Rupee Today: पश्चिम एशिया का तनाव शांति की ओर बढ़ते-बढ़ते एक बार फिर से संघर्ष की ओर बढ़ गया है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास अमेरिकी सेना के हेलीकॉप्टर क्रैश के बाद एक बार फिर से ईरान और अमेरिका के बीच जंग शुरू हो गई है. इस नई जंग से कच्चे तेल के दाम बढ़ गए हैं और इसने भारतीय रुपये को फिर से झटका दिया है.
जी हां, पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष में नए सिरे से तनाव बढ़ने की वजह से कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया और रुपये पर दबाव बढ़ा. आज अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया 15 पैसों की गिरावट के साथ खुला है. वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड फ्यूचर्स कारोबार में 0.73 प्रतिशत बढ़कर 92.12 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था. बता दें कि मंगलवार को रुपया मजबूती के साथ बाजार में बंद हुआ था.
रुपया का 95.56 पर कारोबार की शुरुआत
जानकारी के अनुसार, बुधवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में रुपया 95.52 पर खुला. फिर इसमें गिरावट आई और शुरुआती कारोबार में यह 95.56 तक पहुंच गया, जो पिछले बंद भाव से 15 पैसे की गिरावट को दर्शाता है. मंगलवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 20 पैसे मजबूत होकर 95.41 पर बंद हुआ था.
क्यों रुपये में आई कमजोरी?
एक्सपर्ट और फॉरेक्स ट्रेडर्स ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा यह कहने के बाद कि ईरान होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक अमेरिकी सैन्य हेलीकॉप्टर को गिराने के लिए जिम्मेदार है और अमेरिका को इस हमले का जवाब “अवश्य” देना चाहिए. इसके बाद आज डॉलर और रुपये की जोड़ी निगेटिव रुख के साथ खुली.
व्यापारियों के अनुसार, पश्चिमी एशिया में नए सिरे से उत्पन्न भू-राजनीतिक तनावों के कारण भारतीय रुपया निगेटिव रुझान के साथ कारोबार कर रहा है और गंभीर दबाव में है. उन्होंने आगे कहा कि चूंकि भारत ऊर्जा आयात पर बहुत अधिक निर्भर है, इसलिए वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में किसी भी उछाल से व्यापार घाटा सीधे तौर पर बढ़ता है और घरेलू मुद्रा कमजोर होती है.
ईरान-अमेरिका की नई जंग
बता दें कि बीते दिनों स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास एक अमेरिकी अपाचे हेलीकॉप्टर क्रैश हो गया. यह इलाके में गश्ती कर रहा था. क्रैश के पीछे अमेरिका ने ईरान का हाथ बताया. उसके बाद अमेरिकी वायुसेना और नेवी ने ईरान के खिलाफ हमला शुरू कर दिया. इसके जवाब में, ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (आईआरजीसी) ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए ड्रोन और लंबी दूरी की मिसाइलों से हमले किए. ईरान ने बहरीन, कुवैत और जॉर्डन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाकर हमला शुरू कर दिया.
इस नए हमले से पश्चिम एशिया में एक बार फिर से तनाव बढ़ने की आशंका काफी बढ़ गई है. इससे कच्चे तेल के दाम में भारी बढ़ोतरी हो सकती है और यह बढ़त भारतीय रुपये के साथ-साथ शेयर बाजार, महंगाई के जरिए आम आदमी को भी झटका दे सकती है.
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News Source: PTI
