Women’s Reservation Bill : राहुल गांधी ने कहा कि महिलाओं को हमें सिर्फ रिजर्वेशन तक सीमित नहीं रखना है बल्कि ड्राइविंग सीट पर बैठना है. अगर उन्हें ऐसा मौका मिलता है तो वह निर्णय प्रक्रिया में भागीदार होंगी.
Women’s Reservation Bill : लोकसभा में महिला रिजर्वेशन को लेकर चल रही चर्चा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने भी भाग लिया. उन्होंने अपने भाषण की शुरुआत हल्के अंदाज में की, लेकिन कुछ ही देर में उनकी बातों से सदन में हंगामा मच गया. सत्ता पक्ष ने राहुल गांधी से माफी मांगने की अपील की. इसी बीच उन्होंने प्रियंका गांधी का जिक्र करते हुए कहा कि उन्होंने वो कर दिखाया है जो मैं बीते 20 सालों में भी नहीं कर पाया था और वह है अमित शाह को हंसाने का काम. इसके अलावा उन्होंने महिलाओं के मुद्दों को लेकर कहा कि हम उन्हें ड्राइविंग सीट पर बैठाना चाहिए, ताकि वह निर्णय प्रक्रिया में भागीदारी कर सकें. इसी कड़ी में हम उनके भाषण से जुड़ी 10 बातें बताने जा रहे हैं…
घबराहट भरी प्रतिक्रिया देखने को मिली
विमेंस रिसर्वेशन बिल पर राहुल गांधी ने कहा कि कल मैं प्रधानमंत्री को बोलते हुए देख रहा था. वह कम ऊर्जा, टूटे हुए, कुछ भी संचारित नहीं कर रहे थे और मुझे अचानक ध्यान आया कि कल 16 अप्रैल था. वह शामिल नहीं हो सके क्योंकि स्पष्ट रूप से इस विधेयक को पारित करने की कोशिश करना एक गलती थी, क्योंकि हर कोई जानता था कि अतीत में घबराहट की प्रतिक्रिया होने वाली थी.
विधेयक पारित नहीं किया जा सकता
कांग्रेस ने बोला कि यह महत्वपूर्ण है कि BJP जानती थी, वे बहुत स्पष्ट रूप से जानते थे कि यह विधेयक वास्तव में पारित नहीं किया जा सकता है. वे यह जानते थे. वे मूर्ख नहीं हैं. साथ ही हर विपक्षी व्यक्ति इसका विरोध करेगा. यह विधेयक पारित नहीं किया जा सकता. यह एक घबराहट भरी प्रतिक्रिया थी. यह एक घबराहट भरी प्रतिक्रिया थी क्योंकि किसी भी कीमत पर प्रधानमंत्री को दो संदेश भेजने की जरूरत थी. नंबर एक, उन्हें भारत के चुनावी मानचित्र को बदलने की जरूरत थी. दूसरी उन्हें फिर से एक संदेश भेजने की जरूरत थी कि वह महिला समर्थक हैं. वह ऐसा क्यों कर रहा है, मैं इसे आपकी कल्पना पर छोड़ता हूं. सच तो यह है कि बालाकोट का जादूगर, नोटबंदी का जादूगर और सिन्दूर का जादूगर अचानक पकड़ा गया है।”
जादूगर और व्यापारी के बीच साझेदारी
नेता प्रतिपक्ष ने यह भी कहा कि मेरी दादी ने मुझसे कहा था. सुनो राहुल, मैं चाहती हूं कि तुम अंधेरे में देख सको. मैं अपने भाइयों और बहनों को समझाऊंगा कि शिव का केंद्रीय विचार अंधेरे में देखना है. वह देखो जो दूसरे नहीं देख सकते, अपने डर को देखो. अपने डर के करीब जाओ, यही शिव का केंद्रीय विचार है. मैंने कहा-‘दादी क्यों?’ उन्होंने कहा- ‘राहुल, असली ताकत हमेशा अंधेरे में छुपी होती है. सबसे पहले अपने सत्य की तलाश करें, उस पर कायम रहें और दूसरा वास्तविक शक्ति, ताकत हमेशा छिपती है. वह कभी खुद को प्रकट नहीं करती है. हर कोई जानता है कि हमारे दोस्त जादूगर और व्यापारी के बीच एक साझेदारी है.
चिंता नहीं करनी चाहिए : राहुल गांधी
उन्होंने आगे कहा कि मैं देश भर में अपने दोस्तों, भाइयों और बहनों को आश्वस्त करना चाहता हूं. खासकर दक्षिणी राज्यों, छोटे राज्यों और पूर्वोत्तर राज्यों को चिंता नहीं करनी चाहिए. हम इसकी अनुमति नहीं देंगे. हम भारत संघ पर किसी भी हमले की अनुमति नहीं देंगे. आप भारत संघ में समान भागीदार हैं, और कोई भी आपके प्रतिनिधित्व को कमजोर करने की हिम्मत नहीं करेगा.
