Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच चार सालों से जारी जंग को समाप्त करने के लिए अमेरिका ने एक फिर अपनी कोशिशें तेज कर दी हैं. इसी सिलसिले में अमेरिकी दूत स्टीव विटकॉफ और जेरेड कुशनर रविवार को यूक्रेन की राजधानी कीव पहुंचे हैं. इससे एक दिन पहले दोनों अमेरिकी दूत ने राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से मुलाकात की थी. हालांकि, शांति वार्ता शुरू होने से पहले ही यूक्रेन ने उस मांग को खारिज कर दिया है, जिसमें डोनेट्स्क और लुहान्स्क जैसे उन इलाकों से पीछे हटने की बात कही गई है, जिन पर फिलहाल रूस का कब्जा है. पिछले छह महीने से ईरान युद्ध पर फोकस होने की वजह से शांति की पहल धीमी हो गई थी. वहीं, अमेरिकी दूतों की यह यात्रा शनिवार को मॉस्को में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ बैठक के बाद शुरू हुई. साथ ही दोनों पक्षों की तरफ से जारी साढ़े चार साल से जारी युद्ध में हमले तेज कर दिए हैं. रूस ने जेट-पावर्ड ड्रोन का इस्तेमाल करना शुरू कर दिया और कीव में हवाई हमले की सायरन बजने वाली आवाज अब रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई है. इसके अलावा यूक्रेनी सैनिकों को 1250 किलोमीटर लंबी फ्रंट लाइन पर आगे बढ़ने में मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है.
आखिरी दौर में तीन देशों के NSA को शामिल किया
यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने रविवार को अमेरिकी दूतों के साथ तीन दौर की वार्ता की. आखिरी दौर में यूनाइटेड किंगडम, फ्रांस और जर्मनी के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार भी शामिल हुए. जेलेंस्की ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि बातचीत के दौरान सर्दियों से पहले एयर डिफेंस और एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए विंटर पैकेज का मुद्दा उठाया गया. उन्होंने कहा कि कीव इस मामले में अमेरिकी सपोर्ट के साथ-साथ यूरोपीय सहयोगियों से भी बड़े पैमाने पर मदद की उम्मीद कर रहा है. यूक्रेन के राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिकी अगले साल पैट्रियट इंटरसेप्टर मिसाइलों का प्रोडक्शन बढ़ाने की योजना बना रहा है. साथ ही जर्मनी भी मौजूदा लाइसेंसिंग समझौतों के तहत अपना प्रोडक्शन बढ़ा रहा है. वहीं, रूस ने इस महीने के आखिर में होने वाले स्टेट ड्यूमा चुनाव से पहले यूक्रेनी शहरों पर हमले तेज कर दिए हैं. जेलेंस्की ने इन हमलों को नागरिकों के खिलाफ जानबूझकर किया गया आतंक बताया और कहा कि यूक्रेन 67 घरेलू कंपनियों के साथ मिलकर ऐसे सिस्टम विकसित कर रहा है जो रूस के जेट-पावर्ड ड्रोन के बड़े पैमाने पर मार गिरा सकें. यूक्रेनी नेता ने कहा कि हमारे इलाके से जुड़ा मुद्दा अभी भी अहम है, लेकिन उन्होंने अपनी बात दोहराई कि ऐसे मुश्किल मुद्दों को सिर्फ नेताओं के स्तर पर ही सुलझाया जा सकता है.

