Operation Joker: हमारे देश में गैंबलिंग, सट्टेबाजी और ऑनलाइन मनी गेम्स रोकने के लिए कड़े कानून बनाए हैं. इस मामले में पकड़े जाने पर जेल के साथ जुर्माने का भी प्रावधान है. लेकिन नोएडा और गाजियाबाद में नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही है. यहां पोकर की आड़ में खुलेआम जुए का खेल चल रहा है. इसका खुलासा हमने स्टिंग ऑपरेशन में किया है.
जी हां, लाइव टाइम्स ने जो स्टिंग ऑपरेशन किया है और क्लब संचालकों का जो खेल अपने खुफिया कैमरे में कैद किया है वो बेहद चौंकाने वाला है. नोएडा और गाजियाबाद जैसे पॉश शहरों में पोकर की आड़ में खुलेआम जुए के अड्डे चलाए जा रहे हैं. हमें पता चला कि स्किल गेम्स की आड़ में जुएं का गोरखधंधा नोएडा के कई पोकर क्लब में धड़ल्ले से चल रहा है. कानून को ताक पर रखकर यहां मनी गेम्स होते हैं यानी कि जुआ खेला और खिलाया जा रहा है.
गैंबलिंग में युवाओं की जिंदगी बर्बाद
इसकी पड़ताल के लिए लाइव टाइम्स के अंडर कवर रिपोर्टर ने नोएडा के सेक्टर 16A फिल्म सिटी का रुख किया. यहां पोकर क्लब में जुएं का खुला खेल चल रहा था. हमारे अंडर कवर रिपोर्टर ने अपने खुफिया कैमरे में क्लब के अंदर का जो सच कैद किया है, उससे साफ है कि क्लब मालिक और मैनेजर कितना बेखौफ होकर जुए के अड्डे चला रहे हैं.उन्हें पुलिस प्रशासन का कोई डर नहीं है.
मतलब ये है कि नोएडा की पॉश सोसाइटीज और इंडस्ट्रियल एरिया के बीच एक संगीन क्राइम फल-फूल रहा है, जो हजारों युवाओं की जिंदगी बर्बाद कर रहा है. उन्हें जुआ के दलदल में धकेल रहा है. हमारे स्टिंग में दिखा कि सेक्टर 16बी में चल रहे पोकर क्लब में क्या कुछ हो रहा है. आप इससे समझ सकते हैं कि क्या ये स्किल गेम है या फिर गैंबलिंग.
पोकर क्लबों के पास कानून का तोड़?
कानून के मुताबिक, अगर कोई जगह गैंबलिंग के लिए इस्तेमाल होती है तो उसे गैंबलिंग हाउस माना जाता है. वहीं, ऐसे केस में मालिक, मैनेजर और खिलाड़ी सभी पर केस चलता है. सभी को सजा हो सकती है. क्लब में बड़ी तादाद में कैश ट्रांजैक्शन होते हैं, मतलब मामला कैश के अवैध लेन-देन का भी बनता है जिस पर मनी लॉन्ड्रिंग का भी केस चल सकता है.
अगर कोई क्लब अपनी कमाई छिपा रहा है और कैश ट्रांजैक्शन नहीं दिखा रहा है तो इनकम टैक्स और जीएसटी की कार्रवाई भी बनती है, लेकिन नोएडा के तमाम पोकर क्लबों ने कानून का तोड़ निकाल लिया है. ये कैश की जगह चिप्स या टोकन का इस्तेमाल करते हैं और अपनी कमाई को हॉस्पिटैलिटी में दिखाते हैं. ऐसे में अगर पुलिस रेड भी करेगी तो उसे पोकर टेबल से कैश बरामद नहीं होगा और पैसों के ट्रांजैक्शन का भी पता नहीं चलेगा. हमें मालूम हुआ कि इन क्लबों में 10 से 15 हजार के टोकन खरीदकर जुआ होता है, जबकि हाईकोर्ट ने अपने आदेश में ये बिल्कुल नहीं कहा है कि पोकर-रमी में पैसा लगाकर खेला जा सकता है.
नोएडा की इन जगहों पर गैंबलिंग
लाइव टाइम्स का मकसद नोएडा में चल रहे तमाम अवैध गैंबलिंग कारोबार को बेपर्दा करना है, लेकिन गेमिंग की आड़ में गैंबलिंग का ये कारोबार बहुत तेजी से फल-फूल रहा है. इंडस्ट्रियल सिटी के हजारों युवा इसके चंगुल में फंसते जा रहे हैं, जबकि सरकार ने गैंबलिंग, सट्टेबाजी और ऑनलाइन मनी गेम्स रोकने के लिए कड़े कानून बनाए हैं. वहीं, शातिरों ने स्किल गेम्स की आड़ में कसीनो टाइप गैंबलिंग के अड्डे खोल लिए हैं. नोएडा सेक्टर 16ए और 25ए के बाद हमारी टीम पहुंची सेक्टर-137 भी पहुंची थी, जहां हमें पारस मॉल में चल रहे एक बड़े पोकर क्लब के बारे में जानकारी मिली थी. हमने यहां भी पोकर क्लब की आड़ में चल रहे नेटवर्क का पर्दाफाश किया.
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