Rupee Today: ईरान और अमेरिका के बीच फिर से हमले शुरू होने से पश्चिम एशिया में युद्ध का खतरा मंडराने लगा है. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज से गुजरने वाले कई जहाजों पर ईरान के द्वारा हमला किया गया है. वहीं, इसके जवाब में अमेरिका ने भी ईरान के कई ठिकानों को निशाना बनाया है. अब तेहरान ने बहरीन, कुवैत, कतर समेत अन्य देशों पर भी हमला बोला है. इन सभी के बीच कच्चे तेल के दाम में फिर से बढ़ोतरी हो गई है और रुपया कमजोर होता दिखा है.
जी हां, आज सोमवार को मार्केट खुलते ही डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट दर्ज की गई. यह अमेरिकी करेंसी की तुलना में 39 पैसे गिर गया. आइए जानते हैं कि रुपये की क्या चाल है और इस कमजोरी पर एक्सपर्ट क्या कहते हैं.
95.77 पर पहुंच गया रुपया
कच्चे तेल की ऊंची कीमतों के दबाव के कारण सोमवार को शुरुआती कारोबार में रुपया अमेरिकी करेंसी के मुकाबले 39 पैसे गिरकर 95.77 पर आ गया. सोमवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया 95.72 पर खुला, फिर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.77 पर पहुंच गया, जिससे पिछले बंद भाव से 39 पैसे की गिरावट दर्ज की गई. मालूम हो कि शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 9 पैसे बढ़कर 95.38 पर बंद हुआ था.
एक्सपर्ट ने क्या कहा?
एक्सपर्ट और फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, “अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से शुरू हुई लड़ाई ने वैश्विक कच्चे तेल की आपूर्ति में बाधा की आशंकाओं को फिर से जीवित कर दिया है.”
वहीं, विदेशी मुद्रा व्यापारियों ने बताया था कि ब्रेंट तेल की कीमतें 79 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल से ऊपर बढ़ने के साथ, ईरान द्वारा होर्मुज को बंद घोषित करने के बाद भारतीय रुपया कमजोर खुलने की उम्मीद थी.
कच्चे तेल की कीमत में उछाल
रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 3.96 प्रतिशत बढ़कर 79.02 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया है. एक बाजार विश्लेषक के अनुसार, भू-राजनीतिक तनाव में वृद्धि ने कच्चे तेल की कीमतों में तीव्र उछाल ला दिया है, जिससे निवेशकों की भावना पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है.
आज घरेलू बाजार में भी गिरावट दर्ज की गई. दो दिनों की तेजी के बाद, शुरुआती कारोबार में 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 616.15 अंक गिरकर 76,946.97 पर आ गया. वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 190.50 अंक गिरकर 24,015 पर पहुंच गया.
News Source: PTI