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जेलेंस्की ने मांगी लंबे समय की सुरक्षा गारंटी
यूक्रेन युद्ध के बाद के पुनर्निर्माण के लिए लंबे समय की सुरक्षा गारंटी और आर्थिक मदद पर भी चर्चा हुई. साथ ही एक मजबूत यूक्रेनी सेना सुरक्षा की मुख्य गारंटियों में से एक बनी हुई है. जेलेंस्की ने कहा कि दोनों पक्ष यूक्रेन, अमेरिका और यूरोप के साथ एक बैठक करने पर सहमत हुए हैं. हालांकि, अभी जगह तय नहीं हुई है. इसी बीच विटकॉफ ने कहा कि अमेरिका इस संघर्ष का कूटनीतिक समाधान चाहता है, न कि सैन्य समाधान. पिछले दिन हुई बातचीत का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि मास्को में हुई बैठक से नए विचार सामने आए जिन्हें बाद में कीव में लाया गया. इसके अलावा उन्होंने फ्रांस, जर्मनी और यूके के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों की मौजूदगी की ओर इशारा करते हुए कहा कि किसी समझौते तक पहुंचने के लिए सभी का सहयोग बहुत जरूरी है. विटकॉफ ने यह भी कहा कि दोनों पक्षों को समझौते करने होंगे. उन्होंने आगे कहा कि मुझे लगता है कि हमारे पास उस स्थिति तक पहुंचने के लिए जरूरी चीजें मौजूद हैं.

दोनों पक्षों के पास फायदे मिलने का समय
वहीं, जब विटकॉफ से पूछा गया कि अगर बातचीत का कोई ठोस नतीजा नहीं निकलता है तो क्या वाशिंगटन रूस पर दबाव बढ़ाने के लिए तैयार है. इस पर कुशनर ने कहा कि अमेरिका का नजरिया दोनों पक्षों के लिए फायदेमंद नतीजा पाने का है. उन्होंने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप न सिर्फ लड़ाई खत्म करने पर बल्कि एक ऐसा ढांचा तैयार करने पर ध्यान दे रहे हैं जिससे असल में लंबे समय तक चलने वाली शांति कायम हो सके. उन्होंने बताया कि विटकॉफ ने एक दिन पहले पुतिन के साथ रचनात्मक और ठोस बातचीत की थी. इस दौरान इस बात पर चर्चा हुई कि रूस, यूक्रेन और बाकी दुनिया को इस समझौते से क्या फायदा हो सकता है. कुशनर ने कहा कि दोनों दूतों को उम्मीद है कि रूस और यूक्रेन को सीधे तौर पर शामिल करते हुए त्रिपक्षीय बातचीत फिर से शुरू की जा सकेगी. उन्होंने यह भी स्पष्ट कर दिया कि वाशिंगटन यूक्रेन के अधिकारियों के साथ लगभग रोजाना संपर्क में रहता है, भले ही वे वहां का दौरा न कर रहे हों. इसके अलावा मास्को में शनिवार को हुई तीन से घंटे ज्यादा बैठक चली और यह बिना किसी बड़ी घोषणा के खत्म हो गई. पुतिन के विदेश नीति सलाहकार यूरी उशाकोव ने बातचीत को रचनात्मक और उपयोगी बताया. हालांकि, उन्होंने किसी खास नतीजे पर पहुंचने की बात को स्वीकार नहीं किया.

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पहले भी हुई थी मास्को की यात्रा
उशाकोव ने कहा कि मास्को ने यूक्रेन में युद्ध के मैदान की स्थिति का अपना विस्तृत आकलन भी पेश किया. बताया जा रहा है कि यह बातचीत सिर्फ यूक्रेन युद्ध पर केंद्रित नहीं थी. उन्होंने कहा कि आर्थिक मुद्दों और रूस तथा अमेरिका के लिए संभावित रूप से बड़े, आपसी फायदे वाले संयुक्त प्रोजेक्ट्स पर काफी विस्तार से चर्चा की गई. विटकॉफ और कुशनर की मास्को की लास्ट यात्रा जनवरी में हुई थी और उन्होंने इस दौरान क्रेमलिन में पुतिन के साथ बातचीत भी की थी. साथ ही उस वक्त पुतिन और जेलेंस्की इस बात पर सहमत हो गए थे कि वह दोनों एक-दूसरे की राजधानी पर हमला नहीं करेंगे. इसके बाद भी दोनों तरफ से कई बार राजधानी पर हमले किए गए.
