Attack on Kuwait: पश्चिम एशिया में जारी तनाव कम होने की बजाय बढ़ते हुए नजर आ रहा है. ईरान और अमेरिका के बीच जारी इस संघर्ष से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बाधित हो गया है. इसके कारण दुनिया में तेल और गैस पर संकट के बादल मंडरा रहे हैं. इतना ही नहीं भारत सहित दुनिया के कई देशों में तेल और गैस के दाम तेजी से बढ़ रहे हैं. इस बीच खाड़ी देश कुवैत ने अपने ऊपर फिर से हमला होने की बात कही है.
बता दें कि 28 फरवरी को जब अमेरिका ने ईरान पर हमला किया था तब उसके बदले में तेहरान ने कुवैत सहित कई खाड़ी देशों को अपना निशाना बनाया था, जहां पर अमेरिकी सैन्य अड्डे हैं. हालांकि, बाद में अमेरिका और ईरान के बीच अस्थाई रूप से सीजफायर का ऐलान हो गया था, लेकिन इसके बावजूद भी हमले की खबर सामने आ रही हैं.
कुवैत पर मिसाइल और ड्रोन से हमला
न्यूज एजेंसी पीटीआई के अनुसार, कुवैत ने कहा कि गुरुवार को उस पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया. यह हमला अमेरिका और ईरान दोनों द्वारा किए गए हमलों के बाद ईरान युद्ध में अस्थिर सीजफायर के लिए एक और चुनौती है. कुवैत की सेना ने यह घोषणा की, लेकिन यह नहीं बताया कि किस क्षेत्र को निशाना बनाया गया था. वहीं, ईरान ने कुछ घंटों बाद कहा कि उसने क्षेत्र में हमला किया है, लेकिन उसने भी यह स्पष्ट नहीं किया कि वास्तव में किस क्षेत्र को निशाना बनाया गया था. बता दें कि अमेरिका के करीबी सहयोगी कुवैत को युद्ध के दौरान ईरान और इराक में ईरान समर्थित शिया मिलिशियाओं द्वारा बार-बार हमलों का सामना करना पड़ा है.
ईरान और अमेरिका में संघर्ष को खत्म करने की कोशिश
कुवैत पर हमले की यह खबर ऐसे समय में आई है जब पश्चिम एशिया में तनाव का माहौल है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने विश्वास व्यक्त किया है कि उनका प्रशासन युद्ध समाप्त करने के लिए ईरान के साथ बातचीत में प्रगति कर रहा है, लेकिन वार्ता अभी भी अनिश्चित स्थिति में है. अमेरिकी प्रेसिडेंट एक ऐसे समझौते की तलाश में हैं जिससे होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सके.
अमेरिका ईरान को अपने अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम के भंडार को छोड़ने के लिए भी राजी करने की कोशिश कर रहा है, जबकि इस्लामिक गणराज्य अपनी चरमराई हुई अर्थव्यवस्था की मदद के लिए आर्थिक प्रतिबंधों को हटाने और जमे हुए एसेट्स को जारी करने की मांग कर रहा है.
ईरान पर अमेरिका का भी हमला
हाल ही में अमेरिका ने भी ईरान पर रक्षात्मक हमला किया. न्यूज एजेंसी पीटीआई की एक रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिकी अधिकारियों ने बताया कि सेंट्रल कमांड बलों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के पास खतरा पैदा कर रहे चार ईरानी एकतरफा हमलावर ड्रोनों को मार गिराया. अमेरिकी सेना ने बंदर अब्बास में स्थित एक ईरानी ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन को भी निशाना बनाया, जो पांचवां ड्रोन लॉन्च करने वाला था.
इस बीच, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान “मामूली स्थिति में बातचीत कर रहा है” और कहा कि अमेरिका में नवंबर में होने वाले मध्यावधि चुनाव उन्हें लगभग तीन महीने से चल रहे संघर्ष को समाप्त करने के लिए जल्दबाजी में समझौता करने के लिए मजबूर नहीं करेंगे.
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News Source: PTI
