China-US Relations: चीन और अमेरिका ने एक-दूसरे से आयात होने वाले करीब 30-30 अरब डॉलर के सामान पर लगाए गए टैरिफ में कटौती करने पर सहमति जताई है. दोनों देश करीब 90 फीसदी उत्पादों पर टैरिफ कम करेंगे. यह जानकारी चीन के वाणिज्य मंत्रालय (MOFCOM) ने दी है. चीन और अमेरिका की आर्थिक एवं व्यापारिक टीमों के बीच 20 से 23 सितंबर तक न्यूयॉर्क और वॉशिंगटन में बातचीत हुई थी. इस दौरान दोनों देशों के बीच आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा हुई.
खास बात यह है कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’ को लेकर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया. यह कानून ट्रंप प्रशासन को रूस पर प्रतिबंध लगाने के साथ-साथ भारत और चीन समेत रूस के तेल एवं गैस क्षेत्र के व्यापारिक साझेदारों पर भारी टैरिफ लगाने का अधिकार देता है. वहीं, चीन ने रूसी तेल और गैस की अपनी खरीद पर टैरिफ लगाने की अमेरिकी कोशिश को सिरे से खारिज कर दिया है. चीन का कहना है कि देशों के बीच सामान्य व्यापारिक सहयोग में किसी तीसरे पक्ष को हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए.
90 प्रतिशत उत्पादों पर कम होगा टैरिफ
इसके अलावा दोनों पक्षों के बीच हालिया बयानों में ‘रेअर अर्थ’ के निर्यात पर नियंत्रण जैसे मुश्किल मुद्दों का जिक्र नहीं किया गया. हांगकांग स्थित ‘साउथ चाइना मॉर्निंग पोस्ट’ से बात करते हुए अंकुरा कंसल्टिंग के चीन-स्थित मैनेजिंग डायरेक्टर अल्फ्रेडो मोंटुफार-हेलू ने कहा कि अमेरिका के साथ बातचीत में चीन के पास सबसे मजबूत दांव अहम ‘रेअर अर्थ’ और अन्य जरूरी खनिजों की माइनिंग और प्रोसेसिंग में उसका दबदबा है. वैश्विक ‘रेअर अर्थ’ मटेरियल्स का लगभग 70 और उनके प्रोसेसिंग का करीब 90 फीसदी चीन के पास है. ये मटेरियल्स मुख्य रूप से इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटोमोबाइल, पवन ऊर्जा और रक्षा उपकरण के अलावा कई आधुनिक गैजेट के निर्माण के लिए महत्वपूर्ण हैं. MOFCOM के अनुसार, चीन और अमेरिका एक-दूसरे से लगभग 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आयात पर टैरिफ कम करने पर सहमत हुए हैं. प्रत्येक पक्ष 90 प्रतिशत उत्पादों पर टैरिफ को कम करेगा. साथ ही समझौते के तहत अमेरिका खिलौने, घरेलू उपकरण, शिशु उत्पाद, रसोई और बाथरूम उत्पादों समेत चीन से करीब 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आयात पर टैरिफ कम करेगा.

अपनी-अपनी सूची को करेंगे सार्वजनिक
वहीं, चीन कृषि उत्पादों, व्यक्तिगत देखभाल उत्पादों, चिकित्सा उपकरणों और कोयले समेत अमेरिका से लगभग 30 बिलियन अमेरिकी डॉलर के आयात पर टैरिफ कम करेगा. दोनों पक्ष टैरिफ कटौती के अधीन उत्पादों की अपनी-अपनी सूची संयुक्त रूप से जारी करने पर सहमत हुए. ग्लोबल टाइम्स ने MOFCOM के हवाले से बताया कि दोनों पक्षों द्वारा अपनी-अपनी घरेलू कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद कटौती एक साथ प्रभावी होगी. MOFCOM ने कहा कि यह व्यवस्था चीन-अमेरिका व्यापार को स्थिर करने और अमेरिका में प्रासंगिक चीनी उत्पादों के निर्यात के लिए अनुकूल परिस्थितियां बनाने में मदद करेगी. साथ ही घरेलू बाजार की मांग को पूरा करने और कृषि उत्पादों, ऊर्जा, निर्मित वस्तुओं और उपभोक्ता उत्पादों सहित क्षेत्रों में द्विपक्षीय व्यापार सहयोग को मजबूत करने में भी मदद करेगी. दूसरी ओर पर्यवेक्षकों ने कहा कि 2025 में यूएस-चीन व्यापार लगभग 414.7 बिलियन अमेरिकी डॉलर का हुआ. इसमें से चीनी निर्यात 308 बिलियन अमेरिकी डॉलर से अधिक और अमेरिकी निर्यात 106.3 बिलियन अमेरिकी डॉलर को ध्यान में रखते हुए टैरिफ में कटौती मामूली थी.

