Ramayana Movie 2026: बॉलीवुड की सबसे पॉपुलर और बड़े बजट की फिल्म ‘रामायण’ को लेकर ऑडियन्स का इंतजार लगातार बढ़ता जा रहा है. इस फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम के किरदार में नजर आने वाले हैं. वहीं, साई पल्लवी माता सीता और साउथ सुपरस्टार यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं. फिल्म के बड़े सेट, शानदार विजुअल इफेक्ट्स और दमदार स्टारकास्ट की बातें तो पहले से ही हो रही है, लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस फिल्म के लिए सिर्फ गहने तैयार करने में ही 18 महीने से ज्यादा का टाइम लगा है? दरअसल, नितेश तिवारी की ‘रामायण’ में अयोध्या, मिथिला और लंका की शाही दुनिया को पर्दे पर उतारने के लिए 4,500 से ज्यादा गहने तैयार किए गए हैं. दिलचस्प बात ये है कि ये गहने सिर्फ खूबसूरती बढ़ाने के लिए नहीं बनाए गए, बल्कि हर किरदार की पहचान, स्वभाव और उसके राज्य की संस्कृति को ध्यान में रखकर डिजाइन किए गए हैं. ऐसे में आज आपको बताएंगे कि, आखिर कैसे तैयार हुई ‘रामायण’ के गहनों की ये अनोखी दुनिया.

18 महीने की मेहनत
‘रामायण’ के पहले पार्ट के लिए फेमस जूलरी ब्रांड ट्राइब आम्रपाली ने 4,500 से ज्यादा गहने तैयार किए हैं. इस प्रोजेक्ट पर ब्रांड की टीम ने 18 महीने से ज्यादा टाइम तक काम किया. इस पूरे प्रोसेस में डिजाइनर्स, कारीगरों, जूलरी एक्सपर्ट्स और फिल्म की क्रिएटिव टीम ने मिलकर काम किया. सबसे खास बात ये है कि गहनों को तैयार करने से पहले भारतीय इतिहास, पौराणिक कथाओं, प्राचीन मंदिरों, मूर्तियों और ट्रेडिशनल जूलरी पर डीप रिसर्च की गई. हर गहने का पहले कॉन्सेप्ट तैयार हुआ. इसके बाद स्केच बनाए गए, सही मटेरियल चुना गया और फिर कारीगरों ने उन्हें शेप दिया. फिल्म में सिर्फ भगवान राम, माता सीता या रावण ही नहीं, बल्कि राजपरिवार के दूसरे सदस्य, योद्धा, दरबारी, सेवक और भीड़ में नजर आने वाले कलाकार भी खास तौर पर डिजाइन किए गए गहनों में दिखाई देंगे. यानी फिल्म के हर छोटे-बड़े किरदार के लुक पर बारीकी से काम किया गया है.
तीन राज्य, तीन स्टाइल के गहने
‘रामायण’ की कहानी में अयोध्या, मिथिला और लंका की अपनी अलग पहचान है. फिल्म के मेकर्स चाहते थे कि दर्शक सिर्फ महलों और कपड़ों से ही नहीं, बल्कि गहनों को देखकर भी समझ सकें कि कौन सा किरदार किस राज्य से जुड़ा है. इसी वजह से तीनों राज्यों के लिए अलग-अलग जूलरी डिजाइन तैयार किए गए. अयोध्या के गहनों में शाही गरिमा और सादगी दिखाई देगी. मिथिला की जूलरी में फूलों और प्रकृति की खूबसूरती झलकेगी. वहीं, लंका के गहने ताकत, वैभव और भव्यता का एहसास कराएंगे. दिलचस्प बात ये है कि एक ही राज्य के सभी किरदारों को एक जैसे गहने नहीं पहनाए गए हैं. हर किरदार के नेचर के हिसाब से डिजाइन में बदलाव किया गया है.

