UP Trade Show: उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में प्रदेश की समृद्ध खान-पान परंपरा और स्थानीय व्यंजनों का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है. ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में बनाए गए ओडीओसी (वन डिस्ट्रिक्ट वन क्यूजीन) पवेलियन में उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को खास अंदाज में प्रस्तुत किया जा रहा है. पवेलियन में बड़ी संख्या में पहुंच रहे लोग न सिर्फ यूपी के अलग-अलग क्षेत्रों के स्वाद का आनंद ले रहे हैं, बल्कि इनके पीछे छिपी परंपरा और स्थानीय उत्पादों की जानकारी भी हासिल कर रहे हैं.
सीख रहे ठेकुआ बनाने की विधि
इसी क्रम में ओडीओसी पवेलियन में आयोजित मास्टर शेफ क्लास इस समय आगंतुकों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बनी हुई है. क्लास में पूर्वांचल के पारंपरिक व्यंजन ठेकुआ को तैयार करने की विधि प्रत्यक्ष रूप से समझाई जा रही है. खास बात यह है कि ठेकुआ बनाने में मिर्जापुर के गुड़ का इस्तेमाल किया जा रहा है. इसके जरिए आगंतुकों को मिर्जापुर के गुड़ की विशेषताओं और उससे तैयार होने वाले विभिन्न उत्पादों से भी परिचित कराया जा रहा है. मास्टर शेफ क्लास में ठेकुआ बनाने की पूरी प्रक्रिया को आगंतुकों के सामने प्रस्तुत किया जा रहा है.
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विशेषज्ञ उन्हें सामग्री के चयन से लेकर मिश्रण तैयार करने और ठेकुआ को अंतिम रूप देने तक की बारीकियां समझा रहे हैं. इसके साथ ही पूर्वांचल से जुड़े अन्य स्थानीय खाद्य उत्पादों और पारंपरिक व्यंजनों की भी जानकारी दी जा रही है. आगंतुक विशेषज्ञों से सीधे संवाद कर अपनी जिज्ञासाओं का समाधान कर रहे हैं और यूपी के पारंपरिक स्वाद को करीब से समझ रहे हैं. यह पहल भोजन को केवल स्वाद तक सीमित रखने के बजाय उसके साथ जुड़ी स्थानीय संस्कृति, परंपरा और अर्थव्यवस्था को भी लोगों के सामने रखने का प्रयास है.

प्रसिद्ध शेफ सोखी ने खान-पान से जुड़े सवालों के दिए जवाब
ओडीओसी की मास्टर शेफ क्लास में प्रसिद्ध शेफ हरपाल सिंह सोखी भी रविवार को मौजूद थे. उनकी मौजूदगी में आगंतुकों को उत्तर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों को आधुनिक पाक कला के साथ जोड़ने की बारीकियां समझने का अवसर मिला. आगंतुकों ने उनसे संवाद किया और यूपी की विविध खान-पान परंपरा से जुड़े सवाल भी पूछे.
‘खाऊ गली’ में बढ़ी भीड़, कई उत्पादों की मांग
ओडीओसी पवेलियन में बनी ‘खाऊ गली’ भी ट्रेड शो में आने वाले लोगों के बीच खास आकर्षण बनी हुई है. यहां प्रदेश के अलग-अलग अंचलों के पारंपरिक व्यंजनों और खाद्य उत्पादों का स्वाद लेने के लिए लगातार भीड़ उमड़ रही है. दिन ढलने के साथ कई स्टॉलों पर उत्पादों की मांग इतनी बढ़ी कि कुछ उत्पादों की उपलब्धता कम पड़ने लगी. आगंतुक यूपी के पारंपरिक स्वाद को पसंद करने के साथ-साथ संबंधित जिलों और वहां के स्थानीय उत्पादों के बारे में भी जानकारी ले रहे हैं.
75 जिलों का खान-पान एक मंच पर
उत्तर प्रदेश सरकार की पहल से तैयार ओडीओसी पवेलियन में प्रदेश के सभी 75 जिलों की खान-पान विरासत को एक मंच पर प्रस्तुत किया जा रहा है. अलग-अलग क्षेत्रों के व्यंजनों और खाद्य परंपराओं को उनके भौगोलिक एवं सांस्कृतिक संदर्भ के साथ प्रदर्शित किया गया है. ब्रज की मिठास से लेकर अवध के जायके, बुंदेलखंड की विशिष्टता, पश्चिमी उत्तर प्रदेश के पारंपरिक स्वाद और पूर्वांचल के व्यंजनों तक ओडीओसी पवेलियन उत्तर प्रदेश की ‘एक प्रदेश, अनेक स्वाद’ वाली पहचान को सामने ला रहा है.
