Cyber Fraud: केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने दक्षिण-पूर्व एशिया में संचालित साइबर स्कैम कंपाउंड के लिए भारतीय नागरिकों की कथित मानव तस्करी से जुड़े नेटवर्क के एक प्रमुख आरोपी को गिरफ्तार किया है. गिरफ्तार आरोपी की पहचान हिसार निवासी अंकित के रूप में हुई है, जिसे दिल्ली से गिरफ्तार किया गया. CBI के मुताबिक, आरोपी ऐसे नेटवर्क से जुड़ा था, जो विदेश में आकर्षक नौकरी का झांसा देकर भारतीय नागरिकों को दक्षिण-पूर्व एशिया के विभिन्न देशों में भेजता था. वहां पहुंचने के बाद पीड़ितों को मुख्य रूप से म्यांमार और कंबोडिया में संचालित साइबर स्कैम कंपाउंड में कथित तौर पर जबरन ऑनलाइन ठगी से जुड़े काम में लगाया जाता था.
आरोपी ने हिसार के चार लोगों को भेजा था विदेश
जांच एजेंसी ने इस तरह के शोषण को ‘साइबर स्लेवरी’ के तौर पर चिह्नित किया है. जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी ने 2025 में हिसार क्षेत्र के कम से कम चार लोगों को ऐसे स्कैम कंपाउंड तक भेजा था. पीड़ितों ने बताया कि कि वहां से वापस लौटने के लिए कुछ लोगों को बड़ी रकम का भुगतान करना पड़ा, जबकि कुछ पीड़ितों को कथित तौर पर अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति को वहां भेजने के बाद ही वापस आने का अवसर मिला. CBI ने आरोपी के कब्जे से जब्त मोबाइल फोन से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य बरामद किए हैं. इनसे म्यांमार और कंबोडिया में मौजूद स्कैम कंपाउंड के रिक्रूटर्स के साथ उसके कथित संपर्क का पता चला है.
क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन की भी जांच
जांच एजेंसी आरोपी और स्कैम कंपाउंड संचालकों के बीच हुए क्रिप्टोकरेंसी लेन-देन की भी जांच कर रही है. आशंका है कि इन लेन-देन के जरिए एजेंट को कमीशन का भुगतान किया जाता था. जांच में यह भी पता चला है कि नेटवर्क द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Instagram पर आकर्षक नौकरी के विज्ञापन देकर युवाओं को निशाना बनाया जाता था. इसके बाद संपर्क और बातचीत के लिए Telegram जैसे मैसेजिंग एप्लिकेशन का इस्तेमाल किया जाता था. CBI ने इस नेटवर्क के खिलाफ दिसंबर 2025 में मामला दर्ज किया था.
CBI ने सतर्क रहने की अपील की
इसी मामले की जांच के दौरान मई और जून 2026 में CBI ने चार राज्यों में आठ ठिकानों पर समन्वित तलाशी अभियान चलाया था. इन कार्रवाइयों में नेटवर्क से जुड़े तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था. CBI ने नागरिकों से अपील की है कि सोशल मीडिया, मैसेजिंग एप्लिकेशन या अनौपचारिक संपर्कों के माध्यम से मिलने वाले विदेश में नौकरी के प्रस्तावों पर भरोसा करने से पहले उनकी पूरी तरह से जांच करें. एजेंसी ने कहा कि फर्जी नौकरी के प्रस्ताव लोगों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ मानव तस्करी, शोषण और गंभीर शारीरिक एवं मानसिक परिस्थितियों में भी धकेल सकते हैं.
15 लाख की डिमांड, 10 लाख में डील: सूचना मंत्रालय का डिप्टी कंट्रोलर अकाउंट्स गिरफ्तार
- दिल्ली से रुम्मान उल्ला खान की रिपोर्ट