सूर्यवंश से प्रेरित गहने
फिल्म में रणबीर कपूर भगवान राम की भूमिका निभा रहे हैं. उनके किरदार के गहनों को तैयार करते हुए सबसे ज्यादा ध्यान उनकी सूर्यवंशी पहचान पर दिया गया. भगवान राम को सूर्यवंश का वंशज माना जाता है. इसी वजह से उनके गहनों में सूर्य के प्रतीक को खास जगह दी गई है. गहनों में गोल शेप, धर्मचक्र से इंस्पायर डिजाइन और कमल के फूल जैसे प्रतीक शामिल हैं. कमल को पवित्रता और दिव्यता का प्रतीक माना जाता है. वहीं, सूर्य शक्ति, प्रकाश और धर्म का प्रतिनिधित्व करता है. सबसे खास बात ये है कि भगवान राम के गहनों को जरूरत से ज्यादा भारी या शाइनी बनाने के बजाय बैलेंस रखा गया है.
अयोध्या के गहने
अयोध्या को फिल्म में एक ऐसे राज्य की तरह दिखाने की कोशिश की गई है, जहां परंपरा, अनुशासन और राजसी गरिमा का खास महत्व है. इसी सोच के साथ यहां के गहनों में बारीक नक्काशी का इस्तेमाल किया गया. अयोध्या के गहनों में दोनों तरफ एक जैसे डिजाइन और पारंपरिक भारतीय कलाकारी देखने को मिलेगी. गहनों को इस तरह तैयार किया गया है कि वो ग्रेंड होने के बावजूद बहुत ज्यादा दिखावटी न लगें. राजपरिवार के सदस्यों से लेकर दरबारियों तक, हर किसी के गहनों में अयोध्या की सांस्कृतिक पहचान झलकेगी.

सीता के गहने
फिल्म में माता सीता का किरदार निभा रहीं हैं साई पल्लवी. उनके गहनों को बहुत अलग तरह से डिजाइन किया गया है. जहां अयोध्या के गहनों में शाही अंदाज दिखाई देगा, वहीं मिथिला की जूलरी नेचर से इंस्पायर होगी. माता सीता के गहनों में फूलों की आकृतियां, खूबसूरत घुमावदार डिजाइन और बारीक पारंपरिक कलाकारी देखने को मिलेगी. इन गहनों को तैयार करते हुए मिथिला की सांस्कृतिक विरासत और रामायण से जुड़े पवित्र बगीचों को ध्यान में रखा गया है. सीता के गहनों में नारीत्व, पवित्रता, कोमलता और शक्ति को दिखाने की कोशिश की गई है. यानी साई पल्लवी के किरदार के गहने सिर्फ सुंदर नहीं होंगे, बल्कि उनकी पर्सनालिटी को भी दिखाएंगे.
क्यों खास हैं फूल और प्रकृति?
मिथिला की पहचान भारतीय कला और संस्कृति में हमेशा से खास रही है. यहां की पारंपरिक चित्रकला में फूलों, पेड़-पौधों, पशु-पक्षियों और प्रकृति से जुड़े डिजाइन देखने को मिलते हैं. फिल्म की जूलरी टीम ने इसी खूबसूरती को गहनों में उतारने की कोशिश की है. मिथिला के आभूषणों में डेलिकेट डिजाइन, सॉफ्ट कर्व और डिटेलिंग दी गई हैं. इससे गहनों में एक अलग तरह की खूबसूरती आती है. इन गहनों का मकसद सिर्फ राजसी वैभव दिखाना नहीं, बल्कि मिथिला की कला, प्रकृति और सांस्कृतिक विरासत को लोगों तक पहुंचाना भी है.
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रावण के लिए बने अलग गहने
अब बात करते हैं फिल्म के सबसे पॉपुलर किरदारों में से एक रावण की. साउथ सुपरस्टार यश फिल्म में रावण का किरदार निभा रहे हैं. उनके लुक को लेकर लोग काफी ज्यादा एक्साइटेड भी हैं. रावण के गहनों को अयोध्या और मिथिला से बिल्कुल अलग तरीके से तैयार किया गया है. लंका के गहने बड़े साइज, तीखे किनारे, अनइवन शेप और डार्क कलर के पत्थरों से बने हैं. इन गहनों के जरिए रावण की ताकत, सत्ता, अहंकार और प्रभावशाली व्यक्तित्व को दिखाने की कोशिश की गई है. रावण की जूलरी में बारीक नक्काशी के साथ भारी और अट्रैक्टिव डिजाइन देखने को मिलेंगे.
सबके गहने नहीं होंगे एक जैसे
फिल्म में लंका से जुड़े कई दूसरे किरदार भी नजर आएंगे. इनमें कैकसी, मारीच, शूर्पणखा, विद्युत्जीव, मंदोदरी और विभीषण जैसे नाम शामिल हैं. दिलचस्प बात ये है कि इन सभी किरदारों के गहनों में उनके नेचर के हिसाब से बदलाव किए गए हैं. रावण, कैकसी और शूर्पणखा जैसे किरदारों के लिए डार्क कलर के पत्थर और शॉर्प डिजाइन चुने गए हैं. वहीं, मंदोदरी और विभीषण के गहनों में बैलेंस और हल्की शाइन का यूज किया गया है. इन गहनों के जरिए उनके विवेक, संतुलन और अंदरूनी शक्ति को दिखाने की कोशिश की गई है. यानी लंका के गहनों में सिर्फ ताकत और वैभव ही नहीं, बल्कि अलग-अलग किरदारों के इमोशन भी दिखाई देंगे.

