Ram Temple Donation Theft: राम मंदिर दान में हेराफेरी की जांच कर रही स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पिछले पांच साल के खातों का दोबारा ऑडिट करेगी. शुरुआती जांच में बड़े पैमाने पर वित्तीय गड़बड़ी का पता चलने के बाद यह कड़ा फैसला लिया गया है. इस व्यापक ऑडिट के तहत मंदिर निर्माण से जुड़े खर्चों के साथ-साथ दान में मिले सोने-चांदी, गहनों और अन्य कीमती वस्तुओं के रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच की जाएगी. SIT ट्रस्ट के पांच साल के पूरे कार्यकाल के वित्तीय दस्तावेजों को खंगालकर सच सामने लाएगी.
सबसे ज्यादा अविनाश से बरामद हुए 20.39 लाख
उधर, अयोध्या पुलिस ने मुख्य आरोपी अविनाश शुक्ला को हिरासत में लेकर उससे पूछताछ की. दान की गिनती के काम में शामिल शुक्ला को इस मामले में पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका था और गुरुवार को एक स्थानीय अदालत ने उसे 24 घंटे की पुलिस कस्टडी में भेज दिया था. SIT ने अब तक ट्रस्ट के जनरल सेक्रेटरी चंपत राय, ट्रस्टी अनिल मिश्रा और गोपाल राव से पूछताछ की है, जो मंदिर के निर्माण और मैनेजमेंट से जुड़े रहे हैं. पुलिस ने बताया कि इस मामले में शुक्ला से 20.39 लाख रुपये, करुणेश पांडे से 18.07 लाख रुपये, अनुकल्प मिश्रा से 16.82 लाख रुपये, लवकुश मिश्रा से 14.25 लाख रुपये, रमाशंकर मिश्रा से 7.32 लाख रुपये और रमाशंकर यादव उर्फ टिन्नू से 1 लाख रुपये बरामद किए गए हैं.
आचार्य धीरेंद्र शास्त्री ने SIT पर जताया भरोसा
पुलिस ने जांच के दौरान लगभग 11 ग्राम सोना, करीब 375 ग्राम चांदी और 1,121 अमेरिकी डॉलर भी बरामद किए हैं. सूत्रों ने बताया कि जांचकर्ताओं ने अयोध्या के एक योग केंद्र से ‘रामराज्य कोष’ लिखा हुआ एक डोनेशन बॉक्स भी ज़ब्त किया, जिस पर Paytm QR कोड लगा था. शुक्ला कथित तौर पर वहीं लगभग एक दशक से रह रहा था. इस बीच, बागेश्वर धाम के प्रमुख आचार्य धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने शुक्रवार को जांच पर भरोसा जताते हुए कहा कि गबन के लिए ज़िम्मेदार लोगों को सज़ा मिलेगी. उन्होंने कहा कि हमें देश की कानून-व्यवस्था और SIT पर पूरा भरोसा है.
7 जून को सामने आया था मामला
उन्होंने आगे कहा कि यह दौर सिर्फ़ कलयुग का नहीं, बल्कि ‘छलयुग’ (धोखाधड़ी का युग) का है. धोखे के इस दौर में सतर्क रहना ज़रूरी है. आजकल संतों, महंतों, मठों और मंदिरों को सोची-समझी साज़िश के तहत निशाना बनाया जा रहा है. जिसने भी यह पाप किया है, उसे भगवान सज़ा देंगे. साथ ही SIT, देश का कानून और सरकार भी उन्हें सज़ा देंगे. राम मंदिर में दान की रकम में हेराफेरी का मामला 7 जून को सामने आया था. उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा गठित SIT की शुरुआती रिपोर्ट के आधार पर 25 जून को FIR दर्ज की गई थी. मंदिर में दान की गिनती की प्रक्रिया से जुड़े आठ लोगों को अब तक गिरफ़्तार किया जा चुका है और मामले की जांच जारी है.
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News Source: PTI
