CM Yogi Adityanath: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को कांवड़ियों से अनुशासन बनाए रखने और भगवान राम की मर्यादा, भगवान कृष्ण के मूल्यों और भगवान शिव की सादगी को बनाए रखने की अपील की. साथ ही, उन्होंने गड़बड़ी फैलाने की कोशिश करने वाले असामाजिक तत्वों को चेतावनी भी दी. योगी आदित्यनाथ शामली जिले में 581 करोड़ रुपये से ज़्यादा की लागत वाली 89 विकास परियोजनाओं के उद्घाटन और शिलान्यास समारोह के लिए पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि आज कांवड़ यात्रा को कोई नहीं रोकता. यह शांति और उत्साह के साथ आगे बढ़ रही है.
मर्यादा, मूल्य और सादगी बनाए रखें कांवड़िए
सरकार कांवड़ियों के साथ खड़ी है और प्रशासन व सुरक्षा बल उनकी सेवा कर रहे हैं. कांवड़ यात्रियों से अनुशासन बनाए रखने की अपील करते हुए उन्होंने कहा कि हम भगवान राम के वंशज हैं, भगवान कृष्ण की धरती से हैं और भगवान शिव के भक्त हैं. हमें राम की मर्यादा, कृष्ण के मूल्यों और शिव की सादगी को बनाए रखना चाहिए. छोटी-छोटी बातों पर कोई भी अनियंत्रित व्यवहार नहीं होना चाहिए. आदित्यनाथ ने कहा कि कुछ असामाजिक तत्व हिंसा भड़काने और कांवड़ यात्रा की छवि खराब करने की कोशिश करते हैं. अगर कोई परेशानी पैदा करने या माहौल खराब करने की कोशिश करता है, तो ऐसे लोगों को तुरंत अलग कर दिया जाना चाहिए. हमें किसी को भी इस यात्रा की पवित्रता और गरिमा से समझौता नहीं करने देना चाहिए.
30 जुलाई से शुरू होगी कांवड़ यात्रा
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार कांवड़ यात्रा की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु संचालन सुनिश्चित करने के लिए हर संभव मदद देती रहेगी. कांवड़ यात्रा 30 जुलाई से शुरू होगी और 11 अगस्त को समाप्त होगी. इस दौरान भगवान शिव के भक्त हरिद्वार में गंगा से पवित्र जल लेंगे, उसे पैदल लेकर आएंगे और राजस्थान, हरियाणा, दिल्ली और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मंदिरों में भगवान शिव को अर्पित करेंगे. कांग्रेस और समाजवादी पार्टी पर मोहम्मद अली जिन्ना के उपासक और अनुयायी होने का आरोप लगाते हुए यूपी के मुख्यमंत्री ने कहा कि वे लोग जनसांख्यिकी बदल रहे थे. इसके विपरीत, हम किसानों के उपासक हैं. जब भी जिन्ना के इन अनुयायियों को मौका मिलेगा, वे आपको बांट देंगे. वे आपको जाति और क्षेत्र के आधार पर बांट देंगे. वे अराजकता फैलाएंगे और बेटियों तथा व्यापारी समुदाय की सुरक्षा से समझौता करेंगे.
अब पारदर्शी तरीके से भर्ती
आदित्यनाथ ने यह भी दावा किया कि 2017 से पहले एक जॉब सिंडिकेट ने कथित तौर पर योग्य युवाओं को सरकारी नौकरी से वंचित रखा था. कहा कि उस नेटवर्क को खत्म कर दिया गया है, साथ ही जोर देकर कहा कि अब भर्ती पारदर्शी तरीके से की जा रही है. सरकारी नौकरियों को लेकर समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव पर परोक्ष रूप से निशाना साधते हुए आदित्यनाथ ने उस कथित नेटवर्क को ‘सैफई का सिंडिकेट’ करार दिया, जो यादव का पैतृक गांव है.
News Source: PTI
