Rajnath Singh: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को पाकिस्तान को कड़ा संदेश देते हुए कहा कि अगर पड़ोसी देश अपनी आतंकवाद की सरकारी नीति जारी रखता है, तो भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी भी तरह की कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह तैयार है. उन्होंने यह भी कहा कि भारत किसी भी हाल में राष्ट्रीय सुरक्षा से समझौता नहीं करेगा. सिंह ने कहा कि भारत न तो टकराव चाहता है और न ही किसी दूसरे देश की ज़मीन पर कब्ज़ा करना चाहता है, लेकिन शांति और कायरता के बीच फ़र्क होता है.
शांति में विश्वास करता है भारत
सिंह ने कहा कि भारत शांति में विश्वास करता है. भारत कभी युद्ध नहीं चाहता. भारत दुनिया के किसी भी विदेशी देश की ज़मीन पर कब्ज़ा नहीं करना चाहता. भारत किसी को धमकाना भी नहीं चाहता. लेकिन शांति और कायरता में फ़र्क है, और पूरी दुनिया को यह समझना चाहिए. रक्षा मंत्री ने कहा कि भारत बातचीत में विश्वास करता है, लेकिन बातचीत की गुंजाइश तब खत्म हो जाती है जब कोई देश भारत के खिलाफ आतंकवाद को समर्थन और पनाह देता है.
आतंकवाद को पनाह मिलने पर संवाद के रास्ते बंद
उन्होंने बिश्केक में 26वें शंघाई सहयोग संगठन (SCO) शिखर सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बातों का ज़िक्र करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने साफ़ तौर पर कहा है कि जो देश आतंकवाद को अपनी नीति बनाते हैं, आतंकवादियों को पनाह और समर्थन देते हैं, उन्हें यह कड़ा संदेश दिया जाना चाहिए कि आतंकवाद किसी भी हाल में किसी के लिए भी रणनीतिक संपत्ति नहीं हो सकता. पाकिस्तान को सीधी चेतावनी देते हुए सिंह ने कहा कि जब तक हमारा पड़ोसी आतंकवाद की सरकारी नीति जारी रखेगा, भारत आतंकवाद के खिलाफ हर तरह की कार्रवाई के लिए पूरी तरह तैयार है. हम अपने पड़ोसी और दुनिया को भी यह बताना चाहते हैं.
राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि
रक्षा मंत्री ने यह भी कहा कि दूसरे देशों के साथ भारत के ऑपरेशन और सहयोग हमेशा राष्ट्रीय हितों पर आधारित होंगे. उन्होंने कहा कि भारत ऑपरेशन चाहता है, लेकिन हम राष्ट्रीय हितों की कीमत पर ऑपरेशन नहीं चाहते. भारत सहयोग चाहता है, लेकिन राष्ट्रीय हितों की कीमत पर नहीं. भारत वैश्विक स्थिरता चाहता है, लेकिन अपनी रणनीतिक स्वायत्तता की कीमत पर नहीं. हमारी नीति बहुत स्पष्ट है. भारत शांति का पक्षधर है, लेकिन भारत अपनी सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह का समझौता नहीं करेगा. सिंह की ये टिप्पणियां आतंकवाद और सुरक्षा चिंताओं को लेकर अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत और पाकिस्तान के बीच चल रही बयानबाज़ी के बीच आईं.
आतंक और बातचीत एक साथ नहीं
इससे पहले इस महीने, प्रधानमंत्री मोदी ने बिश्केक में 26वें SCO शिखर सम्मेलन को संबोधित करते हुए आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करने का आह्वान किया था. शनिवार को UN जनरल असेंबली में विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने भी पाकिस्तान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि आतंकवाद को लगातार बढ़ावा देने वाले एक देश ने इस सभा के सामने तथ्यों को गलत तरीके से पेश किया. उन्होंने कहा कि दोस्ती और सद्भावना आतंकवाद के साथ नहीं चल सकती, और ऐसी सोच पर आधारित समझौतों पर स्वाभाविक रूप से सवाल उठेंगे.
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News Source: ANI
