Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त होने का नाम नहीं ले रहा है. इसी बीच यूक्रेनी राष्ट्रपति ने एक बड़ी खबर दी है और उन्होंने कहा कि अमेरिका ने शांति समझौते के लिए जून तक का समय दिया है.
Russia-Ukraine War: रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग के चार साल पूरे हो गए हैं. अभी तक किसी खास समझौते पर यह युद्ध नहीं पहुंचा है और अभी तक क्लू भी नहीं मिला है कि शांति समझौता कब होगा. इसी बीच पूर्व यूक्रेन में एक रिहायशी इलाके पर रूसी हवाई हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई और 2 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए. यह हमला उस वक्त हुआ है जब यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ने कहा था कि अमेरिका ने यूक्रेन और रूस को शांति समझौते के लिए जून की डेडलाइन दी है. यूक्रेन की स्टेट इमरजेंसी सर्विस के मुताबिक, यूक्रेन के डोनट्स्क क्षेत्र के क्रामाटोरस्क शहर पर हुए हमले से एक 9 मंजिला इमारत में आग लग गई.
रूस ने पावर ग्रिड पर किया हमला
यूक्रेन की सरकारी गैस कंपनी नाफ्टोगाज के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सेरही कोरेत्स्की ने कहा कि रूस ने रविवार रात को यूक्रेन के पोल्टावा क्षेत्र में ऊर्जा इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया. उन्होंने आगे कहा कि यूक्रेन ने बीते चार सालों में खासकर ठंड के मौसम में रूस ने यूक्रेन के पावर ग्रिड पर खतरनाक हमला किया है. इसका मकसद यूक्रेन के लोगों की लड़ने की इच्छा को कमजोर करना है, जिसके कीव के अधिकारी सर्दियों को हथियार बनाना कहते हैं. दूसरी तरफ जेलेंस्की ने शुक्रवार को पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि अमेरिका ने यूक्रेन और रूस को युद्ध खत्म करने के लिए एक डील करने के लिए जून की डेडलाइन दी है. उन्होंने आगे कहा कि अगर जून की डेडलाइन पूरी नहीं होती है तो ट्रंप प्रशासन दोनों पक्षों पर दबाव डालेगा.
अमेरिका डालेगा दोनों पक्षों पर दबाव
जेलेंस्की ने कहा कि अगर जून तक कोई समझौता नहीं होता है तो अमेरिका दोनों पक्षों पर दबाव डालने का काम करेगा. उन्होंने आगे कहा कि अमेरिकी पार्टियां इस गर्मी की शुरुआत तक युद्ध खत्म करने का प्रस्ताव दे रही हैं और वह शेड्यूल के हिसाब से दबाव बनाने का काम भी करेंगी. यूक्रेनी राष्ट्रपति ने बताया कि अमेरिका ने पहली बार अपने देश मियामी में त्रिपक्षीय बातचीत के लिए एक बैठक आयोजित की है. उन्होंने कहा कि हमने अपनी तरफ से बैठक की पुष्टि कर दी है.
साथ ही यह डेडलाइन अबू धाबी में अमेरिका की मध्य स्थता में त्रिपक्षीय बातचीत के बाद आई है. हालांकि, इस मीटिंग में कोई खास सफलता नहीं मिली और इसकी वजह है कि दोनों पक्षों अपनी-अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं. रूस यूक्रेन पर डोनबास से पीछे हटने का दबाव डाल रहा है, जहां पर जंग तेज हो गई है. इस पर कीव का कहना है कि वह कोई भी हमला स्वीकार नहीं करेगा.
यह भी पढ़ें- हूती विद्रोहियों से लड़ाई के बीच यमन में नई कैबिनेट का ऐलान, 35 सदस्यों को मिली जिम्मेदारी; जानें मामला
News Source: Press Trust of India (PTI)
