Home Top News मायावती से मिलने पहुंचा दलित कांग्रेस नेताओं का डेलीगेशन, बसपा चीफ ने दरवाजा भी नहीं खोला

मायावती से मिलने पहुंचा दलित कांग्रेस नेताओं का डेलीगेशन, बसपा चीफ ने दरवाजा भी नहीं खोला

by Neha Singh 20 May 2026, 1:36 PM IST (Updated 20 May 2026, 2:53 PM IST)
20 May 2026, 1:36 PM IST (Updated 20 May 2026, 2:53 PM IST)
Mayawati Refuses Meeting

Mayawati Refuses Meeting: मंगलवार शाम को BSP चीफ मायावती के लखनऊ आवास पर दलित कांग्रेस नेताओं के एक डेलीगेशन उनसे मिलने के लिए पहुंचा, लेकिन मायावती ने उन्हें दरवाजे से ही लौटा दिया. कांग्रेस नेताओं की यह असफल मीटिंग अब विवादों में आ गई है. मायावती ने न सिर्फ कांग्रेस नेताओं से मिलने के लिए इनकार कर दिया, बल्कि बिना शेड्यूल के मिलने आने की वजह बताने के लिए एक नोटिस भी भेजा है. कांग्रेस नेताओं का इस तरह लौटना कांग्रेस पार्टी के लिए शर्मिंदगी भरा है.

दरवाजे से लौटाया

खबर है कि सुरक्षाकर्मियों ने उनका मैसेज BSP चीफ तक पहुंचाया, लेकिन मायावती ने मिलने से मना कर दिया. बता दें, यह मुलाकात करने की कोशिश ऐसे समय पर हुई, जब लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी रायबरेली के दौरे पर हैं. इसलिए यह भी कहा जा रहा है कि कांग्रेस ने मायावती से मिलकर कुछ राजनीतिक मुद्दों पर बात करना चाहते थे, लेकिन मुलाकात नहीं हो पाई. कांग्रेस शेड्यूल्ड कास्ट डिपार्टमेंट के नेशनल चेयरमैन राजेंद्र पाल गौतम, डिपार्टमेंट के उत्तर प्रदेश प्रेसिडेंट और MP तनुज पुनिया उन नेताओं में शामिल थे जो BSP चीफ के घर गए थे. बुधवार को, पुनिया ने बताया कि यह दौरा एक “गुडविल जेस्चर” था.

क्या बोले कांग्रेस नेता

पुनिया ने कहा, “मंगलवार शाम को लखनऊ में राजेंद्र पाल जी के नेतृत्व में पार्टी के SC विंग की एक मीटिंग हुई, क्योंकि हमारा पार्टी ऑफिस BSP चीफ के घर के पास है. मीटिंग के बाद जब हम मायावती जी के घर के पास से गुजरे, तो हमने उनसे अचानक मिलने का सोचा, खासकर इसलिए क्योंकि वह भी हमारी ही कम्युनिटी से हैं और एक सीनियर लीडर हैं.” उन्होंने माना कि डेलीगेशन BSP चीफ से मिल नहीं पाया. हालांकि, पुनिया ने उन खबरों से इनकार किया कि दलित नेताओं ने राहुल गांधी का मैसेज देने के लिए मायावती से संपर्क करने की कोशिश की थी. पुनिया ने फोन पर कहा, “यह सही नहीं है. मैं अभी रायबरेली में सिर्फ राहुल जी के प्रोग्राम में हूं.”

पार्टी की तरफ से नहीं गए थे नेता

कांग्रेस के उत्तर प्रदेश इंचार्ज अविनाश पांडे ने बताया कि पार्टी ने इस दौरे पर ध्यान दिया है. पांडे ने कहा, “यह पार्टी का कोई ऑथराइज्ड डेलीगेशन नहीं था. कांग्रेस का कहना है कि कांग्रेस मायावती का “बहुत सम्मान” करती है, लेकिन जो नेता उनके घर गए थे, वे अपनी मर्जी से गए थे, पार्टी की तरफ से नहीं. उत्तर प्रदेश कांग्रेस के प्रेसिडेंट अजय राय ने भी कहा कि पार्टी ने इस विजिट की कोई परमिशन नहीं दी. उन्होंने कहा, “ऐसे विजिट पहले से तय होते हैं और टॉप लीडरशिप काफी पहले ही उन्हें मंजूरी दे देती है.”

2027 की तैयारी?

अटकलें लगाई जा रही हैं कि कांग्रेस 2027 के चुनावों में विपक्षी मोर्चे को मजबूत करने और PM मोदी और CM योगी की जोड़ी को चुनौती देने के लिए मायावती को साथ लाना चाहती है. इसलिए, ये कांग्रेस दलित नेता मायावती से मिलने गए थे. हालांकि, मायावती ने उनके लिए अपने घर के दरवाजे भी नहीं खोले.

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News Source: PTI

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