Colleges closed in India: देश में अभी विभिन्न कोर्सेज, पाठ्यक्रमों और क्लास में एडमिशन के लिए प्रक्रिया जारी है. राजधानी दिल्ली से लेकर देश के अलग-अलग राज्यों के कॉलेजों में एडमिशन की प्रक्रिया जारी है. बच्चे और युवा देश के अच्छे से अच्छे कॉलेजों में एडमिशन के लिए इनके बारे में रिसर्च करके एडमिशन ले रहे हैं.
इस बीच शिक्षा क्षेत्र से एक बड़ी जानकारी सामने आई है. अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (AICTE) ने खुलासा किया है कि एकेडमिक ईयर 2025-26 पूरे देश भर में कुल 58 इंजीनियरिंग और तकनीकी कॉलेजों को बंद किया गया है. इनमें महाराष्ट्र और यूपी के सबसे अधिक कॉलेज हैं. आइए जानते हैं पूरी खबर.
चरणबद्ध तरीके से बंद हुए 58 कॉलेज- AICTE
न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीआईटीई) के अनुसार बताया गया है कि, देश भर में 55 से अधिक इंजीनियरिंग कॉलेज 2025-26 शैक्षणिक वर्ष के दौरान विभिन्न कारणों से बंद कर दिए गए हैं. हालांकि मौजूदा छात्रों को अपनी डिग्री पूरी करने की अनुमति दी जाएगी.
AICTE के एक वरिष्ठ अधिकारी ने न्यूज एजेंसी को बताया, “2025-26 के दौरान कुल 58 इंजीनियरिंग और तकनीकी कॉलेजों को चरणबद्ध तरीके से बंद किया गया. चरणबद्ध बंदी का अर्थ है कि संस्थान उस शैक्षणिक वर्ष के दौरान प्रथम वर्ष के छात्रों को प्रवेश नहीं दे सकता जिसके लिए चरणबद्ध बंदी की अनुमति दी गई है. हालांकि, मौजूदा छात्र अपनी पढ़ाई जारी रख सकेंगे.”
AICTE क्या है?
AICTE की बात करें तो यह भारत में तकनीकी शिक्षा के लिए वैधानिक राष्ट्रीय स्तर की सर्वोच्च सलाहकार संस्था और नियामक है. एआईसीटीई, इंजीनियरिंग, वास्तुकला, प्रबंधन और फार्मेसी के कार्यक्रमों की देखरेख करती है. यह कॉलेजों की गुणवत्ता आश्वासन, मानकों के रखरखाव और समन्वित विकास को सुनिश्चित करती है.
किस राज्य में कितने कॉलेज हुए बंद?
AICTE के अनुसार, 58 बंद हुए संस्थानों में से, उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र में सबसे अधिक बंद होने वाले संस्थान थे. इनमें से प्रत्येक में 12 संस्थान बंद हुए, उसके बाद मध्य प्रदेश में 8, तेलंगाना में 4 और पंजाब में 4 कॉलेज बंद हुए.
वहीं, इस वर्ष आंध्र प्रदेश और राजस्थान में तीन-तीन कॉलेज बंद रहे, जबकि गुजरात, कर्नाटक, पुणे और तमिलनाडु में दो-दो कॉलेज बंद रहे.
हरियाणा, ओडिशा, उत्तराखंड और पश्चिम बंगाल में एक-एक कॉलेज बंदी दर्ज की गई.
इन 58 संस्थानों में से तीन को सरकार से सहायता प्राप्त थी, जबकि बाकी को निजी तौर पर वित्त पोषित किया गया था. अधिकारी ने आगे कहा, “इस अवधि के दौरान देश भर के तकनीकी और इंजीनियरिंग कॉलेजों में पेश किए जा रहे 950 से अधिक पाठ्यक्रम भी बंद कर दिए गए थे.”
कॉलेज बंद की वजहें
एआईसीटीई कम छात्रों के एडमिशन, आवश्यक संकाय को बनाए रखने में असमर्थता, इंफ्रास्ट्रक्टर और ऑपरेशन मानदंडों का अनुपालन न करने समेत अन्य कई कारणों से संस्थानों को बंद करने का आदेश देता है.
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News Source: PTI
