Rupee vs Dollar: पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच भारत के साथ दुनिया की कई मार्केट परेशान हैं. स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के बीते 28 फरवरी से बाधित होने से दुनिया के कई देशों की अर्थव्यवस्थाओं को काफी नुकसान हुआ है. इस बीच भारत की करेंसी रुपये में एक बार फिर से गिरावट देखी गई है.
जी हां, कच्चे तेल के दामों में उतार-चढ़ाव, भारतीय शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की बिकवाली और डॉलर की लगातार बढ़ती मांगों ने भारतीय करेंसी को कमजोर कर दिया है. सोमवार को रुपये में बढ़त दिखी थी, जो मंगलवार को फिर से गिर गई. आज मंगलवार को बाजार खुलते ही अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय करेंसी रुपये में 17 पैसे की गिरावट दर्ज की गई. यह बाजार खुलते ही गिरावट के साथ कारोबार करते हुए दिखा.
डॉलर के मुकाबले 95.4 पर रुपया
मंगलवार को बाजार खुलते ही रुपये में डॉलर के मुकाबले 17 पैसे की गिरावट दिखी. यह गिरावट बीते तीन कारोबारी सत्रों में तेजी के बाद आई है. आज अंतरबैंक विदेशी मुद्रा बाजार में, रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 95.43 पर खुला, जो पिछले बंद भाव से 17 पैसे कम है.
बता दें कि सोमवार को, आरबीआई द्वारा डॉलर की बिक्री और रुपये को सभी ऊपरी स्तरों पर मजबूत बनाए रखने के कारण रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 34 पैसे बढ़कर 95.26 पर बंद हुआ था. वहीं, शुक्रवार को रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 75 पैसे बढ़कर 95.60 पर बंद हुआ था.
क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, विदेशी मुद्रा व्यापारियों का कहना है कि भू-राजनीतिक तनाव के हाई बने रहने तक रुपये पर व्यापक दबाव जारी रहने की संभावना है. इसके अलावा, आरबीआई के उपाय और सहायता से कम समय के लिए राहत मिल सकती है और अस्थिरता को नियंत्रित किया जा सकता है. एक्सपर्ट और फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के ट्रेजरी प्रमुख और कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा, “आरबीआई की सक्रियता के चलते रुपये पर सट्टा दबाव काफी कम हो गया है और इक्विटी में बेहतर जोखिम लेने की प्रवृत्ति ने डॉलर के मुकाबले रुपये को मजबूत बनाए रखा है.”
ईरान-अमेरिका डील में देरी की आशंका
इस बीच, ईरान के खिलाफ नए हमलों की खबरों के बीच, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की डील की उम्मीदों पर पानी फिरता दिखा. इसके बाद ब्रेंट तेल की कीमतें 93 अमेरिकी डॉलर प्रति बैरल तक पहुंचने के बाद बढ़ गईं. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के साथ बातचीत “अच्छी तरह” आगे बढ़ रही है, लेकिन अधिकारियों ने बताया कि तेहरान द्वारा अपने सर्वोच्च नेता से सलाह करने के लिए उपयोग किए जाने वाले जटिल संचार नेटवर्क के कारण अंतिम निर्णय में कुछ समय लग सकता है. मतलब कि ईरान-अमेरिका डील में देरी की आशंका है.
Stock Market में सुबह का झटका, फिर शानदार वापसी! Sensex-Nifty ने पकड़ी रफ्तार
News Source: PTI
