Trump Tariff on India: मिडिल ईस्ट में तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 60 देशों को झटका दे दिया है. उन्होंने जबरदस्ती मजदूरी से जुड़े उत्पादों के खिलाफ एक बड़ा एक्शन लिया है. ट्रंप ने भारत और 16 दूसरे देशों से आयात होने वाले सामान पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया है. पिछले महीने जब अमेरिका ने ट्रेड एक्ट के सेक्शन 301 के तहत टैरिफ का प्रस्ताव रखा था, तो US ने भारत को 12.5 प्रतिशत टैरिफ के स्लैब में रखा था, लेकिन जब भारत के जबरन मजदूरी के खिलाफ लिए गए एक्शन पर ध्यान दिया गया तो टैरिफ घटाकर 10 प्रतिशत किया गया.
60 देशों पर लगा टैरिफ
नई दरें शुक्रवार यानी आज से ही लागू होंगी. यह फैसला US ट्रेड रिप्रेजेंटेटिव (USTR) से सलाह-मशविरा करने के बाद लिया गया. अमेरिका ने भारत समेत कुल 60 देशों पर नए टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. जिन देशों के पास जबरदस्ती मजदूरी से बने सामान पर रोक लगाने वाले सही कानून नहीं हैं, उन पर 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगेगा. वहीं, भारत, कनाडा, यूनाइटेड किंगडम, बांग्लादेश और पाकिस्तान समेत 17 देशों पर 10 प्रतिशत टैरिफ लगेगा. बाकी 43 देशों पर 12.5 प्रतिशत टैरिफ लगेगा. हालांकि यह टैरिफ उन कच्चे माल पर लागू नहीं होगा जो US में पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं हैं या उन जरूरी उत्पादों पर जिनकी कमी से सप्लाई चेन में रुकावट आ सकती है.
मानवीय अधिकारों की रक्षा के लिए लिया फैसला
अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीर ने कहा कि इस कदम का मकसद मानवीय अधिकारों के उल्लंघन और गलत ट्रेड प्रैक्टिस को रोकना है. साथ ही दुनिया भर में काम करने वालों के हितों की रक्षा करना है. भारत ने 14 जून को अपनी फॉरेन ट्रेड पॉलिसी में बदलाव करके जबरदस्ती मजदूरी से बने सामान के आयात पर रोक लगा दी. इस बदलाव पर US अधिकारियों ने भी ध्यान दिया है. ट्रंप प्रशासन ने यह कार्रवाई तब शुरू की गई, जब US सुप्रीम कोर्ट ने पिछले साल फरवरी में लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ को गैर-कानूनी घोषित कर दिया. इसके बाद US ने सभी देशों पर टेम्पररी 10 प्रतिशत टैरिफ लगाया, जो अब खत्म हो रहा है.
भारत ने टैरिफ का विरोध किया
उद्योग विशेषज्ञ अभिक सेनगुप्ता के मुताबिक, भारत पर टैरिफ एक छोटा सा बदलाव हो सकता है, लेकिन यह इस बात का इशारा है कि US भारत के साथ अपने कूटनीतिक और आर्थिक रिश्ते बनाए रखना चाहता है. भारत ने USTR के इस फैसले विरोध किया है और कहा है कि इन मुद्दों पर दोनों देशों के बीच चल रहे द्विपक्षीय व्यापार समझौता वार्ता के तहत चर्चा होनी चाहिए. अमेरिका भारत का दूसरा सबसे बड़ा ट्रेडिंग पार्टनर है और भारतीय निर्यात के लिए सबसे बड़ा मार्केट है. कॉमर्स डिपार्टमेंट के अनुमान के मुताबिक, 2025 में दोनों देशों के बीच सामान का व्यापार लगभग $141 बिलियन हुआ, जिसमें भारत का निर्यात लगभग $87.3 बिलियन होने का अनुमान है.
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News Source: PTI