समझौते में कृषि उत्पादों को भी शामिल किया गया
MOFCOM ने बताया कि चीन और अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार को ध्यान में रखते हुए ‘चीन-अमेरिका व्यापार बोर्ड’ बनाने पर सहमत हुए हैं. इसका मुख्य काम दोनों देशों के बीच व्यापार को बेहतर बनाना होगा. उन्होंने कहा कि दोनों पक्षों की आर्थिक और व्यापारिक टीमें बोर्ड के काम, ढांचे, जिम्मेदारियों और बातचीत के तरीकों पर सहमत हो गई हैं. खास बात यह है कि चीन और अमेरिका की आर्थिक और व्यापारिक टीमों के बीच बनी सहमति के तहत, अमेरिका से चीन में आयात होने वाले कोयले पर लगने वाले टैरिफ को ’30 अरब डॉलर के बदले 30 अरब डॉलर’ वाले आपसी टैरिफ कटौती ढांचे में शामिल किया जाएगा. इसकी वजह से 2027 और 2028 में अमेरिका से चीन में कोयले का आयात आसान हो जाएगा. अमेरिका से कोयले का आयात चीन के घरेलू कोयला बाजार के लिए एक उपयोगी पूरक होगा. साथ ही अमेरिकी कोयला उद्योग के लिए स्थिर कमाई और नौकरियां भी लाएगा.

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MOFCOM के अधिकारी ने कहा कि इससे द्विपक्षीय व्यापार को स्थिर करने और बढ़ाने में भी मदद मिलेगी. उम्मीद है कि संयुक्त प्रयासों से चीन और अमेरिका कोयला क्षेत्र में सहयोग को और गहरा करेंगे और आपसी लाभ भी हासिल करेंगे. इसके अलावा मई महीने में हुई द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापार बातचीत में जिन मुद्दों पर सहमत हुए हैं उनमें कृषि उत्पादों को भी शामिल किया गया है. इस पृष्ठभूमि में बातचीत के इस दौर में दोनों पक्ष व्यापार बोर्ड के तहत एक कृषि कार्य समूह बनाने पर सहमत हुए हैं. इसमें दोनों देशों की संबंधित नियामक एजेंसियां शामिल होंगी. MOFCOM ने कहा कि बोर्ड से आर्थिक और व्यापारिक क्षेत्र में सहयोग की सूची को लंबा करने और समस्याओं की सूची को छोटा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच और संस्थागत गारंटी मिलने की उम्मीद है. इसके जरिए चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को स्थिर और सकारात्मक रास्ते पर बनाए रखने में मदद मिलेगी.
