British PM : ब्रिटेन की सत्तारूढ़ लेबर पार्टी शुक्रवार को एक विशेष सम्मेलन में एंडी बर्नहैम को अपना नेता बना सकती है. अगर ऐसा होता है तो उनके लिए ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बनने का रास्ता साफ हो जाएगा. लेबर पार्टी के स्पष्ट बहुमत की वजह से वह सोमवार को 10 डाउनिंग स्ट्रीट में कीर स्टार्मर की जगह ले सकते हैं. उन्होंने गुरुवार की रात में हाउस ऑफ कॉमन्स में 403 लेबर सांसदों में से 379 से नामांकन हासिल कर लिया था.
बीते 10 सालों में 7वें प्रधानमंत्री
ग्रेटर मैनचेस्टर के पूर्व मेयर बर्नहैम कई हफ्तों से प्रधानमंत्री बनने की लाइन में खड़े हुए हैं. पिछले महीने संसद की एक सीट का चुनाव जीतने के बाद उन्होंने विकास और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प लिया था. बता दें कि 56 वर्षीय बर्नहैम बीते सालों में 7वें प्रधानमंत्री बनेंगे. कीर स्टार्मर की तरफ से प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा देने के बाद वह सबसे ज्यादा मजबूत दावेदार के रूप में उभरे हैं. बर्नहैम के खिलाफ लेबर पार्टी में अभी तक किसी ने भी उन्हें चुनौती नहीं दी है और उम्मीद है कि उन्हें निर्विरोध पार्टी का नेता चुन लिया जाएगा.
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जननेता के रूप में बनाई अपनी छवि
वहीं, 2001 से 2017 तक सांसद और पूर्व सरकारों में मंत्री रहे बर्नहैम ने पिछले सालों में जननेता के रूप में अपनी छवि को स्थापित किया है. सोशल मीडिया के प्रभावी उपयोग, वक्तव्य और आम लोगों के साथ सीधे संपर्क की वजह से वह लोगों की पहली पसंद बन गए. यही वजह है कि लेबर पार्टी में भी उनके खिलाफ किसी ने भी बड़ी चुनौती बनने की हिम्मत नहीं जुटाई. वहीं, प्रधानमंत्री का पदभार संभालने के बाद बर्नहम के लिए रास्ता आसान नहीं होगा. उनके सामने ब्रिटेन की सुस्त अर्थव्यवस्था, यूक्रेन और मध्य पूर्व में जारी युद्ध और सार्वजनिक सेवाओं में अधिक निवेश की चुनौती खड़ी है.
अपनी प्राथमिकताओं को रख सकते हैं देश के सामने
बर्नहैम के कार्यालय ने अपने एक बयान में कहा कि लेबर नेता चुनने के बाद वह देश के सामने अपने प्राथमिकताओं को भी लोगों के सामने प्रस्तुत करेंगे. वह इस संबोधन में लोगों को आश्वासन दे सकते हैं कि उनके पास ब्रिटेन को सुस्त अर्थव्यवस्था से निकालने का प्लान है. साथ ही वह आर्थिक नवीनीकरण, विभिन्न सेक्टर, सार्वजनिक नियंत्रण और नए आधुनिक औद्योगिक रोजगार पर ध्यान केंद्रित कर सकते हैं. आपको बताते चलें कि जुलाई 2024 में कीर स्टार्मर 14 साल बाद लेबर पार्टी को सत्ता में वापस लाने में कामयाब हुए थे. लेकिन इसके बाद घरेलू नीतिगत विवादों, वाशिंगटन के लिए पीटर मैंडल्सन को राजदूत नियुक्त करने के निर्णय और स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन की वजह से उनका नेतृत्व लगातार दबाव में आ रहा था. इसी बीच ज्यादातर लेबर सांसदों की तरफ से अपना समर्थन वापस लाने के बीच स्टार्मर ने 22 जून, 2026 को प्रधानमंत्री से इस्तीफा दे दिया.
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