Mizoram Voter List: मिजोरम में सोमवार को स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के तहत वोटर लिस्ट में बड़ा बदलाव हुआ है. इस दौरान 78,442 नाम हटाए गए हैं, जबकि 39,243 नए मतदाताओं के नाम जोड़े गए हैं. इसके बाद राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या बढ़कर 8.35 लाख हो गई है. राज्य की मुख्य निर्वाचन अधिकारी (CEO) गरिमा गुप्ता के अनुसार, फाइनल वोटर लिस्ट में करीब 4 लाख पुरुष और 4.32 लाख महिला मतदाता शामिल हैं. इसके अलावा पहली बार एक थर्ड जेंडर मतदाता को भी सूची में शामिल किया गया है. बता दें कि मिजोरम में 20 मई को SIR प्रक्रिया शुरू की गई थी. यह देशव्यापी मतदाता सूची पुनरीक्षण प्रक्रिया के तीसरे चरण का हिस्सा था, जिसमें 15 राज्य और दो केंद्र शासित प्रदेश शामिल थे.
39,243 वोटर जोड़े गए
गरिमा गुप्ता ने बताया कि SIR से पहले राज्य में 8.75 लाख रजिस्टर्ड वोटर थे और उन सभी को एन्यूमरेशन फॉर्म दिए गए थे. उन्होंने यह भी कहा कि इसमें से 8,28,906 वोटर ने फॉर्म जमा किए, जबकि 46,162 फॉर्म जमा नहीं हो पाए. इसके बाद कमीशन ने उन वोटरों के नाम को लिस्ट से हटाने का फैसला किया. राज्य की मुख्य चुनाव अधिकारी ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि 4 जुलाई को जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में 8,28,906 वोटर थे. इसके बाद 2 सितंबर को खत्म हुए दावे और आपत्तियों के समय 32,280 और नाम हटाए गए जबकि 39,243 वोटर जोड़े गए. इस तरह से ड्राफ्ट लिस्ट के मुकाबले फाइनल लिस्ट में वोटरों की संख्या में 6,963 वोटरों की बढ़ोतरी हुई है.
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आईजोल में सबसे ज्यादा वोटर
CEO ने बताया कि फाइनल वोटर लिस्ट के मुताबिक, आइजोल में सबसे ज्यादा 2.78 लाख वोटर हैं. इसके बाद लुंगलेई जिला (97,172) और लॉंगत्लाई जिला (90,715) आते हैं. साथ ही 2019 में बने ह्नाहथियाल जिले में सबसे कम 14,667 वोटर हैं. इसके अलावा गुप्ता ने यह भी कहा कि आइजोल नॉर्थ-I में सबसे ज्यादा बढ़ोतरी हुई है, जहां पर 1394 वोटर बढ़े हैं. लुंगलेई जिले के वेस्ट तुइपुई में सबसे ज्यादा कमी देखी गई है. ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के मुकाबले 1800 वोटर कम हो गए हैं.
6 सितंबर को जारी होनी थी लिस्ट
इसके अलावा आइजोल नॉर्थ-II की बात की जाए तो यहां पर सबसे ज्यादा लिंगानुपात दर्ज किया गया है. यहां पर 1000 पुरुष वोटर पर 1221 महिला वोटर थीं. दूसरी ओर वेस्ट तुइपुई में लिंगानुपात सबसे कम था. यहां पर 1000 पुरुषों पर 848 महिलाएं थीं. गरिमा गुप्ता के मुताबिक, फाइनल वोटर लिस्ट असल में 6 सितंबर को जारी होनी थी, लेकिन रविवार होने की वजह से इसे सोमवार को जारी किया गया. उन्होंने कहा कि SIR प्रक्रिया देश की सबसे सुचारू प्रक्रिया में से एक है. साथ ही CEO ने तीन महीने तक चली इस प्रक्रिया के दौरान सहयोग के लिए राजनीतिक दलों, संगठनों, चर्चों, समुदाय के नेताओं और मीडिया का धन्यवाद किया.
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News Source: PTI