स्थानीय स्वाद को वैश्विक मंच देने की पहल
योगी सरकार की ओर से प्रदेश की खान-पान विरासत को संरक्षित करने और उसे व्यापक पहचान दिलाने की दिशा में ओडीओसी को महत्वपूर्ण पहल के रूप में प्रस्तुत किया जा रहा है. यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रदेश के पारंपरिक व्यंजनों और स्थानीय खाद्य उत्पादों की प्रस्तुति से इन्हें देश-विदेश से आए आगंतुकों तक पहुंचने का अवसर मिल रहा है.
कारीगरी से लेकर आधुनिक कौशल तक की ले रहे जानकारी
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के युवाओं को कौशल, रोजगार और आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की झलक यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो-2026 में देखने को मिली. इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में उत्तर प्रदेश कौशल विकास मिशन (यूपीएसडीएम) के पवेलियन में ‘आओ करके सीखें’ थीम के तहत कौशल का ऐसा जीवंत प्रदर्शन किया गया, जहां दर्शक केवल हुनर को देखते ही नहीं, बल्कि खुद हाथ आजमाकर उसे सीखने का अनुभव भी ले रहे हैं. यूपीएसडीएम पवेलियन में 16 अलग-अलग कौशलों के लाइव प्रदर्शन और सहभागिता आधारित गतिविधियां आयोजित की जा रही हैं. पारंपरिक कारीगरी से लेकर आधुनिक कौशल तक, पवेलियन का प्रत्येक स्टॉल दर्शकों को कुछ नया सीखने और उसे स्वयं आजमाने का अवसर दे रहा है.

मिट्टी से कलाकृति तक, खुद करके सीख रहे दर्शक
पवेलियन में आयोजित लाइव प्रदर्शन लोगों के आकर्षण का प्रमुख केंद्र बने हुए हैं. पॉटरी और टेराकोटा स्टॉल पर दर्शक मिट्टी को अपने हाथों से आकार देकर कलाकृतियां तैयार कर रहे हैं. वहीं चिकनकारी स्टॉल पर लोग सुई-धागे के जरिए बारीक कारीगरी को समझने और खुद करने का प्रयास कर रहे हैं. खास बात यह है कि यहां कौशल को केवल प्रदर्शन के रूप में पेश नहीं किया जा रहा, बल्कि ‘देखिए, समझिए और खुद करके सीखिए’ की अवधारणा के साथ लोगों को सीधे इससे जोड़ा जा रहा है. विभिन्न ‘डू इट योरसेल्फ’ गतिविधियों के माध्यम से बच्चों से लेकर युवाओं और अन्य आगंतुकों तक को अलग-अलग कौशलों का प्रत्यक्ष अनुभव मिल रहा है.
‘स्किल मंच’ पर युवाओं ने बांधा समां
यूपीआईटीएस-2026 में ‘स्किल मंच’ भी युवाओं की प्रतिभा का प्रमुख केंद्र बना रहा. यहां युवाओं ने गायकी और फाइन आर्ट्स समेत विभिन्न रचनात्मक विधाओं में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया. ‘हुनर’ थीम पर आयोजित गतिविधियों में युवाओं ने रंगों और रचनात्मकता के माध्यम से अपनी कल्पनाओं को आकार दिया. मंच पर प्रस्तुत प्रतिभाओं ने दर्शकों को आकर्षित किया और युवाओं की रचनात्मक क्षमता को सामने रखा. पहली बार शुरू किए गए इस मंच का उद्देश्य युवाओं को अपनी प्रतिभा प्रदर्शित करने के साथ-साथ कौशल, करियर और रचनात्मक अवसरों से जोड़ना है.
रोजगार और आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता यूपी
योगी सरकार उत्तर प्रदेश में युवाओं को पारंपरिक शिक्षा के साथ रोजगारपरक कौशल उपलब्ध कराने और उन्हें उद्योग की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने पर जोर दे रही है. यूपीएसडीएम के माध्यम से युवाओं को विभिन्न क्षेत्रों में प्रशिक्षण देकर उनके लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर तैयार किए जा रहे हैं. यूपीआईटीएस जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर कौशल विकास को प्रदर्शित करने से प्रदेश के युवाओं के हुनर को व्यापक पहचान मिलने के साथ यह संदेश भी जा रहा है कि कौशल केवल रोजगार का माध्यम नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की मजबूत नींव है.
