Railway Projects: पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने शनिवार को कहा कि राज्य में लगभग 1 लाख करोड़ रुपए की रेलवे परियोजनाएं शुरू की जाएंगी. उन्होंने अधिकारियों को आवश्यक भूमि सौंपने के लिए पूरी तैयारी के साथ आने का निर्देश दिया. मुख्यमंत्री ने कोलकाता में राज्य सचिवालय में रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव के साथ एक संयुक्त संवाददाता सम्मेलन के दौरान यह घोषणा की. उन्होंने कहा कि पिछली तृणमूल कांग्रेस सरकार के दौरान राज्य और केंद्र के बीच ‘युद्ध जैसी’ स्थिति थी. परिणामस्वरूप पश्चिम बंगाल में रेलवे विकास रुक गया था. सरकार बदलने के साथ उस समस्या का समाधान हो जाएगा.
1 लाख करोड़ रुपए का होगा निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के हर जिले को रेलवे मैप से जोड़ा जायेगा. उन्होंने कहा कि अगर हम लंबित परियोजनाओं के लिए भूमि और अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) प्रदान करते हैं तो रेलवे बोर्ड और मंत्रालय के लिए अभी भी 1 लाख करोड़ रुपए के निवेश का अवसर है. अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार पहले ही कम से कम 60 परियोजनाओं के लिए जमीन देने के अलावा फुट ओवरब्रिज (एफओबी) और अंडरपास के लिए 40 एनओसी प्रदान कर चुकी है. सीएम ने कहा कि 102 स्टेशनों के आधुनिकीकरण के अलावा राज्य में 538 फ्लाईओवर और अंडरपास का निर्माण किया जाएगा.
उन्होंने शनिवार की बैठक में उपस्थित जिलाधिकारियों से पूरे राज्य को नेटवर्क के भीतर लाने के लिए घोषित परियोजनाओं के लिए भूमि प्राप्त करने में रेल मंत्रालय की सहायता करने के लिए कहा. अधिकारी ने बैठक में कहा कि हमारी सरकार के दृष्टिकोण और मिशन को स्पष्ट रूप से समझें. जिस तरह से हमने बीएसएफ को बाड़ लगाने के लिए जमीन मुहैया कराई, उसी उत्साह के साथ हम पूरे पश्चिम बंगाल में रेलवे नेटवर्क का विस्तार करने के लिए काम करेंगे.
61 परियोजनाओं को मंजूरी
उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड ने राज्य भर में लगभग 61 परियोजनाओं को मंजूरी दी है, जिनमें ‘जंगलमहल’, नंदीग्राम, करिम्पियूर, जलांगी, तेहट्टा, नादिया, मुर्शिदाबाद, लालगढ़, दक्षिण दिनाजपुर और सुंदरबन की प्रमुख परियोजनाएं और मेट्रो रेलवे परियोजनाओं का विस्तार शामिल है. उन्होंने कहा कि रेलवे बोर्ड जमीन खरीदने के लिए 100 प्रतिशत वित्त प्रदान करता है, और कुछ मामलों में राज्य सरकार उन्हें खरीदकर रेलवे को सौंप देगी. हम जहां भी आवश्यक हो, रेल मंत्रालय की सहायता करेंगे. उन्होंने डीएम को पूरी तैयारी के साथ आने का निर्देश दिया, जिसमें बताया गया कि रेलवे परियोजनाओं के लिए आवश्यक भूमि कब सौंपी जा सकती है ताकि कार्यान्वयन में देरी न हो.
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News Source: PTI
