Home Latest News & Updates अरुणाचल में बाढ़-भूस्खलन से भारी नुकसान: आपदा की घड़ी में केंद्र का भरोसा, पुनर्निर्माण के लिए मिलेगी मदद

अरुणाचल में बाढ़-भूस्खलन से भारी नुकसान: आपदा की घड़ी में केंद्र का भरोसा, पुनर्निर्माण के लिए मिलेगी मदद

by Sanjay Kumar Srivastava 1 July 2026, 5:49 PM IST (Updated 1 July 2026, 5:51 PM IST)
1 July 2026, 5:49 PM IST (Updated 1 July 2026, 5:51 PM IST)
अरुणाचल प्रदेश में बाढ़-भूस्खलन से भारी नुकसान: आपदा की घड़ी में केंद्र का भरोसा, पुनर्निर्माण के लिए मिलेगी पूरी सहायता

FLOOD: बाढ़ प्रभावित अरुणाचल प्रदेश को केंद्र की ओर से पूरी मदद दी जाएगी. यह भरोसा अरुणाचल प्रदेश में बाढ़ की स्थिति का जायजा लेने गए केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान और किरेन रिजिजू ने मुख्यमंत्री पेमा खांडू को दिया. पिछले सात दिनों में अरुणाचल प्रदेश में भारी बारिश के कारण अचानक आई बाढ़ और जमीन खिसकने से चार लोगों की मौत हो गई, 21 लोग घायल हो गए और दो लोग लापता हैं. इससे घरों, सड़कों, पुलों और सार्वजनिक बुनियादी ढांचे को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है.

बाढ़ के स्थायी समाधान पर जोर

मुख्यमंत्री पेमा खांडू के साथ बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित केयी पैन्योर ज़िले का हवाई और ज़मीनी दौरा करने के बाद चौहान ने कहा कि केंद्र राज्य को मदद पहुंचाने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करेगा. राज्य से लोकसभा सांसद रिजिजू ने प्रभावित लोगों की मदद करने के लिए केंद्र की प्रतिबद्धता दोहराई और बार-बार आने वाली बाढ़ के स्थायी समाधान की ज़रूरत पर ज़ोर दिया. उन्होंने कहा कि केंद्र प्रभावित लोगों के साथ मज़बूती से खड़ा है और समय पर राहत, बहाली और पुनर्वास सुनिश्चित करने के लिए राज्य सरकार के साथ मिलकर काम करना जारी रखेगा.

केंद्रीय कृषि मंत्री ने लिया जायजा

दोनों मंत्रियों ने कहा कि इलाके में बार-बार आने वाली बाढ़ से निपटने के लिए अस्थायी उपायों के बजाय मज़बूत इंजीनियरिंग समाधानों की ज़रूरत है. केंद्रीय कृषि मंत्री चौहान ने गवर्नर केटी परनाइक से मुलाक़ात की और उन्हें भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार अरुणाचल प्रदेश को बाढ़ से उबरने और कृषि क्षेत्र के विकास में पूरा सहयोग देगी. अधिकारियों ने बताया कि बैठक में हाल की बाढ़ से हुए नुकसान और सिंचाई, ग्रामीण कनेक्टिविटी, कृषि बुनियादी ढांचे, जैविक खेती, ज़्यादा कीमत वाली फसलों, कृषि-तकनीक, कौशल विकास और बाज़ार तक पहुंच को मज़बूत करने के उपायों पर चर्चा हुई. परनाइक ने मंत्री को बाढ़ से हुए भारी नुकसान के बारे में जानकारी दी.

उन्होंने जरूरी बुनियादी ढांचे के पुनर्निर्माण और लोगों की आजीविका बहाल करने के लिए केंद्र से लगातार सहयोग की मांग की. बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा करने के बाद मुख्यमंत्री खांडू ने कहा कि सिबो कोरोंग नदी, जो उफान पर है, ने भारी तबाही मचाई है. उन्होंने कहा कि राज्य सरकार केंद्र के साथ मिलकर सिबो कोरोंग नदी बेसिन के लिए बाढ़ से बचाव की एक स्थायी योजना तैयार करेगी.

अपर सियांग जिला सबसे ज्यादा प्रभावित

केयी पैन्योर सबसे ज़्यादा प्रभावित ज़िलों में से एक है, जबकि ईस्ट सियांग, पापुम पारे, क्रा दादी, कुरुंग कुमे, लोअर सुबनसिरी, कामले, अपर सुबनसिरी, लेपाराडा, लोअर सियांग, लोअर दिबांग वैली और अंजाव में भी भारी नुकसान हुआ है. स्टेट डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स, नेशनल डिज़ास्टर रिस्पॉन्स फ़ोर्स, एयर फ़ोर्स, ज़िला प्रशासन और स्थानीय स्वयंसेवकों समेत कई एजेंसियां ​​बचाव, लोगों को सुरक्षित निकालने और राहत कार्यों में जुटी हुई हैं. स्टेट इमरजेंसी ऑपरेशन सेंटर की रिपोर्ट के मुताबिक, 251 गांवों में लगभग 90,499 लोग प्रभावित हुए, जिनमें अपर सियांग ज़िला सबसे ज़्यादा प्रभावित रहा.

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News Source: PTI

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