Home Latest News & Updates Indian Rupee falls: कब थमेगी रुपये की गिरावट? 1 डॉलर = ₹96.38, जानिए एक्सपर्ट ने क्या कहा

Indian Rupee falls: कब थमेगी रुपये की गिरावट? 1 डॉलर = ₹96.38, जानिए एक्सपर्ट ने क्या कहा

by Amit Dubey 19 May 2026, 12:29 PM IST (Updated 19 May 2026, 4:17 PM IST)
19 May 2026, 12:29 PM IST (Updated 19 May 2026, 4:17 PM IST)
Indian Rupee falls

Indian Rupee falls: आज मंगलवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.38 पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 18 पैसे की गिरावट दर्ज करता है.

Indian Rupee Falls: पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका का संघर्ष रुकता हुआ नहीं दिख रहा है. इस वजह से दुनिया के लिए तेल और गैस की सप्लाई का अहम समुद्री रास्ता स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित हो चुका है. इस रास्ते दुनिया के करीब 20 फीसदी एनर्जी सेक्टर की चीजों की सप्लाई होती रही है. इसके बाधित हो जाने से कच्चे तेल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं.

वहीं, कच्चे तेल के बढ़ते दाम, डॉलर की मजबूत मांग और भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली ने रुपये को कमजोर कर दिया है. आज बाजार खुलते ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपये में 18 पैसे की गिरावट दर्ज की गई. अब एक डॉलर की कीमत 96.38 रुपये हो गई है. रुपये की इस लगातार गिरावट ने देश के विदेशी मुद्रा भंडार को भी प्रभावित करने लगी है.

डॉलर के मुकाबले 96.38 पर खुला रुपया

आज मंगलवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 96.38 पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 18 पैसे की गिरावट दर्ज करता है. सोमवार को भारतीय रुपया और कमजोर हुआ और अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रिकॉर्ड निचले स्तर 96.20 पर बंद हुआ था.

कब थमेगी रुपये की गिरावट?

रुपये की लगातार गिरावट को लेकर विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने अपनी बात कही है. उन्होंने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी के साथ-साथ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बंद होने से रुपये के निर्यात और खाड़ी देशों से आयात में बाधा आने के कारण रुपया कमजोर बना हुआ है.

वहीं, एक्सपर्ट और सीआर फॉरेक्स एडवाइजर्स के एमडी अमित पबारी ने कहा, “मार्केट के सामने इस समय सबसे बड़ी चुनौती सिर्फ दिशा नहीं, बल्कि विश्वास है. जब तक वैश्विक तनाव में स्पष्ट कमी नहीं आती और विदेशी निवेश में स्थिरता नहीं आती, तब तक रुपया दबाव में कारोबार करता रह सकता है और अस्थिरता उच्च बनी रहेगी.” मतलब कि एक्सपर्ट का कहना है कि जब वैश्विक तनाव कम होने लगेगा या कम हो जाएगा और भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की स्थिरता आ जाएगी, तब जाकर रुपये की गिरावट थम सकेगी.

उन्होंने आगे कहा कि तकनीकी रूप से, डॉलर के मुकाबले रुपया 94.80-95.10 का स्तर एक महत्वपूर्ण समर्थन क्षेत्र के रूप में काम करने की उम्मीद है. हालांकि, वैश्विक जोखिम में कमी के कोई ठोस संकेत न मिलने के कारण, करेंसी अब धीरे-धीरे 97 के स्तर की ओर अपनी रुख करती दिख रही है.

शेयर बाजार और विदेशी निवेशक

स्टॉक एक्सचेंज की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, भारतीय शेयर बाजार की बात करें तो, शुरुआती कारोबार में सेंसेक्स 366.71 अंक चढ़कर 75,706.88 पर पहुंच गया, जबकि निफ्टी 107.45 अंक बढ़कर 23,760 पर पहुंचा. एक्सचेंज के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशक (FIIs) लगातार तीसरे सत्र में भी नेट खरीदार बने रहे और सोमवार को उन्होंने 2,813.69 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे.

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News Source: PTI

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