Home Top News किसी देश को ताइवान पर कब्जे का हक नहीं, बाहरी ताकतें तय नहीं करेंगी हमारा भविष्यः राष्ट्रपति लाई

किसी देश को ताइवान पर कब्जे का हक नहीं, बाहरी ताकतें तय नहीं करेंगी हमारा भविष्यः राष्ट्रपति लाई

by Sanjay Kumar Srivastava 20 May 2026, 3:56 PM IST (Updated 20 May 2026, 4:00 PM IST)
20 May 2026, 3:56 PM IST (Updated 20 May 2026, 4:00 PM IST)
राष्ट्रपति लाई का बड़ा बयान: किसी देश को ताइवान पर कब्जे का हक नहीं, बाहरी ताकतें तय नहीं करेंगी हमारा भविष्य

Taiwan President: ताइवान के राष्ट्रपति लाई चिंग-ते ने बुधवार को कहा कि केवल ताकत ही शांति ला सकती है. लाई ने कहा कि किसी भी देश को ताइवान पर कब्ज़ा करने का अधिकार नहीं है. लाई ने कहा कि जलडमरूमध्य में शांति को बढ़ावा देने के लिए ताइवान अमेरिका और अन्य लोकतांत्रिक देशों के बीच अधिक सहयोग की आशा रखता है. कहा कि अगर मौका मिला तो वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अमेरिकी हथियारों की खरीद जारी रखने की अपनी आशा के बारे में बताएंगे, जिसे लाई ने शांति के लिए आवश्यक बताया. कहा कि द्वीप का भविष्य बाहरी ताकतों द्वारा तय नहीं किया जाएगा. लाई चीन के बढ़ते दबाव के बीच अपने कार्यकाल के दो साल पूरे कर रहे हैं, जो उनके कार्यकाल का आधा पड़ाव है. लाई ने कहा कि अगर वह ट्रंप से बात कर सकते हैं तो वह इस बात पर जोर देंगे कि ताइवान स्ट्रेट में शांति और स्थिरता वैश्विक सुरक्षा के लिए महत्वपूर्ण है.

ताइवान ने बढ़ाया अपना रक्षा बजट

उन्होंने आरोप लगाया कि चीन स्ट्रेट की शांति का विनाशक है. लाई ने कहा कि वह ट्रंप को यह भी बताएंगे कि ताइवान का बढ़ता रक्षा बजट खतरों का सामना करने के लिए है और अमेरिकी हथियारों की खरीद इस जलडमरूमध्य की स्थिरता की रक्षा के लिए एक आवश्यक साधन होगी. लाई ने कहा कि उनका मानना ​​है कि केवल ताकत ही शांति ला सकती है. लाई ने कहा कि किसी भी देश को ताइवान पर कब्ज़ा करने का अधिकार नहीं है. उन्होंने कहा कि लाई जलडमरूमध्य में शांति को बढ़ावा देने के लिए ताइवान अमेरिका और अन्य लोकतांत्रिक देशों के बीच अधिक सहयोग की आशा रखते हैं. शी की अमेरिका को चेतावनी के बावजूद लाई डटे हुए हैं. चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पिछले हफ्ते अमेरिका को चेतावनी दी थी.

ताइवान पर अमेरिका मेहरबान, नए हथियार पैकेज की मंजूरी

उन्होंने बीजिंग शिखर सम्मेलन के दौरान ट्रंप से कहा था कि ताइवान प्रश्न चीन और अमेरिका के बीच संबंधों में सबसे महत्वपूर्ण मुद्दा है और उचित प्रबंधन के बिना दोनों देशों में झड़प और यहां तक ​​कि संघर्ष होंगे. दिसंबर में ट्रंप ने ताइवान को रिकॉर्ड तोड़ 11 अरब अमेरिकी डॉलर के हथियार पैकेज को मंजूरी दी थी. अमेरिकी राष्ट्रपति की चीन यात्रा समाप्त होने पर शुक्रवार को फॉक्स न्यूज पर प्रसारित एक साक्षात्कार में ट्रंप ने कहा कि ताइवान के लिए 14 बिलियन अमरीकी डालर के नए हथियार पैकेज की मंजूरी चीन पर निर्भर थी. ट्रंप ने संवाददाताओं से कहा कि उन्हें उस व्यक्ति से बात करने की जरूरत है जो ताइवान को चला रहा है. ट्रंप और लाई की बातचीत से चीन नाराज हो सकता है, जिसके अमेरिका के साथ औपचारिक राजनयिक संबंध हैं.

कंप्यूटर चिप्स का प्रमुख निर्माता है ताइवान

बुधवार को अपने भाषण में लाई ने कहा कि लोकतंत्र कोई आसमान से मिला उपहार नहीं है. ताइवान का भविष्य बाहरी ताकतों द्वारा तय नहीं किया जा सकता है, न ही इसे डर, विभाजन या अल्पकालिक हितों द्वारा बंधक बनाया जा सकता है. उन्होंने कहा कि ताइवान समानता और गरिमा के सिद्धांतों के तहत चीन के साथ स्वस्थ और व्यवस्थित आदान-प्रदान में शामिल होने का इच्छुक है, लेकिन संयुक्त मोर्चे की रणनीति को दृढ़ता से खारिज करता है. भू-राजनीति से परे ताइवान कृत्रिम-बुद्धिमत्ता सर्वर, कंप्यूटर चिप्स और सटीक उपकरणों का एक प्रमुख निर्माता है.

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News Source: PTI

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