Home Top News होर्मुज की लहरों पर शांति का पैगाम: ईरान ने खोला रास्ता, ट्रंप ने जताया आभार, अब सुलह के संकेत

होर्मुज की लहरों पर शांति का पैगाम: ईरान ने खोला रास्ता, ट्रंप ने जताया आभार, अब सुलह के संकेत

by Sanjay Kumar Srivastava
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होर्मुज की लहरों पर शांति का पैगाम: ईरान ने खोला रास्ता, ट्रंप ने जताया आभार, अब इस्लामाबाद पर टिकीं निगाहें

Strait of Hormuz: अमेरिका के साथ युद्धविराम को देखते हुए ईरान ने होर्मुज को पूरी तरह से खोल दिया है.

Strait of Hormuz: अमेरिका के साथ युद्धविराम को देखते हुए ईरान ने होर्मुज को पूरी तरह से खोल दिया है. ईरान ने शुक्रवार को कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए पूरी तरह से खुला है. यह घोषणा ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने की है. अराघची ने कहा कि लेबनान में युद्धविराम के अनुरूप होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से सभी वाणिज्यिक जहाजों के लिए युद्धविराम की शेष अवधि के लिए मार्ग पूरी तरह से खुला घोषित किया गया है. ईरान के इस कदम पर राष्ट्रपति ट्रंप ने धन्यवाद जताया है.

पाकिस्तान करेगा शांति वार्ता की मेजबानी

उधर, पाकिस्तान ने अगले सप्ताह अमेरिका और ईरान के बीच होने वाली महत्वपूर्ण वार्ता के दूसरे दौर की मेजबानी की तैयारी शुरू कर दी है. यह वार्ता पश्चिम एशिया में जारी युद्ध को समाप्त करने के लिए एक महत्वपूर्ण शांति समझौते को लेकर हो रही है, जिसने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को गंभीर रूप से प्रभावित किया है. इसके पहले अमेरिका और ईरान ने पाकिस्तान में प्रत्यक्ष वार्ता की थी, जिसका उद्देश्य संघर्ष की समाप्ति था, लेकिन ये बातचीत रविवार सुबह बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई.

आसिम मुनीर पहुंचें तेहरान

पाकिस्तान के आधिकारिक सूत्रों ने शुक्रवार को बताया कि दोनों पक्षों को फिर से वार्ता की मेज पर लाने के लिए तेज कूटनीतिक गतिविधियां शुरू की गईं. दोनों देशों द्वारा अस्थायी दो सप्ताह के युद्ध विराम का पालन जारी रखने से पाकिस्तान को अपनी मध्यस्थता फिर से शुरू करने का अवसर मिला है. सुलह कराने के गुप्त प्रयासों के तहत पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ बुधवार को तीन देशों की यात्रा पर रवाना हुए, जबकि उसी दिन फील्ड मार्शल आसिम मुनीर तेहरान पहुंचे. प्रधानमंत्री शरीफ सऊदी अरब और कतर के नेताओं से चर्चा के बाद गुरुवार रात तुर्किये पहुंचे, जबकि फील्ड मार्शल ने ईरान में 24 घंटे से ज्यादा समय बिताकर वहां के राजनीतिक और सैन्य नेताओं से मुलाकात की.

इस्लामाबाद पहुंचने लगे जवान

अधिकारियों ने बताया कि हालांकि, पाकिस्तान में वार्ताओं पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन गुरुवार शाम से सुरक्षा अधिकारी अचानक सक्रिय हो गए. पाक अधिकारियों ने बताया कि इस्लामाबाद और पड़ोसी रावलपिंडी में तैयारियां शुरू हो गई हैं और अन्य प्रांतों से हजारों पुलिस और अर्द्धसैनिक बलों के जवान पहुंचने लगे हैं. पहले दौर की वार्ता के दौरान 10 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए थे. इस्लामाबाद और रावलपिंडी जिलों के अधिकारियों ने परिवहन कंपनियों से संपर्क कर उन्हें सूचित किया है कि अन्य शहरों से आने वाले या दोनों शहरों से जाने वाले यातायात को भारी प्रतिबंधों का सामना करना पड़ सकता है. इसमें नागरिकों से आग्रह किया गया है कि वे अगले सप्ताह अनावश्यक यात्रा से बचें या पहले से ही अच्छी तरह योजना बना लें.

वार्ता में आ सकते हैं ट्रंप

अधिकारियों ने बताया कि सड़क यातायात कम करने के लिए दोनों शहरों में शैक्षणिक संस्थान बंद किए जा सकते हैं और हवाईअड्डे के आसपास के बाजार भी बंद हो सकते हैं. अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि पिछली वार्ता में समझौता नहीं हो सका, क्योंकि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने को तैयार नहीं था. ईरानी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व करने वाले संसद अध्यक्ष मोहम्मद बगेर गालिबफ ने कहा कि उनकी टीम ने भविष्य उन्मुख पहलें रखीं, लेकिन दूसरी तरफ इस दौर में ईरानी प्रतिनिधिमंडल का भरोसा जीतने में विफल रही. संघर्ष 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमलों की शुरुआत के बाद शुरू हुआ, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार प्रभावित हुए और व्यापार बाधित हुआ.अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध विराम 22 अप्रैल को समाप्त होगा. शांति समझौते की संभावना को तब और बल मिला जब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने गुरुवार को कहा कि अगर इस्लामाबाद में अंतिम समझौता होता है तो वे यहां आ सकते हैं.

ये भी पढ़ेंः Middle East में शांति की किरण, इजरायल और लेबनान के बीच 10 दिनों के Ceasefire का आगाज

News Source: PTI

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