Stock Market: सोमवार की सुबह शेयर मार्केट इन्वेस्टर्स के लिए किसी बुरे सपने से कम नहीं रही. US-Iran की टेंशन के बीच बड़ी-बड़ी कंपनियों के शेयर्स बुरी तरह से धड़ाम हो चुके हैं.
23 March, 2026
सोमवार की सुबह जब आप अपनी कॉफी का आनंद ले रहे थे, ठीक उसी वक्त शेयर बाजार में एक ऐसा तूफान आया जिसने इन्वेस्टर्स की नींद उड़ा दी. इसे ‘ब्लैक मंडे’ कहा जा रहा है क्योंकि हफ्ते की शुरुआत ही लाल निशान के साथ हुई. सेंसेक्स करीब 1300 अंकों तक लुढ़क गया और निफ्टी भी 22,700 के लेवल के पास पहुंच गया. अगर आंकड़ों पर नजर डालें, तो जब से अमेरिका-इरान के बीच वॉर शुरू हुई है, तब से निफ्टी अपने ऑल-टाइम हाई से करीब 14 प्रतिशत नीचे आ चुका है. आखिर ऐसा क्या हुआ कि अचानक बाजार का मूड इतना बिगड़ गया? अगर आप भी जानना चाहते हैं, तो आसान भाषा में समझते हैं.
कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें
भारत के लिए कच्चा तेल हमेशा से एक सेंसिटिव मुद्दा रहा है. ब्रेंट क्रूड की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर बनी हुई हैं. जब तेल महंगा होता है, तो भारत जैसे बड़े इम्पोर्टर देश के लिए मुश्किलें बढ़ जाती हैं. इससे न सिर्फ महंगाई बढ़ती है, बल्कि रुपया भी कमजोर होता है. साथ ही फॉरेन इन्वेस्टर्स का भी भरोसा टूटता है. यानी पेट्रोल-डीजल महंगा होने का डर सीधा शेयर मार्केट की सेहत बिगाड़ देता है.
फॉरेन इन्वेस्टर्स की नाराजगी
विदेशी पोर्टफोलियो निवेशक यानी FIIs लगातार भारतीय बाजार से अपना पैसा निकाल रहे हैं. मार्च के महीने में अब तक लगभग 90,152 करोड़ रुपये की बिकवाली हो चुकी है. एक्सपर्ट्स का मानना है कि मिडिल ईस्ट में जारी वॉर और इंडियन मार्केट से मिलने वाले कम रिटर्न की वजह से फॉरेन इन्वेस्टर्स अब दूसरे सेफ ऑप्शन्स की तलाश कर रहे हैं.
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‘डर’ का इंडेक्स
शेयर मार्केट में एक ‘इंडिया विक्स’ (India Vix) होता है, जिसे ‘डर मापने वाला मीटर’ भी कहा जाता है. सोमवार को ये इंडेक्स करीब 10 प्रतिशत बढ़कर 25 के लेवल पर पहुंच गया. जब ये मीटर ऊपर जाता है, तो इसका मतलब है कि इन्वेस्टर्स के मन में शेयर मार्केट को लेकर कन्फ्यूज़न और घबराहट बढ़ रही है.
दुनिया में तनाव
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता तनाव इस गिरावट की सबसे बड़ी वजह है. ईरान ने वॉर्निंग दी है कि अगर हमला हुआ तो वो हॉर्मुज को बंद कर देगा, जिससे दुनिया भर की एनर्जी सप्लाई ठप हो सकती है.
ग्लोबल मार्केट का हाल
भारतीय शेयर बाजार अकेला नहीं था जो गिर रहा था. एशियाई बाजारों में भी 3 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट देखी गई. दुनिया भर के इन्वेस्टर्स इस बात से परेशान हैं कि ये वॉर जल्द खत्म होती नहीं दिख रही है. इस लड़ाई का सीधा असर ग्लोबल इकोनॉमी पर पड़ेगा. तो अगली बार जब आप शेयर मार्केट में इन्वेस्ट करें, तो इन खबरों पर नजर जरूर रखें. फिलहाल के लिए, बाजार में थोड़ा संभलकर चलने की सलाह दी जा रही है.
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