Share Market: मिडिल ईस्ट में चल रही वॉर का असर अब हर तरफ नज़र आ रहा है. आज शेयर मार्केट में तगड़ी गिरावट दिखी. ऐसे में इस गिरावट की बड़ी वजह भी जान लें.
12 March, 2026
शेयर बाजार के इन्वेस्टर्स के लिए आज की सुबह किसी बुरे सपने जैसी रही. अगर आप सुबह-सुबह अपनी चाय की चुस्की के साथ पोर्टफोलियो चेक कर रहे थे, तो लाल निशानों ने जरूर आपका मूड खराब कर दिया होगा. बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज का इंडेक्स यानी सेंसेक्स करीब 900 अंक टूट गया. वहीं, निफ्टी भी 23,600 के लेवल से नीचे फिसल गया. शेयर मार्केट की इस गिरावट ने इन्वेस्टर्स के करोड़ों रुपये पल भर में साफ कर दिए. लेकिन सवाल ये है कि आखिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि बाजार में इतनी भगदड़ मच गई? अगर आप भी यही जानना चाहते हैं, तो हम लाए हैं शेयर मार्केट की पूरी कहानी.
कच्चे तेल की आग
शेयर मार्केट गिरने की सबसे बड़ी वजह है कच्चे तेल यानी क्रूड ऑयल की कीमतों में आया जबरदस्त उछाल. दरअसल, मिडिल ईस्ट में तनाव इस कदर बढ़ गया है कि ब्रेंट क्रूड की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार निकल गई हैं. खबर है कि ईरान और इजरायल के बीच चल रही वॉर के दौरान कुछ तेल टैंकरों पर हमले हुए हैं, जिससे सप्लाई पूरी तरह ठप हो गई है. हम सब जानते हैं कि, भारत अपनी जरूरत का ज्यादातर तेल बाहर से खरीदता है. ऐसे में जब तेल महंगा होता है, तो देश का खर्च बढ़ जाता है और महंगाई बढ़ने का डर सताने लगता है. यही डर आज शेयर बाजार पर हावी दिखा.
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ट्रेड वॉर का डर
मुसीबत यहीं खत्म नहीं हुई. अमेरिका ने भारत समेत 16 देशों के खिलाफ व्यापारिक जांच शुरू कर दी है. इस खबर से इन्वेस्टर्स का भरोसा डगमगा गया. उन्हें लगा कि आने वाले दिनों में एक्सपोर्ट-इंपोर्ट से जुड़े बिजनेस पर बुरा असर पड़ सकता है. वहीं, एक तरफ बाजार गिर रहा था, तो दूसरी तरफ भारतीय रुपया भी डॉलर के मुकाबले 31 पैसे टूटकर 92.32 के रिकॉर्ड निचले लेवल पर पहुंच गया. जब डॉलर मजबूत होता है, तो फॉरेन इन्वेस्टर्स भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालकर सेफ जगह भागने लगते हैं. आंकड़ों के मुताबिक, FII ने एक ही दिन में 6,267 करोड़ रुपये से ज्यादा के शेयर बेच डाले.
आगे क्या होगा?
शेयर मार्केट में डर का माहौल है. ऐसे में ‘इंडिया विक्स’ (Vix) भी 6 प्रतिशत चढ़ गया है, जो बताता है कि अभी हालात खराब हैं. एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब तक मिडिल ईस्ट में शांति नहीं होती और तेल की कीमतें नीचे नहीं आतीं, तब तक शेयर मार्केट में रिकवरी मुश्किल दिख रही है. फिलहाल इन्वेस्टर्स के लिए सलाह यही है कि वो जल्दबाजी में कोई फैसला न लें और बाजार की हलचल पर नजर बनाए रखें.
News Source: PTI
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