US Tariff on India: अमेरिकी संसद ने ‘लिंडसे ओ ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026’. बुधवार शाम को संसद ने ने 262-159 वोटों से बिल को मंजूरी दे दी और अब यह कानून बनने के लिए राष्ट्रपति ट्रंप के पास जाएगा. 203 रिपब्लिकन के अलावा, 58 डेमोक्रेट और एक इंडिपेंडेंट सीनेटर ने कानून के पक्ष में वोट किया. सात रिपब्लिकन और 152 डेमोक्रेट ने इसका विरोध किया. यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को भारत और चीन समेत रूस से तेल-गैस खरीदने वाले देशों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का अधिकार देता है.
ट्रंप को मिलेंगे असीमित अधिकार
डेमोक्रेट्स का विरोध ज़्यादातर ट्रंप को दी गई टैरिफ अधिकारों पर था, क्योंकि इससे ट्रंप को देशों पर असीमित टैरिफ लगाने का अधिकार मिल जाता है. इस बिल का नाम साउथ कैरोलिना के रिपब्लिकन सीनेटर लिंडसे ग्राहम के नाम पर रखा गया है, जिनकी जुलाई में मौत हो गई थी. उन्होंने इसके लिए एक साल से ज़्यादा समय तक समर्थन दिया था. बिल पर बहस के दौरान डेमोक्रेट कांग्रेसी रिचर्ड नील ने कहा, “हम राष्ट्रपति को और ज्यादा टैरिफ अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं.” यह बिल न सिर्फ रूस की लीडरशिप और एनर्जी सेक्टर पर, बल्कि उन जहाजों के “शैडो फ्लीट” पर भी बैन लगाने की कोशिश करता है जो मॉस्को को तेल डिलीवरी पर बैन से बचने में मदद करते हैं.
पक्ष में बोले डेमोक्रेट्स
बिल पास होने के बाद डेमोक्रेटिक सीनेटर रिचर्ड ब्लूमेंथल ने रिपोर्टर्स से कहा, “चीन और भारत, बेहतर होगा कि आप अपना तेल और गैस कहीं और से खरीदें.” डेमोक्रेटिक सीनेटर जीन शाहीन ने कहा, “रूस शैडो फ्लीट का इस्तेमाल करके वह तेल और गैस बेच रहा है, जिसका मतलब है कि इसे मार्केट रेट से कम पर खरीदा जा रहा है और यह ज़्यादातर चीन और भारत जैसे देशों में जा रहा है.” शाहीन ने कहा, “चीन रूसी तेल और गैस का सबसे बड़ा यूजर है और हमें न सिर्फ पुतिन को, बल्कि चीन को और जो कोई भी रूसी तेल और गैस खरीद रहा है, उसे एक बहुत कड़ा मैसेज भेजने की जरूरत है कि उन्हें इसकी कीमत चुकानी पड़ेगी.” यह बिल चीन के प्रेसिडेंट शी जिनपिंग के US दौरे से कुछ दिन पहले पास हुआ है.
क्या चाहते हैं ट्रंप?
US का मानना है कि भारत, चीन और अन्य देशों के रूस से तेल और गैस खरीदने से उसे आर्थिक मदद मिल रही है, जिसका इस्तेमाल वह यूक्रेन के खिलाफ जंग में कर रहा है. यह बिल राष्ट्रपति ट्रंप को भारत और चीन समेत रूस के बड़े ऑयल ट्रेडिंग पार्टनर्स पर 100% टैरिफ लगाने का अधिकार भी देता है. US सीनेट से 7 अगस्त को पास हुए इस बिल में रूस के ट्रेडिंग पार्टनर्स का नाम नहीं है, लेकिन इसमें वॉल्यूम के हिसाब से तेल और गैस के पांच सबसे बड़े इंपोर्टर्स का जिक्र है. इसलिए, यह साफ नहीं है कि US भारत पर कितना और कब टैरिफ लगाएगा.
भारत पर 100 % टैरिफ लगाएंगे ट्रंप! US सदन में आज होगी सैंक्शन बिल पर फाइनल वोटिंग
Neha Source: PTI
