Bihar Crime : नालंदा पुलिस ने दीपनगर थाना क्षेत्र में हुई एक करोड़ रुपये से अधिक की सनसनीखेज डकैती का महज 72 घंटे के भीतर खुलासा कर बड़ी सफलता हासिल की है. पुलिस ने इस मामले में चार शातिर अपराधियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से लूटी गई नकदी, करोड़ों के आभूषण, अवैध हथियार और कारतूस बरामद किए हैं। मामले में अन्य फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है.
घर में घुस आए थे हथियारबंध अपराधी
पुलिस के अनुसार, 3 अगस्त की देर रात करीब एक बजे दीपनगर थाना क्षेत्र के देवीसराय निवासी राजीव रंजन के घर 10 से 12 हथियारबंद अपराधी घुस आए थे. अपराधियों ने परिवार के सभी सदस्यों को बंधक बनाकर करीब दो घंटे तक घर में उत्पात मचाया और करोड़ों रुपये मूल्य के सोने-चांदी, हीरे व प्लेटिनम के आभूषण के साथ लाखों रुपये नकद लूटकर फरार हो गए थे. घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी.
पुलिस झारखंड के जामताड़ा जिले पहुंची
वारदात के बाद दीपनगर थाना में कांड संख्या 435/26 दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर-1 के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया. टीम ने मानवीय सूचना, तकनीकी साक्ष्य और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर जांच आगे बढ़ाई. जांच के दौरान मिले सुरागों के आधार पर पुलिस झारखंड के जामताड़ा जिले पहुंची, जहां नारायणपुर थाना क्षेत्र के जुम्मन मोड़ (गोविंदपुर-साहेबगंज रोड) स्थित एक चाय दुकान के पास से चार संदिग्धों को हिरासत में लिया गया. पूछताछ के दौरान सभी ने डकैती में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली.
चार आरोपियों को दबोचा
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अजीत सिंह, संजीव सिंह, बिट्टू कुमार और आदित्य कुमार के रूप में हुई है. उनकी निशानदेही पर पुलिस ने लूटी गई संपत्ति का बड़ा हिस्सा बरामद किया. बरामद सामान में 16 लाख 43 हजार रुपये नकद, करीब 450 ग्राम सोने के आभूषण, सात किलोग्राम चांदी, डायमंड और प्लेटिनम के कीमती गहने शामिल हैं. इसके अलावा चांदी के दो हाथी, एक चांदी की ईंट और लड्डू गोपाल की चांदी की प्रतिमा भी बरामद की गई है.
आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया
पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से दो देसी पिस्टल, 7.65 एमएम की 11 जिंदा गोलियां, .315 बोर की पांच जिंदा गोलियां तथा दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं. सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है. नालंदा के पुलिस अधीक्षक भारत सोनी ने बताया कि यह कार्रवाई पुलिस की त्वरित और सुनियोजित जांच का परिणाम है. उन्होंने कहा कि डकैती में शामिल अन्य फरार अपराधियों की पहचान कर ली गई है और उनकी गिरफ्तारी के लिए बिहार सहित अन्य राज्यों में लगातार छापेमारी की जा रही है. पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही पूरे गिरोह का पर्दाफाश कर लिया जाएगा.
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