Haryana Politics: हरियाणा में राज्यसभा चुनाव के बाद शुरू हुआ सियासी विवाद अब नए मोड़ पर पहुंच गया है. कांग्रेस द्वारा क्रॉस वोटिंग के आरोप में निलंबित की गई साढ़ौरा विधायक रेणू बाला के पति ऋषिपाल ने भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया है. यमुनानगर के व्यासपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने उन्हें और उनके समर्थकों को भाजपा की सदस्यता दिलाई.
CM सैनी की मौजूदगी में हुए शामिल
शुक्रवार को व्यासपुर गांव में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहुंचे. इस दौरान साढ़ौरा विधायक रेणू बाला के पति ऋषिपाल अपने समर्थकों के साथ मंच पर पहुंचे और भाजपा का पटका पहनकर पार्टी में शामिल हो गए. मुख्यमंत्री ने उनका स्वागत करते हुए कहा कि भाजपा की नीतियों और प्रदेश सरकार के कार्यों से प्रभावित होकर लगातार लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं.
राज्यसभा चुनाव के बाद बढ़ी थीं कांग्रेस और रेणू बाला के बीच दूरियां
हरियाणा में हुए राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर बड़ा राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया था. पार्टी प्रत्याशी की हार के बाद कांग्रेस नेतृत्व ने कुछ विधायकों पर क्रॉस वोटिंग का आरोप लगाया था. इनमें साढ़ौरा विधायक रेणू बाला का नाम भी प्रमुखता से सामने आया था.चुनाव परिणाम आने के बाद कांग्रेस ने संबंधित विधायकों से जवाब मांगा और अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की. इसी क्रम में रेणू बाला को पार्टी से निलंबित कर दिया गया. इसके बाद से ही माना जा रहा था कि विधायक और पार्टी नेतृत्व के बीच संबंध पहले जैसे नहीं रहे.
लगातार दूसरी बार विधायक हैं रेणू बाला
रेणू बाला हरियाणा की सक्रिय महिला नेताओं में गिनी जाती हैं. वह साढ़ौरा विधानसभा क्षेत्र से लगातार दूसरी बार कांग्रेस के टिकट पर विधायक चुनी गई हैं. वर्ष 2019 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने 2024 के विधानसभा चुनाव में भी जीत दर्ज कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत साबित की. साढ़ौरा सीट पर उनकी लगातार जीत ने उन्हें क्षेत्र की प्रभावशाली नेताओं में शामिल किया है. यही वजह है कि उनके परिवार से जुड़ा कोई भी राजनीतिक फैसला प्रदेश की राजनीति में चर्चा का विषय बन जाता है.
ऋषिपाल की भाजपा में एंट्री के राजनीतिक मायने
राजनीतिक जानकार ऋषिपाल के भाजपा में शामिल होने को सामान्य दल-बदल की घटना नहीं मान रहे हैं. उनका कहना है कि यह कदम राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस के भीतर बढ़ी नाराजगी और असंतोष का संकेत माना जा सकता है. हालांकि रेणू बाला अभी विधायक के रूप में कांग्रेस से जुड़ी हुई हैं, लेकिन उनके पति का भाजपा में शामिल होना कई राजनीतिक सवाल खड़े कर रहा है. इससे साढ़ौरा विधानसभा क्षेत्र में नए राजनीतिक समीकरण बनने की संभावना भी जताई जा रही है.
समर्थकों के साथ भाजपा में शामिल होने से बढ़ा संदेश
ऋषिपाल अकेले भाजपा में शामिल नहीं हुए बल्कि उनके साथ बड़ी संख्या में समर्थक भी भाजपा में शामिल हुए. इससे भाजपा को साढ़ौरा क्षेत्र में संगठनात्मक मजबूती मिलने की उम्मीद है. वहीं कांग्रेस के लिए यह संकेत माना जा रहा है कि क्षेत्र में उसके पारंपरिक संगठन पर असर पड़ सकता है.
कांग्रेस की मुश्किलें बढ़ा सकता है यह घटनाक्रम
राज्यसभा चुनाव के बाद कांग्रेस पहले ही गुटबाजी, क्रॉस वोटिंग और अनुशासनात्मक कार्रवाई को लेकर चर्चा में रही है. ऐसे समय में पार्टी की एक मौजूदा विधायक के पति का भाजपा में शामिल होना कांग्रेस के लिए असहज स्थिति पैदा कर सकता है.
रेणू बाला की प्रतिक्रिया पर टिकी निगाहें
ऋषिपाल के भाजपा में शामिल होने के बाद अब सबकी निगाहें रेणू बाला पर हैं. उन्होंने अभी तक इस घटनाक्रम पर कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है. राजनीतिक हलकों में चर्चा है कि आने वाले दिनों में उनकी राजनीतिक रणनीति और रुख कई अटकलों को जन्म दे सकता है.
भाजपा को साढ़ौरा में मिल सकता है राजनीतिक लाभ
हरियाणा में भाजपा लगातार अपने संगठन का विस्तार करने में जुटी है. ऐसे में कांग्रेस विधायक के परिवार से जुड़े प्रमुख चेहरे का पार्टी में शामिल होना भाजपा के लिए राजनीतिक रूप से लाभकारी माना जा रहा है. आगामी स्थानीय निकाय और अन्य चुनावों को देखते हुए भी इस घटनाक्रम को महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
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