रूस ने 258 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया
यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस ने बताया कि रविवार की रात यूक्रेन के कई इलाकों में रूसी हमलों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि 10 लोग घायल हो गए. जापोरिज्जिया में ड्रोन हमलों में 74 साल के एक व्यक्ति की मौत हो गई और तीन लोग घायल हो गए. ख्मेलनित्सकी इलाके में एक ड्रोन ने अपार्टमेंट की एक इमारत को नुकसान पहुंचाया गया और यहां पर गंभीर रूप से सात लोग घायल हो गए. इसके अलावा यूक्रेन की वायु सेना ने रविवार को बताया कि उसने रात भर में रूस द्वारा छोड़े गए 108 ड्रोनों में से 82 और छह मिसाइलों को रोककर नष्ट कर दिया. बेलगोरोद सीमावर्ती इलाके के स्थानीय अधिकारियों ने बताया कि रूस में एक यूक्रेनी ड्रोन के एक गाड़ी से टकराने पर एक व्यक्ति की मौत हो गई और एक महिला गंभीर रूप से घायल हो गई. वहीं, रूस के रक्षा मंत्रालय ने रविवार को कहा कि उसकी वायु रक्षा प्रणालियों ने रात भर में 14 रूसी इलाकों, रूस के कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप और काला सागर व आजोव सागर के ऊपर 258 यूक्रेनी ड्रोनों को मार गिराया.

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लोगों को उम्मीद है कि शांति जरूर आएगी
कीव में रविवार को यूक्रेन के शहीद सैनिकों के सम्मान में सुबह 9 बजे देश भर में रखे गए मौन में दर्जनों लोग शामिल हुए. यह एक रोजाना होने वाला कार्यक्रम है जो देश भर के शहरों में आयोजित किया जाता है. 67 वर्षीय नतालिया लिपेई, जिनके बेटे विक्टर की दिसंबर 2022 में मौत हो गई थी वह भी शामिल हुईं. तबीयत खराब होने के बाद भी वह इसमें हिस्सा लेने के लिए एक शहर से दूसरे शहर गईं. उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि मॉस्को और कीव में होने वाली बातचीत से आखिरकार युद्ध खत्म हो जाएगा. लिपेई ने द एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि मुझे उम्मीद है कि इन कदमों और बैठकों से निश्चित रूप से नतीजे निकलेंगे, क्योंकि यहां इतना खून-खराबा और इतनी मौतें हुई हैं कि हमें यह सब रोकना ही होगा. बातचीत को लेकर उनकी उम्मीद से हर कोई सहमत नहीं था.
कूटनीति से खुलेगा शांति का रास्ता
दूसरी ओर 27 वर्षीय वीडियो एडिटर ओलेक्जेंडर पास्तुखोव शक था कि दूतों के दौरे से कुछ बदलेगा. उन्होंने कहा कि हमने पहले भी ऐसे प्रतिनिधिमंडलों को यहां आते देखा है. हमने तीन दिन के तथाकथित संघर्ष-विराम को देखा है, जो कुछ ही घंटों में खत्म हो गया था. अब हमसे यह उम्मीद की जा रही है कि हम भोलापन दिखाते हुए सोचें कि दो लोग आएंगे और कुछ बदल देंगे. रविवार की अपनी प्रार्थना में पोप लियो XIV ने यूक्रेन में शांति के लिए अपनी अपील दोहराई और कहा कि उन्हें उम्मीद है कि बातचीत से नतीजे निकलेंगे. वेटिकन के सेंट पीटर्स स्क्वायर में जमा श्रद्धालुओं से उन्होंने कहा कि मुझे उम्मीद है कि बातचीत फिर से शुरू करने के लिए हाल के दिनों में की गई कोशिशों के ठोस नतीजे निकलेंगे और कूटनीति का रास्ता खुलेगा.
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