मंदिरों से मिली इंस्पिरेशन
‘रामायण’ की जूलरी तैयार करने में सबसे बड़ा चैलेंज था प्राचीन भारतीय कला को बड़े पर्दे पर दिखाना. इसके लिए डिजाइन टीम ने पुराने मंदिरों, मूर्तियों और पारंपरिक गहनों की स्टडी की. गहनों में उभरी हुई नक्काशी, बारीक खुदाई, जालीदार डिजाइन और छोटे-छोटे दानों जैसी सजावट का इस्तेमाल किया गया है. इससे ऐसे गहने तैयार हुए, जो पुराने जमाने की झलक देने के साथ बड़े पर्दे पर भी शानदार दिखाई दें.
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क्यों था बड़ा चैलेंज?
किसी फिल्म के लिए कुछ दर्जन गहने तैयार करना और बात है, लेकिन 4,500 से ज्यादा गहने बनाना अपने आप में बहुत बड़ा काम है. इस प्रोजेक्ट में हर गहने का डिजाइन, शेप और इस्तेमाल करने वाले किरदार को ध्यान में रखना जरूरी था. कारीगरों को ये भी ध्यान में रखना था कि एक ही राज्य के गहनों में समानता बनी रहे, लेकिन अलग-अलग किरदारों की पहचान भी नजर आए. इसके लिए स्केचिंग से लेकर मॉडल तैयार करने, मेटल पर काम करने और फिनिशिंग तक कई स्टेज में काम हुआ. कई डिजाइनर्स और पुराने कारीगरों ने दिन-रात मेहनत करके इस बड़े प्रोजेक्ट को पूरा किया.

सजावट नहीं, कहानी का हिस्सा
फिल्म के मेकर्स का कहना है कि ‘रामायण’ में हर छोटी-बड़ी चीज को सोच-समझकर तैयार किया गया है. गहनों को भी सिर्फ कलाकारों की खूबसूरती बढ़ाने के लिए इस्तेमाल नहीं किया गया है. हर जूलरी पीस को किरदार की पहचान, उसकी सांस्कृतिक विरासत और कहानी में उसके सफर के मुताबिक डिजाइन किया गया है. यही वजह है कि फिल्म में जूलरी को कहानी कहने का एक अहम जरिया बनाया गया है. मेकर्स चाहते हैं कि दर्शक जब अयोध्या, मिथिला या लंका के किरदारों को देखें, तो उनके कपड़ों और गहनों से ही उस दुनिया को महसूस कर सकें.
कब रिलीज होगी ‘रामायण’?
नितेश तिवारी के डायरेक्शन में बन रही ‘रामायण’ को दो हिस्सों में रिलीज करने की प्लानिंग है. पहला पार्ट 5 नवंबर, 2026 को दुनियाभर के सिनेमाघरों में रिलीज होगा. वहीं, दूसरा पार्ट दिवाली 2027 पर रिलीज करने की तैयारी है. फिल्म में रणबीर कपूर, साई पल्लवी, यश, सनी देओल और रवि दुबे नजर आएंगे. इस फिल्म को नमित मल्होत्रा की प्राइम फोकस स्टूडियोज, डीएनईजी और यश की मॉन्स्टर माइंड क्रिएशंस मिलकर तैयार कर रहे हैं. फिल्म को हिंदी, तमिल, तेलुगु, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में रिलीज किया जाएगा. इसके अलावा फिल्म को आईमैक्स फॉर्मेट में भी रिलीज किया जाएगा. भारत के बाहर फिल्म के डिस्ट्रीब्यूशन की जिम्मेदारी सोनी पिक्चर्स संभालेगा. वहीं, हिंदी भाषी बाजार में धर्मा प्रोडक्शंस ने इसकी जिम्मेदारी ली है.
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