Home राज्यGujarat इबोला का खतरा, बढ़ता टेंशन: गुजरात सरकार हाई अलर्ट पर, अहमदाबाद में संदिग्ध मरीज क्वारंटाइन

इबोला का खतरा, बढ़ता टेंशन: गुजरात सरकार हाई अलर्ट पर, अहमदाबाद में संदिग्ध मरीज क्वारंटाइन

by Nikul Patel 28 May 2026, 3:52 PM IST (Updated 28 May 2026, 3:53 PM IST)
28 May 2026, 3:52 PM IST (Updated 28 May 2026, 3:53 PM IST)
इबोला का खतरा, बढ़ता टेंशन: गुजरात सरकार हाई अलर्ट पर, अहमदाबाद सिविल अस्पताल में संदिग्ध मरीज क्वारंटाइन

Ebola Virus: अफ्रीका में तेजी से फैल रहे इबोला वायरस को लेकर अब गुजरात सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गई है. कांगो से भारत लौटे एक 37 वर्षीय बैंककर्मी को अहमदाबाद सिविल अस्पताल में क्वारंटाइन किया गया है. मरीज में तेज बुखार और वायरल हेमोरेजिक फीवर जैसे लक्षण पाए जाने के बाद स्वास्थ्य विभाग ने तुरंत सतर्कता बढ़ा दी है. हालांकि राज्य सरकार ने साफ किया है कि फिलहाल गुजरात या पूरे भारत में इबोला वायरस का कोई पुष्ट मामला सामने नहीं आया है और लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. गांधीनगर स्थित स्वर्णिम संकुल-2 में स्वास्थ्य राज्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई.

इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं

बैठक में अफ्रीकी देशों से आने वाले यात्रियों की जांच, क्वारंटाइन व्यवस्था और अस्पतालों की तैयारियों की समीक्षा की गई. जानकारी के मुताबिक संदिग्ध मरीज अमुरी लोकुला मूल रूप से कांगो के रहने वाले हैं और पेशे से बैंककर्मी हैं. वे करीब 10 दिन पहले कांगो से मुंबई पहुंचे थे. मुंबई में पांच दिन रुकने के बाद वे सिलवासा और दमन क्षेत्र में रहे और फिर 22 मई को वडोदरा पहुंचे. 26 मई को उन्हें तेज बुखार, कमजोरी और शरीर में दर्द की शिकायत हुई, जिसके बाद उन्हें वडोदरा के बैंकर्स अस्पताल में भर्ती कराया गया. हालत को देखते हुए बाद में उन्हें अहमदाबाद सिविल अस्पताल रेफर कर दिया गया, जहां फिलहाल उन्हें विशेष निगरानी में रखा गया है. मरीज के ब्लड सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं और रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है. स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल पानसेरिया ने कहा है कि अभी तक किसी भी रिपोर्ट में इबोला संक्रमण की पुष्टि नहीं हुई है.

अहमदाबाद एयरपोर्ट पर विशेष स्क्रीनिंग

उधर, स्वास्थ्य विभाग ने मरीज के संपर्क में आए लोगों की ट्रेसिंग भी शुरू कर दी है. डॉक्टर सुनील मूसा समेत तीन लोगों को निगरानी में रखा गया है. सभी को करीब 11 दिनों तक क्वारंटाइन में रखने की तैयारी की गई है. वडोदरा म्यूनिसिपल कॉर्पोरेशन और राज्य स्वास्थ्य विभाग लगातार समन्वय बनाकर काम कर रहा है ताकि किसी भी संभावित संक्रमण को फैलने से रोका जा सके. निगरानी में डॉक्टर सुनील मूसा, पैट्रिक काजा और वेलेंटिन जोडल को रखा गया है. सभी की लगातार मेडिकल मॉनिटरिंग की जा रही है. गुजरात सरकार ने अहमदाबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर भी विशेष स्क्रीनिंग शुरू कर दी है. शाम 6 बजे से सुबह 10 बजे तक युगांडा, कांगो और साउथ सूडान से आने वाले यात्रियों की सघन जांच की जा रही है. स्वास्थ्य विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जांच केवल प्रभावित देशों से आने वाले यात्रियों के लिए है और सामान्य यात्रियों को घबराने की जरूरत नहीं है.

इमरजेंसी स्थिति से निपटने के लिए राज्य सरकार ने कई अस्पतालों में अलग आइसोलेशन वार्ड तैयार किए हैं. अहमदाबाद सिविल अस्पताल में 32 बेड, सूरत सिविल अस्पताल में 10 बेड और अहमदाबाद के एसवीपी अस्पताल में 60 बेड का विशेष आइसोलेशन वार्ड तैयार किया गया है. सरकार का दावा है कि केंद्र सरकार की SOP और गाइडलाइन का पूरी तरह पालन किया जा रहा है और स्वास्थ्य तंत्र किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है. इस बीच विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी WHO ने भी इबोला वायरस को लेकर चेतावनी जारी की है.

अफवाहों से दूर रहने की अपील

इंडियन मेडिकल एसोसिएशन ने भी लोगों से सावधानी बरतने और अफवाहों से दूर रहने की अपील की है. IMA के गुजरात कॉर्डिनेटर डॉ. मुकेश महेश्वरी ने कहा कि फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सतर्क रहना बेहद जरूरी है. गौरतलब है कि इबोला वायरस एक गंभीर और जानलेवा संक्रमण माना जाता है, जो संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से फैल सकता है. इसके लक्षणों में तेज बुखार, कमजोरी, शरीर में दर्द और गंभीर स्थिति में ब्लीडिंग शामिल हो सकती है. इसी कारण स्वास्थ्य विभाग हर संदिग्ध मामले को गंभीरता से ले रहा है. फिलहाल गुजरात सरकार लगातार निगरानी, स्क्रीनिंग और क्वारंटाइन प्रक्रिया पर काम कर रही है.

सावधान! आ रहा है इबोला: WHO की चेतावनी के बाद एक्शन में आया भारत, एयरपोर्ट पर जांच हुई सख्त

You may also like

LT logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?