Home Latest News & Updates फैसले की घड़ी: बघेल की सीक्रेट रिपोर्ट के बाद अब कांग्रेस हाईकमान पर टिकी नजरें, अंदरूनी कलह पर सस्पेंस

फैसले की घड़ी: बघेल की सीक्रेट रिपोर्ट के बाद अब कांग्रेस हाईकमान पर टिकी नजरें, अंदरूनी कलह पर सस्पेंस

by Sanjay Kumar Srivastava 15 July 2026, 2:36 PM IST
15 July 2026, 2:36 PM IST
फैसले की घड़ी: बघेल की सीक्रेट रिपोर्ट के बाद अब कांग्रेस हाईकमान पर टिकी नजरें

Punjab Congress: पंजाब कांग्रेस में चल रही अंदरूनी कलह के बीच पार्टी के राज्य प्रभारी भूपेश बघेल ने बुधवार को AICC के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को अपनी रिपोर्ट सौंप दी. अब सबकी नजरें हाईकमान पर टिक गई हैं. राज्य विधानसभा में कांग्रेस विधायक दल के नेता प्रताप सिंह बाजवा ने भी वेणुगोपाल से उनके आवास पर मुलाकात की, लेकिन बैठक में क्या बातचीत हुई, इसका खुलासा नहीं किया. बघेल की रिपोर्ट कई दिनों तक चली बातचीत और राज्य के नेताओं के साथ आमने-सामने हुई मुलाकातों पर आधारित है.

केसी वेणुगोपाल को सौंपी रिपोर्ट

राज्य के नेताओं का एक गुट अमरिंदर सिंह राजा वडिंग को राज्य कांग्रेस प्रमुख बनाए रखने के पार्टी आलाकमान के फैसले के खिलाफ हो गया है. इस बागी गुट का नेतृत्व पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा और राज्य के अन्य नेता कर रहे हैं. बघेल ने कहा कि उनकी रिपोर्ट पंजाब में रहने के दौरान राज्य के नेताओं के साथ हुई मुलाकातों पर आधारित है. बघेल ने कहा कि मैंने छह दिन पंजाब का दौरा किया, जहां मैं नेताओं से मिला और उनकी बातें सुनीं – चाहे वह पंजाब कांग्रेस ऑफिस में हो या आमने-सामने की मुलाकातों में. पंजाब के नेताओं से मिलने और बातचीत करने के बाद मैंने अपनी रिपोर्ट AICC के संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल को सौंप दी है.

राहुल ने खड़गे के साथ की चर्चा

जब उनसे पूछा गया कि क्या उन्होंने पंजाब यूनिट में आपसी कलह को खत्म करने के लिए राज्य के नेतृत्व में बदलाव की सिफारिश की है, तो बघेल ने कहा कि मैं आपको कैसे बता सकता हूं कि मैंने पार्टी नेतृत्व को क्या रिपोर्ट दी है? उन्होंने कहा कि उन्होंने पार्टी के सभी नेताओं के साथ आमने-सामने बातचीत की और फिर अपनी रिपोर्ट नेतृत्व को सौंप दी. विदेश से लौटने के बाद राहुल ने यहां पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के साथ एक अहम बैठक की और माना जा रहा है कि उन्होंने अगले साल की शुरुआत में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले नेतृत्व के संकट पर चर्चा की. गांधी और खड़गे ने बघेल को दिल्ली बुलाया था, जहां बुधवार को उनके शीर्ष नेतृत्व के साथ चर्चा करने और नेतृत्व संकट का कोई अच्छा समाधान निकालने की संभावना है.

राजा वडिंग के खिलाफ चन्नी-रंधावा गुट लामबंद

सूत्रों के मुताबिक, गांधी पंजाब के नेताओं की राय सुनने को तैयार हैं और राज्य यूनिट के भीतर आपसी कलह को जल्द से जल्द खत्म करना चाहते हैं. पार्टी नेतृत्व चिंतित है कि राज्य इकाई में जारी अंदरूनी कलह के कारण कांग्रेस विधानसभा चुनाव में नहीं उतर पाएगी. पंजाब इकाई के प्रमुख के रूप में अमरिंदर सिंह राजा वारिंग को बनाए रखने के कांग्रेस आलाकमान के फैसले ने राज्य इकाई के भीतर असंतोष पैदा कर दिया है. पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर रंधावा सहित वरिष्ठ नेताओं ने खुले तौर पर इस कदम का विरोध किया है. छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री बघेल ने स्थिति का आकलन करने के लिए पिछले कुछ दिन पंजाब में विभिन्न नेताओं से मुलाकात की.

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News Source: PTI

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