल और वाटर कैनन की तैनाती बता रही थी कि सरकार विपक्ष के किसी भी विरोध को बर्दाश्त करने के मूड में नहीं है. जीतू पटवारी ने कहा कि मेरा मन कृषि मेले में जाने का था, मैंने पत्र लिखकर अनुमति भी मांगी थी.
विपक्ष से घबरा गई है सरकार
पटवारी ने कहा कि पुलिस अधिकारियों के फोन आए कि सरकार नहीं चाहती मैं वहां जाऊं. हम टकराव नहीं, संवाद चाहते थे. हम देखना चाहते थे कि खेती की जो आधुनिकता दिखाई जा रही है, वो जमीन पर क्यों नहीं है, सरकार विपक्ष की उपस्थिति से आखिर इतनी घबरा क्यों गई है. पटवारी यहीं नहीं रुके, उन्होंने कृषि मेले की चकाचौंध पर सवाल उठाते हुए इसे किसानों के साथ भद्दा मजाक बताया. उन्होंने आरोप लगाया कि एक तरफ दिल्ली से आए मंत्री उत्सव मना रहे हैं तो दूसरी तरफ मंडियों में किसान अपना गेहूं 2 हजार रुपये से भी कम में बेचने को मजबूर हैं.
महंगे खाद-बीज से किसान परेशान
इस सियासी रस्साकशी के बीच जीतू पटवारी ने पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह से भी मुलाकात की. इस मुलाकात के बाद राज्यसभा चुनाव को लेकर पटवारी ने जो दावा किया, उसने सियासी गलियारों में हलचल पैदा कर दी है. कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने कहा कि पार्टी हमेशा से किसानों के साथ है. बीजेपी सरकार में किसान त्रस्त हो गए हैं. किसानों को उनकी उपज का लागत मूल्य तक नहीं मिल पा रहा है. उन्होंने कहा कि इस सरकार में महंगे खाद-बीज की वजह से किसानों का खेती करना मुश्किल हो गया है.
ये भी पढ़ेंः डॉ. गोविंद सिंह ने चेताया- अवैध खनन न रुका तो सिंध और चंबल का मिट जाएगा नामोनिशान