पारंपरिक हुनर और आधुनिक कौशल का संगम
यूपीएसडीएम पवेलियन में एक ओर चिकनकारी, पॉटरी और टेराकोटा जैसे पारंपरिक कौशल लोगों को आकर्षित कर रहे हैं, तो दूसरी ओर आधुनिक कौशल से जुड़ी गतिविधियां युवाओं को बदलते रोजगार बाजार की संभावनाओं से परिचित करा रही हैं. इस पहल के जरिए उत्तर प्रदेश की पारंपरिक कारीगरी को संरक्षित करने के साथ उसे नई पीढ़ी और नए बाजार से जोड़ने का प्रयास भी दिखाई दे रहा है. यूपीएसडीएम पवेलियन की ‘आओ करके सीखें’ थीम ने कौशल विकास को देखने के बजाय उसे अनुभव करने का अवसर दिया है. यही वजह है कि पवेलियन में लगातार दर्शकों की आवाजाही बनी है.
ठोस अपशिष्ट प्रबंधन से स्वच्छ और सुंदर शहरों का निर्माण संभव
नोएडा स्थित एक्सपो मार्ट में आयोजित उत्तर प्रदेश के चौथे इंटरनेशनल ट्रेड शो में नगर विकास मंत्री एके शर्मा ने कहा कि वेस्ट मैनेजमेंट आज एक बड़ी बिजनेस अपॉर्चुनिटी भी बन सकता है. सीबीजी, वेस्ट-टू-एनर्जी, बायोफ्यूल और रिसाइक्लिंग एवं री-प्रोसेसिंग जैसे क्षेत्रों में अपशिष्ट का उपयोग कर नए उद्योगों और रोजगार के अवसर पैदा किए जा सकते हैं. उन्होंने नगरों को और अधिक स्वच्छ, सुंदर एवं स्वस्थ बनाने के लिए नवीनतम तकनीक के माध्यम से ठोस अपशिष्ट के वैज्ञानिक एवं व्यवस्थित प्रबंधन पर विशेष बल दिया.
उन्होंने बताया कि स्वच्छ वायु सर्वेक्षण में उत्तर प्रदेश के कई शहरों ने देश में उल्लेखनीय स्थान प्राप्त किया है. नगर विकास मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में प्रदेश सरकार नागरिकों को बेहतर सुविधाएं और स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण उपलब्ध कराने के लिए निरंतर कार्य कर रही है.
ट्रेड शो बना कक्षा से वैश्विक मंच तक का सेतु
इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में आयोजित ‘विकसित भारत मॉडल यूनाइटेड नेशंस (MUN)’ में कक्षा 9 से 12 तक के 14 विद्यालयों के 100 से अधिक विद्यार्थियों ने विभिन्न देशों के प्रतिनिधियों की भूमिका निभाते हुए वैश्विक व्यापार, विश्व अर्थव्यवस्था, तकनीक और बदलती वैश्विक आपूर्ति शृंखला से जुड़े अहम मुद्दों पर विचार-विमर्श किया. यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो में आयोजित इस पहल ने विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तकों से आगे निकलकर वैश्विक व्यापार की वास्तविक दुनिया को समझने का अवसर दिया. विद्यार्थियों ने जाना कि किसी उत्पाद के निर्माण से लेकर उसके दुनिया के अलग-अलग बाजारों तक पहुंचने में वैश्विक सप्लाई चेन, तकनीक, व्यापार समझौते और नीतियां किस प्रकार भूमिका निभाती हैं.

उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को सम्मान
कार्यक्रम के दौरान विभिन्न देशों का प्रभावी प्रतिनिधित्व करने और चर्चा में उल्लेखनीय योगदान देने वाले विद्यार्थियों को ‘बेस्ट डेलीगेट’, ‘हाई कमेंडेशन’ और ‘स्पेशल मेंशन’ जैसे पुरस्कार प्रदान किए गए. सभी प्रतिभागियों को सहभागिता प्रमाण-पत्र भी प्रदान किए गए. आयोजन के माध्यम से ‘विकसित भारत 2047’ की परिकल्पना को नई पीढ़ी के साथ जोड़ने का प्रयास किया गया. वैश्विक व्यापार, तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ई-कॉमर्स और आपूर्ति शृंखला जैसे विषयों पर संवाद ने विद्यार्थियों को भविष्य की अर्थव्यवस्था की बदलती तस्वीर से परिचित कराया. ट्रेड शो में आयोजित यह मॉडल यूनाइटेड नेशंस इस मायने में भी महत्वपूर्ण रहा कि विद्यार्थियों को पहली बार बड़े अंतरराष्ट्रीय व्यापार आयोजन के बीच बैठकर उन विषयों पर विचार रखने का अवसर मिला, जो आने वाले वर्षों में वैश्विक अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे.
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