दलितों को देश में कोई जगह नहीं
इसके अलावा राहुल ने यह भी कहा कि आप ओबीसी, दलितों को हिंदू कहते हैं लेकिन उन्हें इस देश में कोई जगह नहीं देते.
आपकी भागीदारी छीन लेंगे
वहीं, राहुल ने कहा कि आप दक्षिणी, उत्तर-पूर्वी और अन्य राज्यों से कह रहे हैं कि BJP को सत्ता में बने रहने के लिए, आपकी भागीदारी छीन लेंगे. सरकार जो कर रही है वह राष्ट्र विरोधी कृत्य से कम नहीं है. हम आपको ऐसा करने की अनुमति नहीं देंगे, पूरा विपक्ष इसे हरा देगा.
विपक्ष इनको हरा देगा
राहुल ने बताया कि सरकार जो कर रही है वह राष्ट्र-विरोधी कृत्य से कम नहीं है. हम आपको ऐसा नहीं करने देंगे, पूरा विपक्ष इसे हरा देगा.
ताकत कम होने पर चिंतित हैं
लोकसभा में प्रतिपक्ष नेता कहा कि अमित शाह जी कहते हैं कि जाति जनगणना शुरू हो गई है. उन्होंने चतुराई दिखाने की कोशिश करते हुए कल दो बार दोहराया कि घरों में जातियां नहीं होती हैं. लेकिन मुद्दा यह नहीं है कि घरों में जातियां होती हैं या नहीं. मुद्दा यह है कि क्या जाति जनगणना का उपयोग संसद में प्रतिनिधित्व के लिए किया जाएगा. आप अपनी ताकत के क्षरण के बारे में चिंतित हैं और इसलिए आप भारत के राजनीतिक मानचित्र को फिर से बनाने की कोशिश कर रहे हैं. आप पहले ही असम और जम्मू-कश्मीर में ऐसा कर चुके हैं और अब आपको लगता है कि आप पूरे भारत में ऐसा कर सकते हैं.
तुरंत मूल विधेयक को लेकर आएं
उन्होंने आगे कहा कि यह एक शर्मनाक कृत्य है. महिला आरक्षण प्रदान करने के बजाय वह दूसरे कार्य कर रहे हैं. हर विपक्षी सदस्य अभी समर्थन करने के लिए तैयार है, लेकिन उन्हें तुरंत मूल विधेयक वापस लाना चाहिए और हम इसे इसी क्षण से कार्यान्वयन के लिए पारित करने में मदद करेंगे.
बिल को लेकर सच्चाई बतानी चाहिए
वह आगे कहते हैं कि अब जिसे महिला विधेयक के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है वह पूरी तरह से कुछ और है. इसके बारे में सच्चाई बताई जानी चाहिए. भारत के अतीत और वर्तमान दोनों के इतिहास में एक केंद्रीय सच्चाई है, जिसके बारे में मैं तेजी से जागरूक हो गया हूं. वह सच्चाई ओबीसी समुदायों, दलितों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के साथ क्रूर और अक्षम्य व्यवहार है. यह एक ऐतिहासिक तथ्य है और इस पर बहस करने की आवश्यकता नहीं है.
यह मामला अलग
राहुल कहते हैं कि यह ‘संविधान पर मनुवाद’ का मामला है.
सच्चाई बताने की जरूरत
राहुल गांधी ने कहा कि यहां कुछ सच्चाई बताने की जरूरत है. यह महिला बिल नहीं है और इसका महिला सशक्तिकरण से कोई लेना-देना नहीं है. यह चुनावी नक्शा बदलने की कोशिश है.
राष्ट्रीय कल्पना में महिलाएं हैं
उन्होंने यह भी बताया कि महिलाएं एक केंद्रीय शक्ति हैं, हमारी राष्ट्रीय कल्पना में और हमारे राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में एक प्रेरक शक्ति हैं. हम सभी इस कमरे में मौजूद प्रत्येक व्यक्ति ने अपने जीवन में महिलाओं से बहुत कुछ प्रभावित किया है, सिखाया है.
मेरा और प्रधानमंत्री का मुद्दा नहीं
राहुल ने कहा कि यह सच है कि प्रधान मंत्री और मेरे पास पत्नी का मुद्दा नहीं है. इसलिए हमें वह इनपुट नहीं मिलता है. कल मेरी बहन ने कुछ ऐसा हासिल किया जो मैं शायद 20 साल में नहीं कर पाया. वह है अमित शाह जी को हंसाने का.
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News Source: PTI
