Gujarat News: अहमदाबाद में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जा कर बनाए गए मकान को नगर निगम ने बुलडोजर लगाकर ढहा दिया. मकान गिराए जाने से अतिक्रमणकारियों में हड़कंप मच गया. इस दौरान सुरक्षा के कड़े प्रबंध किए गए थे. अहमदाबाद नगर निगम (एएमसी) ने शनिवार को शहर के मोटेरा इलाके में आसाराम आश्रम के पास सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने 37 घरों को गिरा दिया. ऑपरेशन के दौरान कानून और व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस तैनाती की गई.
125 से अधिक जवानों की मौजूदगी में कार्रवाई
जोन-2 के पुलिस उपायुक्त भरत राठौड़ ने बताया कि अहमदाबाद नगर निगम की चार टीमों ने चार निरीक्षकों, आठ उप निरीक्षकों और 125 पुलिसकर्मियों के सहयोग से घरों को ढहा दिया. अधिकारियों ने कहा कि निवासियों को कार्रवाई के बारे में पहले ही सूचित कर दिया गया था. जबकि 12 घरों के रहने वालों ने पहले ही अपने घर खाली कर दिए थे. अन्य को विध्वंस शुरू होने से पहले अपना सामान निकालने का समय दिया गया था. राठौड़ ने कहा कि लगभग 15 दिन पहले निवासियों के साथ बैठकें आयोजित की गईं, जिसके दौरान अहमदाबाद नगर निगम के अधिकारियों ने प्रस्तावित कार्रवाई पर चर्चा की और सुविधाओं की पेशकश की.
एक साल पहले दिया गया था नोटिस
उप नगर आयुक्त रिद्धेश रावल ने कहा कि सरकारी जमीन पर अवैध रूप से बने मकानों को एक साल पहले नोटिस दिया गया था. रावल ने कहा कि हमने एक साल पहले सरकारी जमीन पर बने कुछ घरों को नोटिस दिया था. सरकार ने प्रत्येक परिवार को 10,000 प्रति माह किराया देने की भी पेशकश की है, जबकि उनके लिए नया घर निर्माणाधीन है. अभियान के दौरान लोगों ने विरोध भी किया, जिसके कारण दो व्यक्तियों को हिरासत में लिया गया. पुलिस ने कहा कि स्थिति पर जल्द ही काबू पा लिया गया और विध्वंस शांतिपूर्ण ढंग से जारी रहा. कई निवासियों ने अपने विस्थापन पर चिंता व्यक्त की और वैकल्पिक आवास के लिए अधिकारियों से अपील की.
पीड़ितों ने कहा- रहने के लिए जगह नहीं
इलाके की निवासी सपनाबेन ने कहा कि अपना घर खोने के बाद हमारे पास जाने के लिए कोई जगह नहीं है. उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि उन्हें रहने के लिए जगह मुहैया कराई जाए. एक अन्य निवासी ने कहा कि विध्वंस के कारण 14 जून को होने वाली आगामी पुलिस कांस्टेबल परीक्षा के लिए उनकी बेटी की तैयारी बाधित हो गई. उन्होंने कहा कि मेरी बेटी पुलिस कांस्टेबल की लिखित परीक्षा की तैयारी कर रही है, लेकिन हमारा घर ढह जाने के बाद उसके पास पढ़ने के लिए कोई जगह नहीं है. अधिकारियों ने कहा कि विध्वंस अभियान पुलिस की निगरानी में जारी रहा.
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News Source: PTI