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AI के जोखिम पर भी शुरू करेंगे बातचीत
खास बात यह है कि दोनों देशों ने AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) पर बातचीत की शुरुआत की है. दोनों पक्ष इस बात पर सहमत हुए कि वे चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापार बातचीत तंत्र के तहत AI पर भी बातचीत शुरू करेंगे. MOFCOM के अनुसार, उन्होंने पहला सत्र आयोजित किया है और AI के जोखिमों और फायदों पर अपने विचार साझा किए हैं. इसमें कहा गया है कि चीन और अमेरिका नवंबर से पहले AI से जुड़ी घटनाओं पर चर्चा करेंगे. दूसरी ओर चीन और अमेरिका कुआलालंपुर व्यापार समझौते को बढ़ाने पर भी सहमत हुए हैं. इसके तहत कुछ टैरिफ और नॉन-टैरिफ उपायों को 10 नवंबर 2026 तक के लिए रोक दिया गया था, जिसे अब 10 जनवरी 2027 तक बढ़ा दिया गया है. साथ ही दोनों पक्षों को मंजूर समाधान तक पहुंचने के लिए सक्रिय बातचीत भी जारी रहेगी. मंत्रालय ने कहा कि इस समझौते से दोनों पक्षों को इसके लागू होने की समीक्षा और मूल्यांकन करने का मौका मिलता है. यह भी सोचना का मौका मिलता है कि अगले चरण में चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापारिक संबंधों को कैसे आगे बढ़ाया जाए. इसमें कहा गया है कि समय-सीमा के साथ विस्तार और लगातार सक्रिय बातचीत से चीनी और अमेरिकी व्यवसायों के बीच सहयोग के लिए एक स्थिर और अनुमान लगाने योग्य नीतिगत माहौल भी बनेगा.

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बातचीत के जरिए तनाव किया जाएगा कम
MOFCOM ने कहा कि उसे उम्मीद है कि दोनों पक्ष अपनी कोशिशें जारी रखेंगे और साल के आखिर से पहले उच्च-स्तरीय आर्थिक और व्यापारिक बातचीत के जरिए इसे और आगे बढ़ाने पर सकारात्मक समाधान निकालेंगे. अन्य नतीजों में सीधी यात्री उड़ानों को बढ़ाने पर विचारों का आदान-प्रदान और चीन-अमेरिका के बीच और उड़ानें जोड़ने व संबंधित मामलों पर बातचीत जारी रखने का समझौता शामिल है. इसके अलावा चीन अलग-अलग देशों की वित्तीय सेवा संस्थाओं के चीन में कारोबार करने और शाखाएं खोलने के आवेदनों की समीक्षा करेगा. MOFCOM के एक अधिकारी ने कहा कि चीन को उम्मीद है कि अमेरिका चीनी-वित्तपोषित वित्तीय संस्थानों के लिए निष्पक्ष, पारदर्शी और स्थिर नीतिगत माहौल देगा. बातचीत के दौरान चीन और अमेरिका ने आर्थिक और व्यापारिक बातचीत के पिछले दौरों में बनी सहमति को लागू करने की अपनी प्रतिबद्धता को फिर से दोहराया और पक्का किया. MOFCOM ने कहा कि इससे द्विपक्षीय आर्थिक और व्यापारिक सहयोग के लिए अनुकूल परिस्थितियां और स्थिर माहौल बनेगा. साथ ही वैश्विक आर्थिक विकास में भी योगदान मिलेगा.
दोनों देशों के बीच बातचीत रही संतुष्ट पूर्वक
वॉशिंगटन में 24-25 सितंबर को हुई शिखर वार्ता में ट्रंप और शी ने चीन-अमेरिका आर्थिक और व्यापार पर सकारात्मक चर्चा हुई. आर्थिक और व्यापारिक टीमों द्वारा हासिल किए गए नतीजों को स्वीकार किया. ग्लोबल टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, उन्होंने निर्देश दिया कि उन नतीजों को लागू किया जाए. रिपोर्ट में कहा गया है कि अमेरिका में फैले फेंटानिल ड्रग संकट को लेकर दोनों पक्षों ने नए साइकोएक्टिव पदार्थों और प्रीकर्सर रसायनों से जुड़े कई मामलों को सुलझाने और दोनों देशों में दर्जनों संदिग्धों को गिरफ्तार करने के लिए मिलकर काम किया है. इन आठ नतीजों के अलावा चीनी और अमेरिकी सेनाएं संकट के समय संचार और रोकथाम को मजबूत करने के लिए एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर करने पर सहमत हुईं हैं.
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