Gold Silver in Rate 1947: 15 अगस्त सिर्फ आजादी का जश्न मनाने का दिन नहीं है, बल्कि ये पीछे मुड़कर देखने का मौका भी है. आज का दिन ये सोचने के लिए भी है कि बीते 79 सालों में देश कितना बदला है. अगर इस बदलाव को समझने का सबसे आसान तरीका ढूंढें, तो वो है हमारी रोजमर्रा की चीजों की कीमतें. 1947 में जिस सोने की कीमत सुनकर आज शायद यकीन करना मुश्किल हो जाए, आज वही गोल्ड लाखों रुपये तक पहुंच चुका है. पेट्रोल, चांदी, खाने-पीने की चीजें और यहां तक कि डॉलर के मुकाबले रुपया भी लंबा सफर तय कर चुका है.
10 ग्राम सोने की कीमत
आज सोना खरीदना आम लोगों की जेब पर बहुत भारी पड़ रहा है. 14 अगस्,त 2026 को घरेलू बाजार में 24 कैरेट 10 ग्राम सोने की कीमत करीब 1,52,447 रुपये है. अब जरा 1947 की तस्वीर देखिए. उस समय 10 ग्राम सोना सिर्फ 88.62 रुपये में मिल जाता था. यानी जिस रकम से आज बच्चों की चॉकलेट खरीदना भी मुश्किल है, उससे आजादी के दौर में सोना खरीदा जा सकता था. सोना सिर्फ निवेश का जरिया नहीं है, बल्कि भारतीय परिवारों में शादी-ब्याह और त्योहारों से भी जुड़ा है. इसलिए सोने की कीमत में ये अंतर आम परिवार की बदलती आर्थिक कहानी भी बताता है.
चांदी में भी जबरदस्त उछाल
चांदी के दामों का सफर भी कम दिलचस्प नहीं है. 1947 में करीब 106 रुपये में एक किलो चांदी मिल जाती थी. 2026 में इसकी कीमत कई गुना बढ़ चुकी है. 14 अगस्त को घरेलू बाजार में एक किलो चांदी करीब 2,33,800 रुपये पर थी. इस साल जनवरी में चांदी 4 लाख रुपये प्रति किलो के पार भी पहुंच गई थी. हालांकि, बाद में कीमत में गिरावट देखने को मिली. यानी आज अगर किसी पुराने संदूक से 1947 की चांदी मिल जाए, तो उसकी कीमत सुनकर चेहरा खिल जाएगा.
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पेट्रोल ने भी बदली रफ्तार
आज गाड़ी चलाने से पहले पेट्रोल की कीमत जरूर देखी जाती है. 1947 में पेट्रोल की कीमत करीब 25 से 27 पैसे प्रति लीटर थी. वहीं, 2026 में दिल्ली में पेट्रोल करीब 102.12 रुपये प्रति लीटर है. सोचिए, उस समय एक रुपये में कई लीटर पेट्रोल आ सकता था. आज एक लीटर के लिए ही सौ रुपये से ज्यादा खर्च करने पड़ते हैं.
खाने-पीने की चीजें भी हुईं महंगी
महंगाई का असर सिर्फ सोने और पेट्रोल तक सीमित नहीं है. 1947 में सरसों का तेल करीब 15-20 पैसे प्रति लीटर मिलता था. वहीं, आज इसकी कीमत करीब 175 से 300 रुपये या उससे भी ज्यादा हो सकती है. इसी तरह आजादी के समय अंडा करीब 2 से 4 पैसे में मिलता था. अब इसकी कीमत लगभग 10-12 रुपये तक पहुंच चुकी है.
डॉलर के मुकाबले रुपया भी बदला
1947 में 1 अमेरिकी डॉलर करीब 3.3 रुपये के बराबर था. 2026 में रुपया डॉलर के मुकाबले 95 के पार जा चुका है. इन आंकड़ों को देखकर साफ है कि 1947 से 2026 तक भारत ने सिर्फ कीमतों के मामले में ही नहीं, बल्कि पूरी अर्थव्यवस्था और लाइफस्टाइल में भी लंबा सफर तय किया है. आजादी के समय की ये कीमतें भले ही सपने जैसी लगें, लेकिन यही आंकड़े हमें बताते हैं कि बीते दशकों में देश की जेब, बाजार और जरूरतें कितनी तेजी से बदली हैं.
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