Home Top News सीरिया के कैंप से निकला AUS नागरिकों का एक ग्रुप, बनाकर रखा था बंदी; औरतें-बच्चे हैं शामिल

सीरिया के कैंप से निकला AUS नागरिकों का एक ग्रुप, बनाकर रखा था बंदी; औरतें-बच्चे हैं शामिल

by Sachin Kumar 16 February 2026, 6:35 PM IST (Updated 19 February 2026, 1:01 PM IST)
16 February 2026, 6:35 PM IST (Updated 19 February 2026, 1:01 PM IST)
Australian citizens alleged IS depart Syria Roj camp

Syria News : सीरिया से एक कैंप से ऑस्ट्रेलिया नागरिकों का एक ग्रुप अपने वतन वापस जाने की तैयार में लग गया है. इनके जाने की भी प्रक्रिया शुरू हो गई है और ये लोग दमिश्क से सीधे उड़ान भरेंगे.

Syria News : सीरियाई गृहयुद्ध के बीच ऑस्ट्रेलियाई नागरिकों के लिए राहत देने वाली खबर सामने आई. ऑस्ट्रेलिया नागरिकों का ग्रुप सोमवार को उत्तर-पूर्वी सीरिया के एक कैंप से निकला, जिसमें इस्लामिक स्टेट (IS) के मिलिटेंट्स से कथित तौर पर जुड़े लोगों को रखा गया था. अब इन लोगों को वापस भेजने के लिए प्रक्रिया शुरू हो गई है. ‘रोज कैंप’ के डायरेक्टर इब्राहिम ने कहा कि 11 परिवारों के करीब 34 लोगों के रिश्तेदार ऑस्ट्रेलिया से उनके साथ आए हैं. वे सीरिया की राजधानी दमिश्क जाएंगे और फिर ऑस्ट्रेलिया के लिए उड़ान भरेंगे.

2200 लोगों को कैंप में रखा गया

उत्तर-पूर्वी सीरियाई कैंप में 50 देशों के करीब 2200 लोग रहते हैं, जिनमें ज्यादातर बच्चे और औरतें शामिल है. इन सभी लोगों को एक्सट्रीमिस्ट ग्रुप से कथित तौर पर जुड़े होने का दावा किया जाता है. साथ ही ज्यादातर कैंप में रहने वाले बंदियों के ऊपर कोई आरोप नहीं है इसके बाद भी उन्हें कैदी बनाकर रखा गया है. बताया जा रहा है कि कुर्दिश लीडरशिप वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेज के कंट्रोल वाले भारी सुरक्षा वाले कैंप में रखा गया है.

कैंप में रहने वाली शमीमा बेगम साल 2015 में 15 साल की थी और बेगम ने IS के लिए लड़ने वाले एक डच आदमी से शादी कर ली, जिनसे उनके तीन बच्चे हुए. लेकिन वह कुछ साल पहले ही ब्रिटिश सरकार के उस फैसले के खिलाफ अपील हार गईं जिसमें उनकी यूके नागरिकता रद्द हो गई.

नागरिकों को वापस लेने से हिचकिचाए देश

कैंप डायरेक्टर इब्राहिम ने कहा कि बीते साल 16 परिवारों को वापस उनके घर भेजा गया था. इनमें मुख्य रूप से जर्मन, ब्रिटेन और फ्रांस के नागरिक शामिल थे. साल 2022 में तीन ऑस्ट्रेलियाई परिवारों को वापस भेजा गया. वहीं, ह्यूमन राइट्स ग्रुप्स ने कैंपों में खराब रहने की स्थिति और बड़े पैमाने पर हिंसा का हवाला दिया. साथ ही कई देश अपने नागरिकों को वापस लेने में हिचकिचा रहे हैं जिन्हें वहां पर हिरासत में लिया गया है.

अल-होल कैंप पर किया कब्जा

सरकारी बलों ने पिछले महीने ही SDF के साथ लड़ाई के बीच अल-होल कैंप पर कब्जा कर लिया. इसकी वजह से सरकारी बलों ने उत्तर-पूर्वी सीरिया के ज्यादातर इलाके पर कब्जा कर लिया जो कुर्दों के कब्जे में था. इसके अलावा UN रिफ्यूजी एजेंसी ने रविवार को कहा कि अल-होल कैंप के बड़ी संख्या में निवासी चल गए हैं और सीरियाई सरकार ने उन लोगों को दूसरी जगह पर भेजने की योजना बनाई है. साथ ही उत्तर-पूर्वी सीरिया के डिटेंशन सेंटरों में रखे गए हजारों आरोपी IS मिलिटेंट्स को अमेरिकी सेना ने वहां ट्रायल के लिए इराक भेज दिया है.

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News Source: PTI

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