Home Latest News & Updates राम मंदिर चंदा घोटाले की जांच में बड़ा अपडेट! 25 सितंबर तक दाखिल होगी पहली चार्जशीट

राम मंदिर चंदा घोटाले की जांच में बड़ा अपडेट! 25 सितंबर तक दाखिल होगी पहली चार्जशीट

by Preeti Pal 21 September 2026, 6:16 PM IST (Updated 21 September 2026, 6:18 PM IST)
21 September 2026, 6:16 PM IST (Updated 21 September 2026, 6:18 PM IST)
राम मंदिर चंदा घोटाले की जांच में बड़ा अपडेट! 25 सितंबर तक दाखिल होगी पहली चार्जशीट

Ram Mandir Donation Case: अयोध्या के राम मंदिर से जुड़े चंदा घोटाले के मामले में जांच अब अहम मोड़ पर पहुंच चुकी है. इस मामले की जांच कर रही कोर्ट द्वारा गठित स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) 25 सितंबर तक अपनी पहली चार्जशीट दाखिल करेगी. सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में केंद्र की तरफ से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने ये जानकारी दी. मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली तीन सदस्यीय पीठ कर रही है. पीठ में जस्टिस जॉयमाल्य बागची और जस्टिस वी. मोहना भी शामिल हैं. सुनवाई के दौरान कोर्ट ने जांच से जुड़ी SIT की सीलबंद रिपोर्ट भी देखी.

समयसीमा क्यों है अहम?

सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि मामले में पहली गिरफ्तारी से 90 दिनों की वैधानिक समयसीमा 25 सितंबर को पूरी हो रही है. ऐसे में उससे पहले जांच एजेंसी को चार्जशीट दाखिल करनी होगी. उन्होंने कहा कि अगर निर्धारित समय में चार्जशीट दाखिल नहीं होती है तो आरोपियों को डोफॉल्ट बेल का कानूनी अधिकार मिल सकता है. यानी अब टीम के सामने सिर्फ जांच पूरी करने की नहीं, बल्कि समयसीमा के अंदर कानूनी प्रक्रिया आगे बढ़ाने की भी चुनौती है. कानून के तहत पहले CrPC की धारा 167(2) में ये प्रावधान था. अब नए भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिंता में इसी तरह का प्रावधान धारा 187 के तहत लागू है.

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SIT कर रही है जांच

सुप्रीम कोर्ट ने 27 जुलाई को इस मामले में चार सदस्यीय SIT गठित किए जाने का संज्ञान लिया था. इस टीम की अगुवाई IGP किरण एस कर रहे हैं. कोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को जांच टीम में एक फ़ोरेंसिक ऑडिटर को भी शामिल करने का निर्देश दिया था. इससे मंदिर ट्रस्ट से जुड़े वित्तीय लेनदेन की गहराई से जांच हो सकेगी. कोर्ट ने पहले ही साफ कर दिया था कि मामले में जरूरी एक्शन लिए जाने चाहिए और पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए.

सुप्रीम कोर्ट की निगरानी

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट की सक्रियता जुलाई से लगातार बनी हुई है. 20 जुलाई को अदालत ने उत्तर प्रदेश सरकार से पूछा था कि चंदा घोटाला की जांच के लिए SIT गठित करने की क्या संभावना है. इसके बाद 13 जुलाई को कोर्ट ने उत्तर प्रदेश पुलिस से मामले की जांच रिपोर्ट मांगी थी. अदालत ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को भी नोटिस जारी किया था. याचिकाकर्ताओं ने मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की थी.

फोरेंसिक ऑडिट की मांग

राम मंदिर में चंदे के प्रबंधन को लेकर आरोप सामने आने के बाद कई याचिकाएं सुप्रीम कोर्ट में दाखिल हुईं. इनमें RJD सांसद सुधाकर सिंह समेत कई याचिकाकर्ताओं ने मामले की जांच CBI से कराने और मंदिर ट्रस्ट के वित्तीय रिकॉर्ड का फोरेंसिक ऑडिट कराने की मांग की है. अब सभी की नजर 25 सितंबर पर है. SIT को इस तारीख तक पहली चार्जशीट दाखिल करनी है. इसके बाद जांच में सामने आए सबूतों और आरोपों को लेकर तस्वीर और साफ होने की उम्मीद है.

News Source: PTI

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