Asian Markets: आज गणेश चतुर्थी के त्योहार की वजह से भारतीय शेयर मार्केट बंद है. हालांकि, दुनियाभर के बाजारों में अच्छी हलचल देखने को मिल रही है. वहीं, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI की दुनिया में इन दिनों सिर्फ नई टेक्नोलॉजी ही नहीं, बल्कि उसकी रफ्तार और सुरक्षा को लेकर भी बड़ी बहस छिड़ी हुई है. इसका असर अब शेयर बाजार पर भी दिखाई देने लगा है. सोमवार को एशियाई बाजारों में मिला-जुला कारोबार देखने को मिला. लेकिन सबसे ज्यादा सुर्खियों में रहा जापान का सॉफ्टबैंक ग्रुप. ओपन AI में बड़े निवेशक सॉफ्टबैंक के शेयरों में करीब 11 फीसदी की भारी गिरावट दर्ज की गई.
AI को लेकर बहस
दरअसल, AI इंडस्ट्री में सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है. एंथ्रोपिक के सीईओ डारियो अमोदेई ने AI डेवलपमेंट की रफ्तार को कुछ हद तक धीमा करने की वकालत की है. खास बात ये है कि ओपन AI के CEO सैम ऑल्टमैन ने भी इस विचार का समर्थन किया. इसके बाद निवेशकों को चिंता सताने लगी कि कहीं सरकारें और रेगुलेटर्स AI के विकास पर नए नियम या प्रतिबंध न लगा दें. इसी चिंता का असर सॉफ्टबैंक के शेयरों पर पड़ा. कंपनी AI सेक्टर में बड़े दांव के लिए जानी जाती है और ओपन AI में उसका निवेश भी काफी महत्वपूर्ण है. बाजार में आशंका है कि अगर AI कंपनियों के विकास की रफ्तार धीमी हुई तो इससे चिप कंपनियों, AI इंफ्रास्ट्रक्चर और टेक्नोलॉजी से जुड़ी कंपनियों के कारोबार पर भी असर पड़ सकता है.
AI कंपनियों के शेयर भी दबाव में
सॉफ्टबैंक अकेला ऐसा शेयर नहीं रहा, जिस पर AI से जुड़ी चिंता का असर पड़ा. दक्षिण कोरिया की बड़ी मेमोरी चिप कंपनी एसके हाइनिक्स के शेयर करीब 5.3 फीसदी टूट गए. सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स में भी लगभग 2.8 फीसदी की गिरावट रही. जापान की टोक्यो इलेक्ट्रॉन में करीब 0.9 फीसदी और किओक्सिया होल्डिंग्स में लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई.
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एशियाई मार्केट्स का हाल
एशियाई बाजारों की बात करें तो साउथ कोरिया का कोस्पी करीब 2.5 फीसदी नीचे रहा. जापान का निक्की 225 भी 0.8 फीसदी गिरा. हालांकि, हांगकांग का हैंग सैंग करीब 0.3 फीसदी और शंघाई कम्पोजिट करीब 0.2 फीसदी ऊपर रहा. ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 लगभग 0.1 फीसदी बढ़ा.
कच्चे तेल ने बढ़ाई चिंता
दूसरी तरफ कच्चे तेल की कीमतों ने भी निवेशकों की चिंता बढ़ा दी. कच्चा तेल करीब 3.2 फीसदी चढ़कर 107.94 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया. अमेरिकी WTI क्रूड भी 3.2 फीसदी बढ़कर 103.26 डॉलर प्रति बैरल रहा. ईरान से जुड़े तनाव और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर बनी अनिश्चितता ने तेल बाजार को झटका दिया है. सऊदी अरब की तेल पाइपलाइन को बंद किए जाने की खबर ने भी सप्लाई को लेकर चिंता बढ़ाई. यही वजह है कि महंगा कच्चा तेल आने वाले दिनों में महंगाई और वैश्विक बाजारों के लिए बड़ी चुनौती बन सकता है.
फेड का आंकड़ों पर नज़र
शुक्रवार को अमेरिकी बाजार में हालांकि राहत दिखी. S&P 500 करीब 0.9 फीसदी चढ़ा, डाउ जोन्स 1 फीसदी और नैस्डैक करीब 1 फीसदी मजबूत हुआ. लेकिन अब निवेशकों की नजर फेडरल रिजर्व की बैठक पर है. अमेरिका में महंगाई अभी भी फेड के 2 फीसदी लक्ष्य से ऊपर है, ऐसे में ब्याज दरों को लेकर बाजार में सतर्कता बनी हुई है.
भारत में आज बाजार बंद
भारत में सोमवार, 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी के मौके पर शेयर बाजार में कारोबार नहीं होगा. NSE के आधिकारिक हॉलिडे कैलेंडर के मुताबिक 14 सितंबर को गणेश चतुर्थी ट्रेडिंग हॉलीडे है. इसलिए आज NSE और BSE पर नियमित इक्विटी ट्रेडिंग नहीं होगी. भारतीय निवेशकों के लिए अब अगला कारोबारी दिन वैश्विक बाजारों, कच्चे तेल की कीमतों और AI सेक्टर से जुड़ी खबरों के असर को समझने के लिहाज से खास रह सकता है. खासकर सॉफ्टबैंक और एशियाई टेक शेयरों में आई गिरावट का असर मार्केट पर पड़ सकता है.
News Source: PTI
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