Home Top News सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर दिल्ली HC सख्त, MCD और सरकार को नोटिस; कही ये बात

सत्य निकेतन बिल्डिंग हादसे पर दिल्ली HC सख्त, MCD और सरकार को नोटिस; कही ये बात

by Sachin Kumar 7 September 2026, 6:26 PM IST (Updated 7 September 2026, 6:27 PM IST)
7 September 2026, 6:26 PM IST (Updated 7 September 2026, 6:27 PM IST)
Delhi HC stance Satya Niketan building collapse

Delhi Building Collapse: दिल्ली के सत्य निकेतन इलाके में पांच मंजिला इमारत गिरने की घटना पर दिल्ली उच्च न्यायालय ने सोमवार को नाराजगी और दुख जताया. सुनवाई के दौरान अदालत ने इस हादसे को बेहद दुर्भाग्यपूर्ण बताया. कोर्ट ने कहा कि ऐसी घटनाओं के लिए केवल बिल्डिंग मालिक ही जिम्मेदार नहीं है, बल्कि एमसीडी और दिल्ली सरकार की भी जवाबदेही तय होनी चाहिए. बता दें कि सत्य निकेतन में हुए इस हादसे में अब तक सात लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि कई अन्य लोग घायल हुए हैं.

बचाव कार्य में लाई जाए तेजी

चीफ जस्टिस देवेंद्र कुमार उपाध्याय की अध्यक्षता में बेंच ने मामले की सुनवाई की. उन्होंने कहा कि अभी भी कई छात्र मलबे के नीचे दबे हुए हैं और इससे ज्यादा शर्म की कोई बात नहीं हो सकती है. आप ऐसे हादसों को रोकने के लिए क्या कर रहे हैं? इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने उच्च न्यायालय को भरोसा दिलाया कि लोगों की जान बचाने के लिए सभी संभव कदम उठाए जा रहे हैं. साथ ही कोर्ट ने अधिकारियों से रेस्क्यू ऑपरेशन तेज करने के निर्देश दिए.

स्टूडेंट की सुरक्षा पर जताई चिंता

हाई कोर्ट ने अधिकारियों को राहत और बचाव कार्य में तेजी लाने के लिए कहा है. साथ ही मलबे के नीचे दबे हुए लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकालकर उन्हें अस्पताल पहुंचाए ताकि बची जिंदगी को बचाया जा सके. हाई कोर्ट ने कहा कि 50 छात्रों की जान दांव पर लगी हुई है और कुछ स्टूडेंट तो अभी भी मलबे के नीचे दबे हुए हैं. हाई कोर्ट ने यह भी स्पष्ट शब्दों में कह दिया कि जब कोई बिल्डिंग गिरती है तो उसके लिए सिर्फ मालिक ही जिम्मेदार नहीं होता है बल्कि संबंधित विभाग की भी जिम्मेदारी होती है कि वह सुरक्षा मुहैया कराए. हाई कोर्ट ने कहा कि अगर सरकारी अधिकारी कानून के अनुसार अपनी जिम्मेदारियों का पालन करते तो इस घटना को रोका जा सकता था.

हालात का जायजा लेने सत्य निकेतन पहुंचीं सीएम रेखा गुप्ता, ABVP ने की MCD कमिश्नर के इस्तीफे की मांग

ज्यादातर स्टूडेंट दिल्ली से बाहर के रहने वाले

उच्च न्यायालय ने कहा कि जिस पीजी की बिल्डिंग ढही है उसमें रहने वाले स्टूडेंट ज्यादातर दिल्ली से बाहर रहने वाले हैं. कोर्ट ने कहा कि दिल्ली यूनिवर्सिटी में हॉस्टल की संख्या कम होने की वजह से ज्यादातर स्टूडेंट्स को बाहर रहने की नौबत पड़ती है. कोर्ट ने यह भी कहा कि यह बेहद चिंता की बात है. सरकार की तरफ से पर्याप्त हॉस्टल नहीं बनाए गए हैं और दिल्ली सरकार हॉस्टल को नियम को लागू नहीं कर पा रही है. इसके अलावा अदालत ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पीजी चलाने वाले लोगों को नियमों का पालन करना चाहिए. कई बार दो मंजिल की इजाजत लेकर पांच-छह मंजिल बना दी जाती है.

दिल्ली विश्वविद्यालय को भी जारी किया नोटिस

उच्च न्यायालय ने MCD को निर्देश दिया है कि वह दिल्ली में चलने वाले PG और हॉस्टल का एक हफ्ते के भीतर ऑडिट करें. साथ ही अब एमसीडी को बताना होगा कि दिल्ली में हॉस्टल और पीजी चलाने के लिए कोई नियम है या नहीं. कोर्ट ने दिल्ली विश्वविद्यालय से भी जानकारी साझा करने का निर्देश दिया है कि दिल्ली से बाहर के रहने वाले स्टूडेंट इस वक्त पढ़ रहे हैं. साथ ही वर्तमान में उनके लिए कितने हॉस्टल मौजूद हैं.

सत्य निकेतन : इमारत के मालिक पर पुलिस का शिकंजा! राजस्थान के भिवाड़ी से किया गिरफ्तार

News Source: PTI

You may also like

Live Times logo

Feature Posts

Newsletter

@2026 Live Time. All Rights Reserved.

Are you sure want to unlock this post?
Unlock left : 0
Are you sure want to cancel subscription?