Cybercrime Hotspots: बिहार के नवादा, नालंदा, पटना और शेखपुरा जिले देश के टॉप 15 साइबर क्राइम हॉटस्पॉट में शामिल पाए गए हैं. मुख्य सचिव प्रत्यय अमृत की अध्यक्षता में पटना में हुई एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में यह खुलासा हुआ. इस बैठक में डीजीपी विनय कुमार सहित राज्य के सभी डीएम और एसपी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए शामिल हुए. बैठक में बताया गया कि देश के साइबर हॉटस्पॉट्स में नवादा दूसरे, नालंदा चौथे, पटना सातवें और शेखपुरा 15वें स्थान पर है. पटना विशेष रूप से एटीएम और चेक धोखाधड़ी के मामलों में अग्रणी है. साइबर अपराधियों के खिलाफ जारी ‘ऑपरेशन साइबर प्रहार’ के तहत अब तक 6,251 ‘म्यूल’ बैंक खातों की जांच की जा चुकी है. इस कार्रवाई में 702 लोगों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया शुरू कर 507 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है.
पीड़ितों के पैसे दिलाए गए वापस
अधिकारियों ने मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के माध्यम से पीड़ितों के पैसे वापस दिलाने की प्रगति की भी जानकारी दी. मनी रेस्टोरेशन मॉड्यूल (MRM) के तहत 16,593 मामलों में से 5,642 पर कार्रवाई की गई है. बयान में कहा गया है कि शिकायत निवारण मॉड्यूल (GRM) के तहत बिहार ने बैंक खातों को गलत तरीके से फ्रीज़ करने से जुड़ी शिकायतों के निपटारे में 98 प्रतिशत से ज़्यादा की दर हासिल की है. साइबर क्राइम की जांच में टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल के मामले में बिहार पुलिस ने ‘समन्वय’ पोर्टल के ज़रिए मिली अंतरराज्यीय जांच की 90.22 प्रतिशत रिक्वेस्ट का निपटारा किया है. अधिकारियों ने बताया कि इसके अलावा ‘सहयोग’ पोर्टल के ज़रिए गैर कानूनी या गुमराह करने वाला साइबर कंटेंट होस्ट करने के लिए चिह्नित किए गए 75.65 प्रतिशत URL हटा दिए गए हैं.
साइबर क्राइम के खिलाफ चलेगा विशेष अभियान
मुख्य सचिव ने अधिकारियों से कहा कि वे 1 लाख रुपये या उससे ज़्यादा के नुकसान वाले साइबर फ्रॉड के मामलों में ई-ज़ीरो FIR के रजिस्ट्रेशन में तेज़ी लाएं और ‘क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम्स’ (CCTNS) पोर्टल के ज़रिए उन्हें जल्द से जल्द रेगुलर FIR में बदलें. उन्होंने DM को यह भी निर्देश दिया कि वे ‘ज़िला-स्तरीय बैंकर समिति’ के साथ मिलकर काम करें ताकि ‘म्यूल अकाउंट्स’ (mule accounts) को फ्रीज़ करने की प्रक्रिया तेज़ हो सके और धोखाधड़ी का शिकार हुए लोगों को उनके पैसे वापस मिल सकें. अमृत ने उन एजेंटों और आपराधिक गिरोहों के खिलाफ़ एक विशेष अभियान चलाने का आदेश दिया जो जाली दस्तावेज़ों का इस्तेमाल करके सिम कार्ड जारी करने और पॉइंट-ऑफ-सेल (POS) से जुड़ी अन्य धोखाधड़ी वाली गतिविधियों में शामिल हैं.
स्कूलों में चले साइबर जागरूकता कार्यक्रम
मुख्य सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि वे बिजली बिल, बिजली भुगतान वाले मोबाइल ऐप, सुधा डेयरी के उत्पादों की पैकेजिंग और रिटेल बूथ, नगर निगम के डिजिटल डिस्प्ले बोर्ड और LED स्क्रीन पर नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर (1930) दिखाएं. साथ ही, स्कूलों और कॉलेजों में ‘साइबर ट्यूजडे’ जैसी पहलों के तहत हर हफ़्ते साइबर जागरूकता कार्यक्रम भी जारी रखें. इस बीच, बिहार के गया जी में ज़िला पुलिस ने एक रेड के दौरान नौ साइबर अपराधियों को गिरफ़्तार किया और 15 मोबाइल फ़ोन, छह लैपटॉप, चार लैपटॉप चार्जर, एक वाई-फ़ाई राउटर, 500 GB की हार्ड डिस्क, एक एक्सटेंशन वायर, एक नोटबुक और 9,500 रुपये नकद ज़ब्त किए. गया जी के SSP सुशील कुमार ने कहा कि यह ऑपरेशन ज़िले में साइबर अपराधियों के ख़िलाफ़ चलाए जा रहे एक विशेष अभियान के तहत किया गया था. अधिकारियों ने बताया कि गुप्त सूचना मिलने पर पुलिस ने शहर में व्हाइट हाउस कंपाउंड रोड पर मोतीमनी अपार्टमेंट से चल रहे एक फ़ेक कॉल सेंटर पर छापा मारा.
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News Source: PTI
