Home Latest News & Updates गुजरात CID की बड़ी कार्रवाई: 226 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

गुजरात CID की बड़ी कार्रवाई: 226 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो रैकेट का भंडाफोड़, दो गिरफ्तार

by Nikul Patel 5 June 2026, 6:30 PM IST (Updated 5 June 2026, 6:31 PM IST)
5 June 2026, 6:30 PM IST (Updated 5 June 2026, 6:31 PM IST)
गुजरात CID की बड़ी कार्रवाई: 226 करोड़ के अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो रैकेट का भंडाफोड़, भावनगर से दो गिरफ्तार

Cyber ​​Crime: गुजरात में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत सीआईडी क्राइम के साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस को बड़ी सफलता मिली है. एजेंसी ने 226 करोड़ रुपये के अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो करेंसी रैकेट का पर्दाफाश करते हुए भावनगर से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. जांच एजेंसियों का दावा है कि इस नेटवर्क के तार अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स सिंडिकेट, मनी लॉन्ड्रिंग और आतंकी फंडिंग से जुड़े हुए हैं. मामले की गंभीरता को देखते हुए विभिन्न एजेंसियां इसकी गहन जांच में जुट गई हैं. गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 23 वर्षीय हादीरजा शबीरअली सरानी और 36 वर्षीय मोहम्मद जामीन अब्बासअली जीगर के रूप में हुई है. पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी भावनगर के रहने वाले हैं और क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से संदिग्ध वित्तीय लेन-देन में शामिल थे.

अब तक 12 गिरफ्तार

इस मामले में इससे पहले भी 10 अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. इस तरह अब तक कुल 12 लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है. सीआईडी क्राइम के अधिकारियों के मुताबिक साइबर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की तकनीकी टीम ने ब्लॉकचेन एनालिसिस और डिजिटल फॉरेंसिक तकनीकों का उपयोग करते हुए संदिग्ध ट्रांजेक्शनों की जांच की. जांच के दौरान करोड़ों रुपये के क्रिप्टो लेन-देन का पता चला, जिसके बाद इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ.

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने अपने पिता के केवाईसी दस्तावेजों का कथित तौर पर गलत इस्तेमाल किया और अंतरराष्ट्रीय क्रिप्टो एक्सचेंज प्लेटफॉर्म पर फर्जी वॉलेट तैयार किए. इन वॉलेट्स के माध्यम से विदेशी स्रोतों से क्रिप्टो करेंसी प्राप्त की गई और बाद में विभिन्न खातों तथा डिजिटल वॉलेट्स में उसका ट्रांसफर किया गया. पुलिस का दावा है कि जांच में एक ऐसे नेटवर्क का पता चला है, जिसके संबंध अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय ड्रग्स तस्करी और मनी लॉन्ड्रिंग गतिविधियों से जुड़े हो सकते हैं.

इसके अलावा जांच एजेंसियों को आतंकी संगठन अंसारुल्लाह उर्फ हौती से जुड़े वित्तीय लेनदेन के संकेत भी मिले हैं. अधिकारियों के अनुसार आरोपियों के डिजिटल वॉलेट में लगभग 5000 यूएसडीटी मूल्य की संदिग्ध या तथाकथित डर्टी क्रिप्टो ट्रांजेक्शन का पता चला है, जिसकी जांच जारी है. मामले में गुजरात साइबर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है.

लोगों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर अन्य धाराएं भी जोड़ी जा सकती हैं. इस पूरे मामले पर सीआईडी साइबर क्राइम के एसपी संजय केशवाला ने बताया कि साइबर अपराधी अब पारंपरिक बैंकिंग प्रणाली के साथ-साथ क्रिप्टो करेंसी का भी उपयोग कर रहे हैं.

ऐसे मामलों में ब्लॉकचेन एनालिसिस और डिजिटल इंटेलिजेंस की मदद से लेन-देन को ट्रैक किया जाता है. उन्होंने कहा कि जांच एजेंसियां इस नेटवर्क के देश और विदेश में मौजूद अन्य संभावित कनेक्शनों की भी पड़ताल कर रही हैं. साइबर पुलिस ने इस कार्रवाई के साथ आम नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी भी जारी की है.

ऑनलाइन ऑफर्स से रहें सावधान

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी व्यक्ति को अपना बैंक खाता किराए पर न दें और न ही अनजान लोगों के कहने पर क्रिप्टो ट्रेडिंग या निवेश के नाम पर धनराशि ट्रांसफर करें. इसके अलावा सोशल मीडिया पर मिलने वाले आकर्षक निवेश प्रस्तावों, तेजी से मुनाफा कमाने के दावों और संदिग्ध ऑनलाइन ऑफर्स से भी सावधान रहने की सलाह दी गई है.

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि डार्कवेब के माध्यम से ड्रग्स खरीदना, अवैध लेनदेन करना या संदिग्ध डिजिटल गतिविधियों में शामिल होना गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है. फिलहाल जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही हैं और इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है.

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