Share Market Today: शुक्रवार को हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन बाजार खुलते ही तेजी देखने को मिली. शुरुआती कारोबार में बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी में उछाल दर्ज किया गया. यह लगातार तीसरा दिन है, जब शेयर बाजार में हरियाली छाई हुई है. 30 शेयरों वाला BSE सेंसेक्स 545.89 पॉइंट्स बढ़कर 78,048.01 पर पहुंच गया. वहीं 50 शेयरों वाला NSE निफ्टी 173.85 पॉइंट्स बढ़कर 24,346.90 पर पहुंच गया. बाजार में यह बढ़त आईटी और मेटल शेयरों की खरीदारी के कारण हुई है.
इन शेयरों में हुई बढ़त
सेंसेक्स पैक में, HCL टेक, बजाज फिनसर्व, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, भारत इलेक्ट्रॉनिक्स और टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज बड़े फायदे में रहे. महिंद्रा एंड महिंद्रा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, NTPC और इंटरग्लोब एविएशन पिछड़ने वालों में शामिल थे. गुरुवार को 30 शेयरों वाला बीएसई सेंसेक्स 579.48 अंक बढ़ा. यह 0.75 प्रतिशत की बढ़त के साथ हरे निशान में 77,502.12 पर कारोबार करते हुए बंद हुआ. वहीं, 50 शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 169.85 अंक चढ़ा. यह 0.71 प्रतिशत बढ़कर 24,175.70 पर बंद हुआ.
एशियाई बाजार
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का कोस्पी, जापान का निक्केई 225 इंडेक्स, शंघाई का SSE कंपोजिट इंडेक्स और हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स बढ़त पर थे. US मार्केट मिले-जुले नोट पर बंद हुए, जिसमें डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.14 परसेंट बढ़ा, जबकि नैस्डैक कंपोजिट 0.80 परसेंट गिरा. S&P 500 फ्लैट बंद हुआ.
ग्लोबल ऑयल बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड 0.63 परसेंट बढ़कर USD 72.25 प्रति बैरल पर पहुंच गया. जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार ने कहा, “कोस्पी में कमजोरी और चिप ट्रेड में आम कमजोरी की वजह से भारत का आउटपरफॉर्मेंस जारी है.
मार्केट में उछाल के फैक्टर्स
ऑनलाइन ट्रेडिंग और वेल्थ-टेक फर्म एनरिच मनी के CEO पोनमुडी आर ने कहा, “US-ईरान बातचीत में लगातार प्रोग्रेस से डिप्लोमैटिक सॉल्यूशन की उम्मीदें मजबूत हुई हैं, एनर्जी सप्लाई में रुकावटों को लेकर चिंता कम हुई है और रिस्क एसेट्स को सपोर्ट मिला है. इस बीच, US जॉब्स डेटा ने फेडरल रिजर्व द्वारा शॉर्ट-टर्म मॉनेटरी सख्ती की उम्मीदों को कम कर दिया है, जिससे इन्वेस्टर सेंटिमेंट को और बूस्ट मिला है.”
FII के आउटफ्लो में लगातार कमी आना भी मार्केट को सपोर्ट करने वाला एक और बड़ा फैक्टर है. लेकिन यह रैली तब तक नहीं टिकेगी जब तक इसे फंडामेंटल फैक्टर्स का सपोर्ट न मिले. क्रूड ऑयल का युद्ध से पहले के लेवल पर आना इकोनॉमी और मार्केट के लिए सबसे मजबूत मैक्रो सपोर्ट है.” एक्सचेंज डेटा के मुताबिक, गुरुवार को फॉरेन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (FIIs) ने 311.82 करोड़ रुपये के इक्विटी बेचे.
News Source: PTI
