Children Rights: खेलकूद के दौरान स्कूल टाई का हुक या झूले में फंसना जानलेवा हो सकता है! देश में मासूम बच्चों की दम घुटने से हुई मौतों का संज्ञान लेते हुए हरियाणा राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग (HSCPCR) की चेयरपर्सन तृप्ति श्योराण ने 10 जुलाई को एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है. इसमें सभी स्कूलों को यूनिफॉर्म में पारंपरिक गांठ वाली नेक टाई की अनिवार्यता खत्म करने का कड़ा सुझाव दिया गया है. आयोग का मकसद स्कूल परिसर में रोजमर्रा की गतिविधियों को बच्चों के लिए सुरक्षित बनाना है. कहा गया है कि अभिभावक भी जागरूक बनें और सुरक्षा को फैशन से ऊपर रखें. आयोग ने कहा कि ऐसी घटनाएं भले ही दुर्घटनाएं हों, लेकिन इन्हें रोका जा सकता है.
सुरक्षा को फैशन से ऊपर रखने की अपील
आयोग ने कहा कि पारंपरिक नेक-टाई, जिन्हें मुख्य रूप से दिखावे और अनुशासन के लिए स्कूल यूनिफ़ॉर्म के तौर पर पहना जाता है, उनसे गले में फंदा फंसने का ऐसा जोखिम हो सकता है जिससे बचा जा सकता है. श्योराण ने कहा कि जब सुरक्षित विकल्प मौजूद हैं, तो सिर्फ़ यूनिफ़ॉर्म की परंपरा के लिए बच्चों को ऐसे जोखिमों में डालना सही नहीं है. आयोग ने स्कूलों को क्लिप-ऑन (ब्रेकअवे) या वेल्क्रो (क्विक-रिलीज़) वाली टाई इस्तेमाल करने की सलाह दी है, जो इमरजेंसी में तुरंत खुल जाती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा काफी कम हो जाता है. जब तक ऐसे विकल्प नहीं अपनाए जाते, स्कूलों को यह पक्का करना चाहिए कि स्पोर्ट्स, फिजिकल एजुकेशन क्लास, खेल के मैदान की गतिविधियों या किसी भी ऐसी गतिविधि के दौरान आम नेक-टाई न पहनी जाए, जिसमें फंसने का खतरा हो.
छात्रों की सुरक्षा जरूरी
बाल अधिकार संस्था ने कहा कि स्कूलों को आम नेक-टाई से जुड़े संभावित खतरों के बारे में टीचरों, स्टूडेंट्स और माता-पिता को जागरूक करना चाहिए. स्कूलों से यह भी कहा गया है कि वे इस मुद्दे पर टीचरों, स्टूडेंट्स और माता-पिता के बीच जागरूकता बढ़ाएं. हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग से अनुरोध किया गया है कि वह इस सलाह को राज्य के सभी सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त और प्राइवेट स्कूलों तक तुरंत पहुंचाए और पक्का करें कि ज़रूरी कार्रवाई की जाए. आयोग ने ज़ोर दिया कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़ा हर उपाय बहुत ज़रूरी है. इस महीने की शुरुआत में, भिवानी ज़िले में एक 7 साल के लड़के की मौत हो गई थी, जब वह घर पर अपने बड़े भाई की टाई से खेल रहा था.
निर्देश का करेंगे पालन
भिवानी में पुलिस अधिकारी धर्म सिंह ने कहा कि यह गलती से गला घुटने का मामला था. पंचकूला के रहने वाले विने कुमार, जिनके दो बच्चे स्कूल जाते हैं, ने कहा कि कमीशन ने सही सलाह जारी की है. उन्होंने कहा कि कभी-कभी हम स्कूली बच्चों को लड़ते-झगड़ते देखते हैं, जिससे खतरा हो सकता है. अगर अचानक टाई खींची जाए, तो बच्चे को चोट लग सकती है. नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल्स अलायंस (NISA) के हरियाणा चैप्टर के प्रेसिडेंट कुलभूषण शर्मा, जो राज्य के लगभग 6,000 प्राइवेट स्कूलों का प्रतिनिधित्व करते हैं, ने कहा कि वे सरकार या स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी किसी भी गाइडलाइन या निर्देश का पालन करेंगे. शर्मा ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा हमारे लिए बहुत ज़रूरी है. अगर कोई बच्चा ऐसी चीज़ पहने हुए है जिससे सुरक्षा को लेकर ज़रा भी शक हो, तो उसे बदल देना चाहिए. इस सलाह के बाद सरकार से जो भी निर्देश मिलेंगे, हम उनका पालन करेंगे.
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News Source: PTI
