Droupadi Murmu: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बुखारेस्ट के पार्लियामेंट पैलेस में रोमानिया की सीनेट के अध्यक्ष मिर्सिया अब्रुडियन और चैंबर ऑफ़ डेप्युटीज़ के अध्यक्ष सोरिन ग्रिंडियानु से मुलाकात की. राष्ट्रपति मुर्मू ने शुक्रवार को रोमानियाई संसद का दौरा किया. उन्होंने दोनों देशों की संसदीय संस्थाओं के बीच आपसी सहयोग को और मज़बूत करने पर ज़ोर दिया. मुर्मू ने बुखारेस्ट के पार्लियामेंट पैलेस में रोमानिया की सीनेट के अध्यक्ष मिर्सिया अब्रुडियन और चैंबर ऑफ़ डेप्युटीज़ के अध्यक्ष सोरिन ग्रिंडियानु से मुलाकात की. राष्ट्रपति ने ‘भारत-रोमानिया संसदीय मैत्री समूह’ के सदस्यों से भी बातचीत की.
तीन दशक बाद किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की पहली यात्रा
इस मौके पर उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बांभनिया और सांसद दिनेश शर्मा व विजय बघेल भी मौजूद थे. मुर्मू गुरुवार को रोमानिया की राजकीय यात्रा पर यहां पहुंची थीं. तीन दशकों से भी ज़्यादा समय में किसी भारतीय राष्ट्राध्यक्ष की यह पहली यात्रा है. राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जीवंत संसदीय लोकतंत्र होने के नाते, दोनों देशों को अपने संसदीय संस्थानों के बीच आपसी सहयोग को और मजबूत करना चाहिए. मुर्मू ने कहा कि इस तरह की बातचीत से अनुभव और बेहतरीन तौर-तरीके साझा करने के बहुमूल्य अवसर मिलेंगे और इससे भारत-रोमानिया साझेदारी को और मजबूत करने में मदद मिलेगी.
शहीदों को दी श्रद्धांजलि
‘पैलेस ऑफ़ द पार्लियामेंट या पार्लियामेंट पैलेस रोमानिया की सबसे मशहूर इमारतों में से एक है और यह रोमानिया की संसद का केंद्र है, जहां ‘चैंबर ऑफ़ डेप्युटीज़’ और ‘सीनेट’ दोनों स्थित हैं. इसे दुनिया की सबसे बड़ी प्रशासनिक इमारतों में से एक माना जाता है. संसदीय कामकाज के अलावा इसमें ‘नेशनल म्यूज़ियम ऑफ़ कंटेम्पररी आर्ट’ भी स्थित है और यह बड़े अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों, राजकीय समारोहों और राजनयिक कार्यक्रमों के आयोजन स्थल के तौर पर भी काम आता है. इससे पहले दिन में राष्ट्रपति मुर्मू ने यहां ‘टॉम्ब ऑफ़ द अननोन सोल्जर’ (अज्ञात सैनिक का स्मारक) पर श्रद्धांजलि अर्पित की. यह स्मारक अपने शहीद सैनिकों के प्रति रोमानिया के आभार को दर्शाता है और देशभक्ति, एकता तथा शांति का राष्ट्रीय प्रतीक है.
रोमानिया का मुख्य राष्ट्रीय स्मारक है ‘अनजान सैनिक का मकबरा’
‘अनजान सैनिक का मकबरा’ रोमानिया का मुख्य राष्ट्रीय स्मारक है, जो देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले सैनिकों को समर्पित है. मूल रूप से 1923 में कैरोल पार्क में शुरू किए गए इस स्मारक में प्रथम विश्व युद्ध के दौरान शहीद हुए सैनिकों में से चुने गए एक अज्ञात रोमानियाई सैनिक के अवशेष रखे गए हैं, जो सभी गुमनाम नायकों के साहस और बलिदान का प्रतीक है. यह राष्ट्रीय यादों से जुड़ी एक ऐसी जगह है जहां महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अवसरों और विदेशी गणमान्य व्यक्तियों के दौरों के दौरान सैन्य सम्मान दिया जाता है. यह स्मारक शहीद सैनिकों के प्रति रोमानिया के आभार को दर्शाता है और देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता, शांति तथा देश की स्वतंत्रता और संप्रभुता की रक्षा के प्रति अटूट प्रतिबद्धता के एक सशक्त प्रतीक के रूप में खड़ा है.
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News Source: PTI
