Home राज्यDelhi ईंधन के बढ़ते दाम के खिलाफ चालकों में गुस्सा, दिल्ली में 21 से 23 मई तक नहीं चलेंगे टैक्सी-ऑटो

ईंधन के बढ़ते दाम के खिलाफ चालकों में गुस्सा, दिल्ली में 21 से 23 मई तक नहीं चलेंगे टैक्सी-ऑटो

by Sanjay Kumar Srivastava 19 May 2026, 3:52 PM IST (Updated 19 May 2026, 4:46 PM IST)
19 May 2026, 3:52 PM IST (Updated 19 May 2026, 4:46 PM IST)
ईंधन के बढ़ते दामों के खिलाफ चालकों का हल्लाबोलः दिल्ली में 21 से 23 मई तक नहीं चलेंगे टैक्सी-ऑटो

Delhi Taxi Drivers: पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम बढ़ाए जाने से दिल्ली टैक्सी चालक संघ का गुस्सा फूट पड़ा है. चालकों का कहना है कि ईंधन का दाम बढ़ने से उनकी कमाई पर फर्क पड़ा है, जिससे उनका अपने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है. चालकों ने किराए में बढ़ोतरी की मांग को लेकर अपनी आवाज मुखर कर दी है.

Delhi taxi drivers: पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम बढ़ाए जाने से दिल्ली टैक्सी चालक संघ का गुस्सा फूट पड़ा है. चालकों का कहना है कि ईंधन का दाम बढ़ने से उनकी कमाई पर फर्क पड़ा है, जिससे उनका अपने परिवार का भरण-पोषण करना मुश्किल हो गया है. चालकों ने टैक्सी और ऑटो किराए में बढ़ोतरी की मांग को लेकर अपनी आवाज मुखर कर दी है. अपने आंदोलन को धार देने के लिए दिल्ली के हजारों चालक 21 से 23 मई तक तीन दिवसीय हड़ताल पर रहेंगे. ऑल इंडिया मोटर ट्रांसपोर्ट कांग्रेस ने सोमवार को दिल्ली के उपराज्यपाल तरणजीत सिंह संधू और मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पत्र लिखकर अपनी मांगें उठाईं.

चालकों के सामने भरण-पोषण की समस्या

चालक शक्ति संघ के उपाध्यक्ष अनुज कुमार राठौड़ ने कहा कि सीएनजी, पेट्रोल और डीजल की लगातार बढ़ती कीमतों के कारण मध्यम वर्ग के वाहन चालकों को अपने परिवार का भरण-पोषण करने के लिए संघर्ष करना पड़ रहा है. इसलिए दिल्ली के अन्य संगठनों के साथ समन्वय में ‘चालक शक्ति संघ’ ने चक्का जाम (हड़ताल) का आह्वान किया है. संघ ने 21, 22 और 23 मई को वाहनों का संचालन नहीं करने की अपील की है. यूनियन ने कहा कि बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा, जिसके लिए पूरी तरह से दिल्ली सरकार जिम्मेदार होगी. वाणिज्यिक वाहनों के चालकों ने यह भी कहा कि टैक्सी चालकों के आर्थिक शोषण को रोकने के लिए मजबूत नीतियां बनाई जानी चाहिए.

किराया बढ़ाने की मांग

पत्र में कहा गया है कि संघ को पिछले साल दिल्ली उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा, जिसने स्पष्ट रूप से निर्देश दिया कि टैक्सी चालकों की समस्याओं का समाधान किया जाना चाहिए और टैक्सी किराया बढ़ाया जाना चाहिए. इसके बावजूद, दिल्ली सरकार यह कहकर बहाने बना रही है और इस मामले में देरी कर रही है कि फाइल मंजूरी के लिए उपराज्यपाल को भेज दी गई है. ड्राइवरों ने ऐप आधारित कैब कंपनियों के बारे में भी चिंता जताई.

15 वर्षों से दिल्ली-एनसीआर में नहीं बढ़ा किराया

आरोप लगाया कि वे किराया बढ़ा रहे हैं और मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं, जबकि दिल्ली में टैक्सी चालक आर्थिक शोषण और गुलामी जैसी स्थितियों का शिकार हो रहे हैं. कहा कि पिछले 15 वर्षों से दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में सिटी टैक्सियों का किराया नहीं बढ़ाया गया है. पत्र में कहा गया है कि इस बीच, सीएनजी, पेट्रोल, डीजल की कीमत कई गुना बढ़ गई है. पिछले हफ्ते दिल्ली ऑटो रिक्शा यूनियन और दिल्ली प्रदेश टैक्सी यूनियन ने भी मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में इसी तरह की चिंता जताई थी और किराया बढ़ाने की मांग की थी. यूनियनों ने कहा कि 23 मई को दिल्ली सचिवालय पर भी विरोध प्रदर्शन किया जाएगा.

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News Source: PTI

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