SP MLC: उत्तर प्रदेश में विधान परिषद के शिक्षक निर्वाचन क्षेत्रों के चुनाव से पहले समाजवादी पार्टी ने अचानक अपने दो उम्मीदवार बदल दिए हैं. सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से कमलेश यादव की जगह डॉ. संजयन त्रिपाठी और आगरा खंड शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से प्रकाश चंद्र गुप्त की जगह पूर्व एमएलसी डॉ. आकाश अग्रवाल को उम्मीदवार बनाए जाने की घोषणा की है. दोनों बदलावों को अखिलेश यादव ने संबंधित नेताओं की सहमति से लिया गया फैसला बताया. अखिलेश यादव ने नए प्रत्याशियों का स्वागत करते हुए पहले घोषित उम्मीदवारों कमलेश यादव और प्रकाश चंद्र गुप्त, उनके परिवारों तथा समर्थकों का आभार जताया.
23 अक्टूबर को होगा मतदान
उन्होंने कहा कि दोनों ने जिस तरह पार्टी के फैसले में सहयोग किया है, उसके लिए वह उनके हमेशा आभारी रहेंगे. अखिलेश ने यह भी कहा कि समय आने पर दोनों को उचित सम्मान दिया जाएगा. सपा ने इससे पहले गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक सीट पर कमलेश यादव और आगरा शिक्षक सीट पर प्रकाश चंद्र गुप्त को प्रत्याशी घोषित किया था. अब पार्टी ने दोनों सीटों पर नए चेहरों को मैदान में उतारा है. 23 अक्टूबर को इन सीटों समेत विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक कोटे की 11 सीटों के लिए मतदान होना है, जबकि मतगणना 27 अक्टूबर को होगी. अखिलेश यादव ने कहा कि दोनों अनुभवी नेताओं के आने से पार्टी को चुनाव में मजबूती मिलेगी. उन्होंने कार्यकर्ताओं से नए प्रत्याशियों के साथ पूरी ताकत से जुटने और पार्टी के सभी उम्मीदवारों को जिताने की अपील की.
भाजपा सरकार पर साधा निशाना
गोरखपुर-फैजाबाद सीट पर डॉ. संजयन त्रिपाठी का नाम सामने आना खास तौर पर महत्वपूर्ण है. चुनावी घटनाक्रम के दौरान त्रिपाठी भाजपा से टिकट की दावेदारी कर रहे थे. भाजपा द्वारा ध्रुव त्रिपाठी को उम्मीदवार बनाए जाने के बाद उन्होंने पार्टी से दूरी बनाई थी और निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की थी. इसके बाद अब सपा ने उन्हें अपने उम्मीदवार के रूप में मैदान में उतारा है. आगरा शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में डॉ. आकाश अग्रवाल पहले निर्दलीय एमएलसी रह चुके हैं. उनका कार्यकाल भी इस चुनाव के साथ समाप्त होने वाली सीटों में शामिल था. ऐसे में सपा का उन्हें उम्मीदवार बनाना क्षेत्र में उनके चुनावी अनुभव को साथ जोड़ने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है. उम्मीदवारों की घोषणा के दौरान अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर भी निशाना साधा.
कानून व्यवस्था पर खड़े किए सवाल
उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा के लोगों ने गलत तरीके से वोट बनवाए हैं. साथ ही उन्होंने पिछले 10 वर्षों के शासन, प्रशासन और पुलिस व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने संतकबीरनगर में एक पहलवान की हत्या का भी उल्लेख किया और कहा कि प्रदेश में ऐसी कई घटनाएं हुई हैं. सपा अध्यक्ष ने शिक्षा और परीक्षा व्यवस्था को भी आगामी चुनावों के प्रमुख मुद्दों में शामिल करने के संकेत दिए. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में पेपर लीक की घटनाएं बढ़ीं और सरकारी नौकरियों में भेदभाव हुआ.
अखिलेश यादव ने कहा कि तदर्थ शिक्षक, वित्तविहीन शिक्षक, शिक्षामित्र और पुरानी पेंशन योजना जैसे मुद्दों को समाजवादी पार्टी अपने घोषणा पत्र में शामिल करेगी. उन्होंने कहा कि शिक्षकों के साथ भेदभाव बड़ा सवाल है और पार्टी इन मुद्दों को लेकर जनता के बीच जाएगी. सपा अध्यक्ष ने नई पीढ़ी और जेन-जी के बीच रोजगार को लेकर चिंता का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि युवाओं के पास पर्याप्त नौकरी और रोजगार के अवसर नहीं हैं तथा बेरोजगारी बढ़ रही है.
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